तिल

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* तेरे गोरे-गोरे गालों का तिल, उड़ा ले गया मेरा दिल। कितना संभाला इस नादां को, फिर भी न माना मुआ ये दिल। वो जब भी देखें हँस-हँस के, लुटा-पिटा सा रह जाता दिल। ना ये सँभलता किसी तरह से, कातिल है निकला तेरा ये तिल। उफ्फ…! मादक अदाएं चंचल … Read more

कारवां मिल गया

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** जिन्दगी की किश्ती को जमाने की किस्मत, मिल गई मौजों के तूफ़ां, उम्मीदों की धारा में उम्मीदों के साहिल, को किनारा कारवां मिल गयाl हसरत की हैसियत, दरिया पहाड़ों से निकल तमाम मुक़ामों-राहों से गुजर, समन्दर की शान नजारों का नजारा, हस्ती का सहारा बन गईl जिन्दगी तो पानी … Read more

विघ्न हरो गणराज

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** हे गणपति सबके विघ्न हरो गणराज, द्वार तिहारे आए,बनाओ सब बिगड़े काज। तूम हो भोले के सुत,माँ गौरी के लाल, हे लंबोदर वर दो हमको,हो जाएं निहाल। सुख-सम्पति के दाता,कार्तिके के भ्राता, रिद्धि-सिद्धि के तुम हो प्रदाता। मिटे क्लेश सब के दिल से दाता, प्यार ही प्यार दुनिया में रच-बस … Read more

प्रहरी

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** सैनिक प्रहरी देश के,सबको उन पर मान। कांधे पर बन्दूक है,धरे हथेली जान॥ दुश्मन बैठा सामने,करता है प्रतिघात। रक्षा करते देश की,रहते सीना तान॥ रक्षा करते देश की,निभा रहे हैं फर्ज। देशवासियों पर सदा,उनका है ये कर्ज॥ प्रहरी बनकर देश के,रक्षा करते वीर। मान धरें उनका सभी,करता हूँ मैं अर्जll … Read more

क्या कहोगे तुम इसे

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** तुम दीप जलाते हो, मैं रोशनी देता हूँ। तुम दिल जलाते हो, मैं खुद जलता हूँ। तुम प्यार करते हो, हम प्यार निभाते हैं। तुम खूबसूरती देखते हो, मैं गुण तलाशता हूँ। तुम्हें अमीरी भाती है, मुझे इंसानियत आती है। तुम दिखावा करते हो, हम हकीकत देखते हैंll कहाँ जाएं,कहाँ नहीं … Read more

छोटे-छोटे हाथ जोड़कर

महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़  ************************************************** छोटे-छोटे हाथ जोड़कर,प्रभु को शीश झुकाता हूँ। पूजा-पाठ न जानूँ भगवन,लड्डू भोग चढ़ाता हूँll ज्ञान बुद्धि के दाता हो तुम,संकट सब हर लेते हो। ध्यान मग्न हो जो भी माँगे,उसको तुम वर देते होll सूपा जैसे कान तुम्हारे,लड्डू मोदक खाते हो। भक्तों पर जब संकट आये,मूषक चढ़कर आते … Read more

जीवन के उस पार

राजेश पड़िहार प्रतापगढ़(राजस्थान) *********************************************************** सिर्फ नैनों में थे सपने, धरातल पर होते नहीं, जो कभी साकार। अब, अपने कद से भी ऊंचा, हो गया है उनका आकार। ये उन दिनों की बात है, जब हाथों में होता था गुल्ली-डंडा। छोटी-सी डपट पर, गरम होता खून पापा के पदचाप की आहट सुन, हो जाता था ठंडा। … Read more

वर्षा सुन्दरी

डॉ.साधना तोमर बागपत(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** रिमझिम-रिमझिम बरस रही यह,प्यारी बरखा रानी है, निर्मल-निर्मल पावन-पावन,लगती बड़ी सुहानी है। नभ में छायी घोर घटाएं, बदरवा कजरारे हैं। मोर पपीहा बोले वन में, आज मगन मन सारे हैं। मन-मयूर नर्तन करता अब,कोकिल-स्वर में वाणी है, हृदय डोल रहा है मेरा,करने को मनमानी है। आसमान से उतर रही है, … Read more

नारी ही नारायणी

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ झज्जर(हरियाणा) *********************************************************************** ‘नारी’ माँ है, बहन है बीवी है, बेटी है और हाँ, एक मित्र भी सदा सर्वदा से, मैं तेरे इन रूपों की पूजा करता आया हूँ, परन्तु कब,जब तूने माँ बन कर, वात्सल्य से मीठी-मीठी लोरियाँ गा कर खुद गीले में रह कर मुझे सूखे में सुलाया है, तो मैंने … Read more

दोहा छंद विधान

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* आओ दोहा सीख लें,शारद माँ चितलाय। सीख छंद दोहा रचें,श्रेष्ठ सृजन हो जायll ग्यारह तेरह मात्रिका,दो चरणों में आय। चार चरण का छंद है,दोहा सुघड़ कहायll प्रथम तीसरे चरण में,तेरह मात्रा आय। दूजे चौथे में गिनो,ये ग्यारह रह जायll चौबिस मात्रिक छंद है,कुल अड़तालिस होय। सुन्दर दोहे जो लिखे,सत साहित्यिक जोयll … Read more