कठपुतली

षैजू के. पालक्काट (केरल) ************************************************************* कठपुतली हो उसके हाथों की, फिर नाज़-नखरा कैसा नाचो जैसे नाचना है, वह आका है तुम्हाराl धागे हैं उसके हाथों में, कभी दाएं-कभी बाएं कभी उत्तर-कभी दक्षिणl करवाते हैं नौ रस को अभिनीत, जीवन के नाट्य मंच पर हँसो या रोओ, प्रतिरोध करो या सह लो नाचना तो होगा ही, … Read more

बीज वो अमन के बो गए…

दीपा गुप्ता ‘दीप’ बरेली(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** (तर्ज-उनसे मिलकर देखिए कितने मुक़म्मल हो गए। रचना शिल्प:२१२२ २१२२ २१२२ २१२) वीर धरती पर निछावर देश के लो हो गए। प्राण पण से वो लड़े अहले वतन हम रो गए। आँख नम हैं हम सभी की देख कर कुर्बानियां, देश की खातिर दीवाने नींद मीठी सो गए। नाम … Read more

नहीं आऊँगा…

शिव सागर तिवारी ‘सुल्तानपुरिया’ सुल्तानपुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** हाले दिल मैं सुनाने,नहीं आऊँगा, और कुछ भी जताने,नहीं आऊँगा, तुम हो वाकिफ़ बहुत मेरे हालात से- जा रहा हूँ रुलाने,नहीं आऊँगा।

जहर बांटते हैं…

डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी सिवनी(मध्यप्रदेश) ****************************************************** दबा पान मुख में बगल देखते हैं, सदा थूकने की जगह झांकते हैं। कभी भी कहीं भी पचक कर चलें वो, बड़ी शान से फिर सड़क नापते हैं। इधर भी नजर है,उधर की खबर भी, शहर ये हमारी डगर जानते हैं। बहे लार मुँह से अधर लाल करते, बना लार कैंसर … Read more

फिर भरेंगे उड़ान,रुकेंगे नहीं…

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** कदम ठिठके हैं,पर रुकेंगे नहीं, फिर आगे बढ़ेंगे,रुकेंगे नहीं। गर्व है देश पर,विज्ञान पर, फिर भरेंगे उड़ान,रुकेंगे नहीं। उतार-चढ़ाव तो है जिंदगी, है बहुत हौंसला,रुकेंगे नहीं। मिशन पाक हो या चन्द्रयान, तिरंगा लहराएंगें,रुकेंगे नहीं। विक्रम जहाँ पहुंचा,बड़ी बात, ठान लिया जो,रुकेंगे नहीं। हम ना हारें,ना डरें कभी, लक्ष्य सामने,रुकेंगे नहीं। … Read more

इकरार

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* हाथों में हाथ लेकर इकरार करती हूँ, हाँ सजन,मैं तुमसे प्यार,प्यार करती हूँ। मेरे जीवन बगिया के तुम ही तो माली, सिंदूर तुम हो माँग का,मेरे होंठों की लाली। तेरे लिये ही प्रियतम श्रृंगार करती हूँ, हाँ सजन,मैं तुमसे प्यार,प्यार करती हूँ॥ तुम जिन्दगी हो मेरी हो साँसो की सरगम, … Read more

चंद्रमय हुआ ‘चंद्रयान-२’

रूपेश कुमार सिवान(बिहार)  ******************************************************** चंद्रमय हुआ ‘चंद्रयान-२’ भारत सिरमौर हुआ चाँद पर, दुनिया में सबसे पहले झण्डा फहराया चाँद पर… सब उनकी जयघोष करते दुनिया में। श्वेत चाँद आज तिरंगे में लहरा दुनिया जिसका जयगान करती आज, भारत माँ के लाल वैज्ञानिकों ने… भारतमाता का मान-सम्मान बढ़ाया। गर्व है भारत माँ को चाँद से चंद्रयान … Read more

किताबें ज्ञान की अनमोल धरोहर

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** हर जिज्ञासु के मन में पाने की चाह है, मंजिल तक पहुंचाने की यही एक राह है। नया करने का इनमें बनता ख़्वाब है, जिंदगी में सबसे अच्छी दोस्त किताब है। इसी में कबीर के दोहे एवं संतों की वाणी है, इसी में अच्छी कविता एवं अच्छी कहानी है। … Read more

उनकी तरह

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** बच्चे खेल रहे थे क्रिकेट, मैं पहुंच गया और, खेलने लगा क्रिकेट उनके साथ, उनकी तरह। पौधारोपण, कर रहे थे कुछ लोग मिलकर, मैं पहुंच गया और, करने लगा पौधारोपण उनके साथ, उनकी तरह। एक चबूतरे पर, हो रहा था कीर्तन, मैं पहुंच गया और, करने लगा कीर्तन उनके साथ, … Read more

धरा-चालीसा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* दोहा- धरा धर्म हित कर्म कर,जीवन मनुज सुधार। संरक्षण भू का किए,भव जीवन आधारll चौपाई- प्रथम नमन करता हे गजमुख। वीणापाणी शारद मम सुखll गुरु पद कमल नमन गौरीसा। आज लिखूँ धरती चालीसाll नमन धरा हित कोटि हमारा। जिस पर गुजरे जीवन साराll मात समान धरा आचरनी। धरा हेतु हो जीवन … Read more