चुनाव:जिताऊ और जन मुद्दों में इतना अंतर क्यों ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** उत्तर प्रदेश सहित ५ राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों ने इस सवाल को फिर रेखांकित किया है कि चुनाव जिताने वाले मुद्दे और अमूमन जनता के समझे जाने वाले मुद्दों में इतनी तफावत क्यों है ? बुद्धिजीवी जिन्हें असल मुद्दे मानकर जो महल खड़ा करते हैं,आम आदमी उससे वैसा इत्तफाक क्यों नहीं … Read more

स्वर्ण प्राशन:अत्यंत लाभकारी लुप्त विधा को पुनर्जीवित करने की जरूरत

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************** आयुर्वेद में सोलह संस्कारों का विधान है,जिनमें से एक है-जात कर्म संस्कार,जिसके अंतर्गत स्वर्ण प्राशन करवाया जाता है। बच्चे के जन्म के समय किया जाने वाला यह संस्कार आयुर्वेद के ग्रंथों अनुसार वैद्य द्वारा मंत्रोच्चार के साथ स्वर्ण भस्म युक्त स्वर्ण प्राशन करवाया जाता था।प्राचीन शास्त्र अनुसार स्वर्ण प्राशन में गाय के घी … Read more

गाय की रक्षा एवं पूजन हमारा धर्म

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)***************************************** पशुओं का ध्यान रखने के अलावा गाय का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। गाय का (गोधूलि वेला ) जंगल से घर वापस लौटने का संध्या का समय अत्यंत शुभ एवं पवित्र है। गाय का मूत्र गौ औषधि है। माँ शब्द की उत्पत्ति गौ मुख से हुई है। मानव समाज ने भी माँ … Read more

यूक्रेनःचीन की चतुराई

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* इस समय सारी दुनिया का ध्यान यूक्रेन पर लगा हुआ है,लेकिन इस संकट के दौरान चीन की चतुराई पर कितने लोगों ने ध्यान दिया है ? पिछले कुछ वर्षों से चीन और अमेरिका के बीच भयंकर अनबन चल रही है। चीन पर लगाम के लिए अमेरिका ने ४ देशों-भारत,आस्ट्रेलिया,जापान और अमेरिका का … Read more

‘नारी’ की पूजा तो फिर अत्याचार

ललित गर्गदिल्ली ************************************** नारी और जीवन (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस)…. नारी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन तथा मातृशक्ति की अभिवंदना का एक स्वर्णिम अवसर है ‘विश्व नारी दिवस।’ यह नारी की महिमा को उजागर करने वाला ऐतिहासिक दिन है। आखिर नारी को ही ‘माँ’ का महत्वपूर्ण पद और संबोधन मिला। कारण की मीमांसा करते हुए अनुभवविदों ने … Read more

महिला सशक्तिकरण:राक्षसी सोच को मारना जरुरी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* नारी और जीवन (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस)…. आज के आधुनिक समय में महिला सशक्तिकरण एक विशेष चर्चा का विषय है। हमारे आदि-ग्रंथों में नारी के महत्व को मानते हुए यहाँ तक बताया गया है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:” अर्थात जहाँ नारी की पूजा होती है,वहाँ देवता निवास करते … Read more

ऑफिस की चाय

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* हमारे ऑफिस में चाय पीने का मज़ा ही कुछ और है,पता नहीं कैन्टीन की चाय में क्या होता था पर लगती बड़ी ही स्वादिष्ट थी। पहले टिफ़िन टाइम के समय हम सब मिलकर एकसाथ कैन्टीन जाते थे, और आपस में गप-शप करते हुए चाय की चुस्की लेते थे,जिससे हमारे तय समय … Read more

नारी जीवन समाज संरचना का आधार

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* नारी और जीवन (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस)…. नारी और जीवन के अनगिनत मनोभाव व विचार युगों से यदा-कदा प्रकट होते ही रहे हैं। हिंदी कवियों की कविताओं में नारी की पहचान कभी ‘ श्रद्धा सुमन’ बन जाती है तो कभी ‘अबला।’ अन्य भाषाओं की रचनाओं में है-भाव भंगिमा में श्रृंगार रस की … Read more

पश्चाताप के आँसू

ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*********************************************** दिनेश, ओ दिनेश…भैंस को पानी पिला दे बेटा। अब तो तू बड़ा हो गया है। थोड़ा बहुत घर के काम-काज में भी हाथ बटा लिया कर। मैं ही करुँ सारे काम-काज। डूगँर सू बलितों लेकर आऊं,गोबर चौथ,रोटी टूक सब मैं ही करुँ। क्या-क्या करुँ मैं। हे भगवान मरी भी तो नही आवे … Read more

यूक्रेन पर हमला:‘नाजीवाद’ और ‘नवनाजीवाद’ की लड़ाई ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** आज जबकि हम दुनिया में २ महाशक्तियों के वर्चस्व की लड़ाई में एक और हँसते-खेलते देश यूक्रेन को बर्बाद होते देख रहे हैं तथा इस थोपे गए युद्ध का औचित्य तलाशने की कोशिशें कर रहे हैं,तब इस बात की ओर कम ही लोगों का ध्यान गया है कि इस पूरे घटनाक्रम के … Read more