रोज़गार

निशा निइ्क ‘ख्याति’ दिल्ली ******************************************************************** नेताजी को बताओ, शहर से रोज़गार हटाकर गाँव नहीं बनाना था, गाँव में रोज़गार लाकर उसको खुशहाल बनाना था। पूछो ज़रा नेता जी से- हर चीज में गाँव को शहर के बराबर किया, महंगाई से लेकर क़मरा किराया सब एक जैसा किया, बस जो बराबर ना किया वो रोज़गार ना … Read more

तनाव

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) *********************************************** “चल रोहित लंच करते हैं”,आशीष ने रोहित से आकर कहा।आशीष रोहित का सहयोगी था। ऑफिस में लंच टाइम हो चुका था,लेकिन रोहित का आज लंच करने का मन नहीं था। वास्तव में वह घर से लंच लाया ही नहीं था। कई दिनों से वह बहुत ही ज्यादा वर्क प्रेशर में अपने-आपको … Read more

बदली मंजिल

राजकुमार जैन राजन आकोला (राजस्थान) ****************************************************** लिखना चाहूँगा तुम्हारा इतिहास, अतीत से जुड़े पलों को कुछ इस तरह पत्थर पर उकेरूँगा कि तुम, आज भी हो मेरे अहसासों में। मन के रेगिस्तान में, कुरेदे गए मेरे जख्मों को तुमने ही सिया था प्रेम के धागे और विश्वास की सुई से, मैं पिघलता रहा पल दर पल … Read more

विमल प्रेम होता सफल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** स्वार्थ खड़ा है सामने,लाज तोड़ बीच प्यार। कहाँ चारु अन्तर्मिलन,इश्क आज बीमार॥ चाह कशिश अन्तर्मना,बिन उल्फ़त अहसास। मिले जीत विश्वास को,निर्मल हो आभास॥ विमल प्रेम होता सबल,त्याग शील आधार। आज पस्त कामुक फ़िजां,फँसा इश्क मँझधार॥ मधुरिम हो मन चिन्तना,भाव परस्पर प्रीत। नव तरंग नवरंग से,प्रेम मिलन उद्गीत॥ हुस्न … Read more

…तभी बनोगे दुनिया में नवाब

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* जिन्दगी आज भी जुआं है…, एक अधूरी-सी दुआ हैl कोई सुना देता है फरमान, तोड़ देता है अरमानl आसमान नहीं जमीन चाहिए, बस जिन्दा जमीर चाहिएl मानती हूँ लाख है कमी, फिर भी छुपा लेती हूँ नमीl जब थाम लेती हूँ अपना हाथ, नहीं छोड़ती हूँ खुद का साथl अजीब-सा … Read more

हे वीणा वाली

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) *********************************************************************** वीणा वाली शारद मैया,हमको दे दो ज्ञान, नन्हें-नन्हें बच्चे हैं हम,करें आपका ध्यान। चरणों में हम शीश झुकाते,करते हैं सम्मान, हाथ जोड़ कर विनती करते,करेंगे न अपमान। दीप ज्ञान की जल जाए माँ,करते सभी प्रणाम, हम भी आगे बढ़ते जाएं,जग में हो सब नाम। आशीर्वाद हमें दो माता,करें नेक … Read more

अपना बना तो सही

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** चुरा लूं तेरे रंजो-गम सारे, तू मेरे पास आ तो सही। छुपा लूं तुझे दिल में अपने, तू मुझसे नज़रें मिला तो सही। किस बात ने कर रखा है परेशान तुझे, तू इसका पता मुझे बता तो सही। ये इश्क है बिल्कुल भी आसान नहीं, तू दिल्लगी अपनी मुझे … Read more

हिंदी मेरी भाषा

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** सोचता हूँ तो गर्वित होता, मैं इसी सोच में रहता। भरती मन में जो है आशा, देती कभी ना हमें निराशा। वह कोई और नहीं है, प्यारी मेरी है हिंदी भाषा॥ स्वयं माँ शारदा के मुख से निकली, ब्रह्मा के मन में है उपजी। बड़े-बड़े ऋषि मुनियों ने गाई, इसकी महत्ता … Read more

पुस्तक अपनी मित्र

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** पुस्तक अपनी मित्र है,रखना इसे सम्हाल। साथ निभाती है यही,हर युग औ हर काल॥ शब्दों का भण्डार है,यही खजाना ज्ञान। जो भी पढ़ता है इसे,वो बनता धनवान॥ बच्चे-बूढ़े हैं सभी,लेते इससे ज्ञान। फुर्सत में सुख देत हैं,धर्म-कर्म विज्ञान॥ पुस्तक की दुनिया भली,देती इक संसार। अपनों के आनन्द में,फिर … Read more

ख़ुशी

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* ख़ुशी होती है चुलबुली, तितली-सी होती सही कभी वो फूल-कभी वो डाली, अभी है अभी जो उड़ी। भावनाओं से रहती है जुड़ी, ख़ुशी जो होती है चुलबुली तलाशता है हर मन, ख़ुशी संग हो ख़ुशी। मुस्कुराहट और हँसी, अधरों पर खूब सजती पर आँखों की पुतलियों में, हीरे-सी … Read more