जब तुम न होगे

रेखा बोरा लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ************************************************************* क़तरा-क़तरा पिघलेंगी रातें तब… ख़ामोश निगाहें ढूँढा करेंगी… रातों के काले सायों में तुमको…। चाँद का मायूस चेहरा देखकर, सितारों की आँखें भी नम होंगी, और मैं फिर से… बिखरे लफ़्जों को समेटकर… पिघलती रात की स्याही से फिर से, इक नज़्म लिखूँगी नाम तेरे…। हाँ! यही बात होगी… … Read more

बुनियाद पुख्ता कर लो

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** इश्क के इस हमारे घरौंदे की नींव हिलाएगी ही यह दुनिया, गर करनी है मोहब्बत मुझसे बुनियाद इसकी पुख्ता कर लो। ना दुनिया से लेना है मुझे कुछ ना ही दुनिया को देना है कुछ, गरीबों की गरीबी के सौदागर जो हिसाब उनसे भी चुकता कर लो। दर्द के साथ … Read more

डोली

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** (रचनाशिल्प:१६,११-२७ मात्रिक) जीवन में आने वाली है,मधुमय मधुर बहार। अगर सुरक्षित पहुँचा देंगे,डोली सहित कहार॥ घर से बाहर तक रिश्तों की,गूँज रही चीत्कार। काश मुझे बचपन में मिलते,मनु जैसे संस्कार॥ नाना जैसा साथी मिलता,तात्या गुरु पतवार। राज पेशवा-सा मिल जाता,मुझको गर परिवार॥ इस डोली का आँचल भी तब,हो जाता निस्सार। … Read more

बाप की चिंता

सुषमा मलिक  रोहतक (हरियाणा) ************************************************************************************* देख कर करतूत जमाने की,मेरा खून ख़ौल उठता है, कैसे पैदा करूँ मैं बेटी,एक बेबस बाप बोल उठता हैl अगर दुनिया में आयी मेरी बेटी,ये दरिंदे जीने ना देंगे, ना सुख से रह पाएगी वो,घूंट पानी का पीने ना देंगेl कहां छिपाऊँगा उस कली को,कहाँ-कहाँ साथ जाऊंगा, ना जाने कब … Read more

मेघ सजन घर आजा रे…

सुदामा दुबे  सीहोर(मध्यप्रदेश) ******************************************* मेरे मेघ सजन मेरे घर आजा रे, मतवारे से सजन मेरे घर आजा रेl ….मेरे मेघ सजन मेरे…ll राह निहारूँ मैं कब से तेरी, धीरज आ के बंधा जा रेl ….मेरे मेघ सजन मेरे…ll सूख गए रे मेरे ताल तलैया, नीर तो इनमें भर जा रेl ….मेरे मेघ सजन मेरे…ll जीव … Read more

जिंदगी से कभी दूर जाना नहीं

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** (रचनाशिल्प:फ़ाइलुन×४, २१२ २१२ २१२ २१२) जिंदगी से कभी दूर जाना नहीं। राह मुश्किल बड़ी,जी चुराना नहीं। दिल परेशां अगर हो जहां में कभी, आप फिर भी किसी से जताना नहीं। ऐ मेरे हमसफ़र हार कर जिंदगी, दर्द-ए-गम का आँसू बहाना नहीं। प्यार की चाह में जो भटकना पड़े, … Read more

हे देवी माँ,वरदान दे

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** हे देवी माँ, तू भय भव भंजक! जगत कल्याणी है, दुष्टों की दुर्गा काली भक्तों की रखवाली है! शक्ति दे मुझे अपनी, भक्ति का भाव भाग्य दे!! माँ शारदेय मैं आया तेरे द्वार, तुझे पुकारते मैं तेरी संतान, सुन पुकार! मेरी कामना का वर, वरदान दे!! खोजता भटकता, सारे … Read more

खेल का खुमार

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** वर्ल्ड कप क्रिकेट का, छाया हुआ खुमार है हर क्रिकेट प्रेमी राष्ट्र हेतु, करे जीत की मनुहार है। प्रशंसकों की तालियाँ, बढ़ा रहीं उत्साह। खिलाड़ियों के हौंसले हैं, दर्शकों की चाह। सब अपनी-अपनी टीम हेतु, दुआ करते नज़र आते लगते हैं छक्के तो, खुशी से झूम जाते। क्रिकेट की … Read more

सनम तेरी याद आती है…

डोमन निषाद बेमेतरा(छत्तीसगढ़) ************************************************************* जब भी तुम, मेरे नजरों के सामने दिखाई नहीं देती हो, तो दिल मेरा उदास हो जाता है। चाहत है तू मेरी, जिंदगी बन जाओ सनम तेरी याद आती है…। हर पल तुम्हें, देखकर जीना चाहता हूँ बस यही मेरी ख्वाहिश हैl जब तक तू बात करेगी, तब तक मेरी साँस … Read more

विश्वास

प्रेक्षा डॉन गोधा ‘परी’ दुर्ग (छत्तीसगढ़) ************************************************************* नहीं पकड़ूंगी पापा, मैं आपका हाथ। डरती हूँ छोड़ न दूँ, मैं आपका साथ। थामना आप ही मुझे सदा, फिर हम न बिछड़ेंगे कदा। आप पर अटल है विश्वास, साथ रहेंगे जब तक है श्वांस। सब कहते मैं माँ जैसी हूँ, नहीं जानती मैं कैसी हुँ। बढ़ाती रहूँ … Read more