विश्व वंदित स्वामी विवेकानंद

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** स्वामी विवेकानंद जयंती विशेष….. ‘उठो,जागो,जब तक लक्ष्य तक न पहुँच पाओ तब तक निश्चिंत मत बैठो। उठो फिर से एक बार उठो, बिना त्याग के कुछ नहीं हो सकता,यदि दूसरों की सहायता करना चाहते हो तो तुम्हें अपने अहम का त्याग करना होगा।’आकाश अनेक तारा नक्षत्र से भरा हुआ है, जिसमें एक … Read more

भारतीय संस्कृति मर्मज्ञ स्वामी विवेकानंद जी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** स्वामी विवेकानंद जयंती विशेष…. स्वामी विवेकानन्द जी माता काली के अनन्य उपासक,सन्त श्री रामकृष्ण परमहंस जी के प्रियतम शिष्य थे। कॉन्वेंट में पढ़े स्वामी जी ने जिज्ञासा के चलते ईश्‍वर को समझने के लिए सनातन धर्म को जाना,क्योंकि उनके पिताजी एक प्रख्यात अधिवक्ता थे और उनका झुकाव पाश्चात्य सभ्यता की ओर … Read more

पश्चिम से पुन: पूर्व की ओर…

शकुन्तला बहादुर कैलिफ़ोर्निया(अमेरिका) ********************************************************* विश्व हिंदी दिवस’ विशेष…. स्वर्ग में सभा जुटी थी। महर्षि पतंजलि उदास बैठे थे। योगिराज श्रीकृष्ण और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भी सभा में थे। तभी नारद मुनि आ पहुँचे। सबने अभिवादन किया। मुनि बोले, महर्षि पतंजलि! आप इतने उदास क्यों हैं ? ऋषि ने कहा-“क्या बताऊँ तुमको ? मैंने अपना योगदर्शन का … Read more

साड़ीवाला…

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* मैं ऑफिस जाने के लिए जूता पहन ही रहा था,कि एक मोटा-ताजा आदमी अपने दोनों हाथों में गठरी ले कर मुझे नमस्कार करते हुए और मेरी उपेक्षा करते हुए घर में प्रवेश कर गलीचे पर बैठ गया,और गठरी खोलने लगा। मैं अचंभित रह गया,’न जान न पहचान-बड़े मियां सलाम’ वाली बात … Read more

जीवनभर लोगों को ज्ञान दिया

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** स्वामी विवेकानंद भारत में पैदा हुए महापुरुषों में से एक है। अपने महान कार्यों द्वारा उन्होंने पाश्चात्य जगत में सनातन धर्म,वेदों तथा ज्ञान शास्त्र को काफी ख्याति दिलाई और विश्वभर में लोगों को अमन तथा भाईचारे का संदेश दिया।एक सामान्य परिवार में जन्म लेने वाले नरेंद्रनाथ अपने ज्ञान तथा तेज के … Read more

याद है आज ‘विश्व हिंदी दिवस’ है…

अशोक चक्रधरदिल्ली************************************************ विश्व हिंदी दिवस विशेष…. /अशोक चक्रधर,दिल्ली/ विधा- गद्य, वर्ग- आलेख, व्यंग्य,/ लिंक भेजना ashok@chakradhar.com/taig-००००००‘विश्व हिंदी दिवस’ मनाए जाने के पीछे ‘विश्व हिंदी सम्मेलनों’ की भूमिका रही है। उन्नीस सौ पचहत्तर से ‘विश्व हिंदी सम्मेलनों’ का सिलसिला चला। पहला नागपुर में हुआ,दूसरा सम्मेलन उन्नीस सौ छिहत्तर में मॉरीशस में। फिर ७ वर्ष के अंतराल … Read more

औचित्यहीन खर्चीले विवाह समारोह

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मुझे तो आज तक भी समझ नहीं आया कि दिखावे के लिए शादी-विवाह समारोह पर इतना अधिक खर्च क्यों किया जाता है ? एक शादी पर १ करोड़ रुपया खर्च कर दिया जाता है। शादी के लिए महंगे से महंगा बैंक्वेट हॉल बुक लिया जाता है। ५० तरह के व्यंजन,सलाद,शीतल पेय और … Read more

संसद और विस दृढ़ संकल्प कर लें तो अंग्रेजी की गुलामी तत्काल खत्म

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* गुजरात के उच्च न्यायालय में भाषा के सवाल पर फिर विवाद खड़ा हो गया है। एक पत्रकार विशाल व्यास ने गुजराती में ज्यों ही बोलना शुरु किया, जजों ने कहा कि आप अंग्रेजी में बोलिए। व्यास अड़े रहे। उन्होंने कहा कि मैं गुजराती में ही बोलूंगा। जजों ने कहा कि संविधान की … Read more

हिन्दी योद्धा:बाबू अयोध्या प्रसाद खत्री

डॉ. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)************************************* जिन दिनों हिन्दी नवजारण के अग्रदूत कहे जाने वाले भारतेन्दु बाबू हरिश्चंद्र, गद्य खड़ी बोली में लिख रहे थे,किन्तु कविता के लिए ब्रजभाषा को ही सबसे उपयुक्त मान रहे थे,उन्हीं दिनों बिहार के बाबू अयोध्या प्रसाद खत्री ने कविता के लिए भी खड़ी बोली अपनाने का आन्दोलन चलाकर अपनी मौलिक और … Read more

किसानों को समृद्ध बनाने में बहुत कुछ करना बाकी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष….. अनादिकाल से ही सभी जगह धरती पर कृषि का प्रचलन है,साथ ही उस समय से ही कृषि कार्य करने वाले को कृषक कह कर पुकारने लगे। कालान्तर में साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं में कृषक को भूमिपुत्र,हलधर,खेतिहर,अन्नदाता के अलावा किसान नाम से भी सम्बोधित किया।सर्वविदित है … Read more