तिल
सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* तेरे गोरे-गोरे गालों का तिल, उड़ा ले गया मेरा दिल। कितना संभाला इस नादां को, फिर भी न माना मुआ ये दिल। वो जब भी देखें हँस-हँस के, लुटा-पिटा सा रह जाता दिल। ना ये सँभलता किसी तरह से, कातिल है निकला तेरा ये तिल। उफ्फ…! मादक अदाएं चंचल … Read more