शब्दों का संसार
अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** शब्दों का होता अपना ही संसार है, शब्द से जीत शब्द से ही हार है। शब्द से टूटते शब्द से ही जुड़ते परिवार हैं, शब्द से कहीं प्यार-कहीं तकरार है। शब्द पतझर,शब्द ही बसंत बहार है, शब्द है नाव तो शब्द ही पतवार है। शब्द फूल तो शब्द ही तलवार … Read more