निभाने चला हूँ मैं

कैलाश झा ‘किंकर’ खगड़िया (बिहार) ************************************************************************************ पत्थर पे आज दूब जमाने चला हूँ मैं, मुमकिन यहाँ है कुछ भी तो गाने चला हूँ मैं। जो चीज दूर थी वो निकट आ गयी है अब, इक्कीसवीं सदी से निभाने चला हूँ मैं। तालीम की न फिक्र जहाँ है समाज को, उस गाँव में खुशी से पढ़ाने … Read more

कारगिल का युद्ध

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. विजय दिवस मनाए,तिरंगा लहराए, तिरंगा फहराए,तिरंगा लहराएl आजादी के गीत गाए,जश्न मनाए, तिरंगा लहराए,तिरंगा फहराएl कारगिल युद्ध भूमि बड़ी महान, शहीदों के लहू से हुआ श्रृंगारl भारत की सेना ने किया कमाल, पाक का हुआ था बुरा हालl मिग २७,२९ की पड़ी पाक पर बौछार, परमाणु … Read more

शहीदों के मंदिर

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. शहीदों के मंदिर बनाया करो, बलिदान उनके ना जाया करो। नहीं देता कोई भीख भी मांगने से, दिए प्राण कुछ तो लजाया करो। दिवाली हम सब मनाए मजे से, खेलें खून से होली समझाया करो। ओढ़ के सोए हम रजाई पे रजाई, ठिठुरे वे … Read more

सैनिकों को नमन

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. कितनी माताओं का पालना है टूटा, संगनी की मेहंदी का रंग है छूटाl आज भी कहती हैं कारगिल की सीमा, मिट्टी में बह रहा है सैनिक का खून धीमा-धीमाl हस्तियों को मेरे देश में रहने से लगता है डर, मेरे जवान कैसे मेरे देश पर … Read more

भूले ही कब…..

डॉ.सोना सिंह  इंदौर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************* किसे और कैसे नमन करूं ? यह सवाल हर साल साल दर साल कौंधता है मन में। कौन थे और आखिर कौन है वो ? जो खाकी हरी वर्दी में निकलते हैं घर से, फिर कभी न लौटने की संभावना के साथ। लंबे दस्तावेजों पर लिख देते हैं वो, अपना नाम … Read more

अश्वसेन अब न पालते

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष……….   आज से एक दशक पहले समय वह आया था, दुष्टों की दुष्टता शांत की सुधरो समझाया था। भरत भूमि ने उगले फिर शत्रु पर अंगारे थे, हमारा तिरंगा लह-लहाया वह शव संभाले थे। सत्य अहिंसा मूलमंत्र है पर शिवा भी पाले हैं, जब-जब ओछी … Read more

मैं बस चौकीदार

डॉ.विभा माधवी खगड़िया(बिहार) *********************************************************************************************** जिसने पहुंचाया तुम्हें,सत्ता का दरबार। तुमने दुत्कारा उसे,दुश्मन का बन यार॥ दुश्मन का बन यार,जभी मैदां में आया। देशभक्त ने टाँग,खींचकर मजा चखाया। समझ न आई बात,हराया उसको किसने। निश्चित उसकी हार,अकड़ दिखलायी जिसने॥ देखो बोलूंगा यहां,मैं बस चौकीदार। भीड़ कहेगी ‘चोर है’,जी मेरे सरकार॥ जी मेरे सरकार,नहीं ये मेरे चमचे। … Read more

सौगंध

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** सौगंध यही अब खाता हूँ,समता का सुख संसार फले, कौतुक नव चेतन हो चित में,जग सुन्दर क्रीड़ागार पले। मनु व्यथित नहीं कोई जग में,नभ तल मधुरम सुख संचित हो, करुणा रस सागर माया में,गहरी चिंता चित कंपित हो॥ सब काम करें मिल-जुल कर नित,स्वदेश हित में आराधन … Read more

पराक्रम

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** खड़े हैं सीमांत में,इस देश हित के कारने। शत्रुओं का दमन कर,आतंकियों को साधने। देश है मेरा खड़ा,हूँ दुश्मनों को मारने। गया हूँ इस समर में,या प्राण इस पर त्यागने॥ सौभाग्य मुझको धरा की,जो मातृभूमि है मेरी। दुश्मनों को मार कर,ही थमेगी गोली भरी। उठाएगा आँख जो,इस देश के भूभाग … Read more

धीरज रखो

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* चंद्र ग्रहण को देखकर, मन में उठे विचार। कोई अछूता न बचा, समय चक्र की मार॥ चंदा,सूरज को ग्रहण, देता प्राकृत चक्र। इसी भाँति इंसान को, समय सताता वक्र॥ धीरज से कटता ग्रहण, होय समय बदलाव। मानुष मन धीरज रखो, ईश्वर संग लगाव॥ सृष्टि सौर संयोग में, मत बन बाधा वीर। … Read more