भावुक

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* भावे भजनी भावना,भोर भास भगवान! भले भलाई भाग्य भल,भावुक भाव भवान! भावुक भाव भवान,भजूँ भोले भण्डारी! भरे भाव भिनसार,भाष भाषा भ्रमहारी! भय भागे भयभीत,भ्रमित भँवरा भरमावे! भगवन्ती भरतार,भगवती भोला भावे! परिचय : बाबूलाल शर्मा का साहित्यिक उपनाम-बौहरा हैl आपकी जन्मतिथि-१ मई १९६९ तथा जन्म स्थान-सिकन्दरा (दौसा) हैl वर्तमान में सिकन्दरा में ही … Read more

विनती

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* विधना विपदा वारि वन,वायु वंश वारीश! वृक्ष वटी वसुधा वचन,विनती वर वागीश! विनती वर वागीश,वरुण वन वन्य विहारी! वृहद विप्लवी विघ्न,विनय वंदन व्यवहारी! वंदउँ विमल विकास,वाद विज्ञानी विजना! वरदायी विश्वास,वरण वर विनती विधना! परिचय : बाबूलाल शर्मा का साहित्यिक उपनाम-बौहरा हैl आपकी जन्मतिथि-१ मई १९६९ तथा जन्म स्थान-सिकन्दरा (दौसा) हैl वर्तमान में … Read more

नए वर्ष के नए संकल्प

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** लो आ गया नूतन वर्ष,दिल से करें सभी दो हज़ार बीस का अभिनन्दन। ठिठुरती ठंड में गरीबों को कम्बल बांटते समाजसेवी नेताओं की सोशल मीडिया पर सेल्फी दिखने लगी। कहीं मोमबत्ती जलाकर बेटी की तस्वीर को लिए शहर में `बेटी बचाओ` के नारे लगाता जनसमूह दिखाई देता है। जीएसटी,धारा ३७०, भारत-पाक … Read more

जिंदगी,खुश हो जाती है…

प्रीति शर्मा `असीम` नालागढ़(हिमाचल प्रदेश) ******************************************************************** ‘बड़े दिन की छुट्टी’ स्पर्धा  विशेष……… जिंदगी छुट्टी के नाम से ही, खुश हो जाती है। कितनी छुट्टियां आएंगी आगे, यही सोच के खुशी से काम पे जाती है। जिंदगी छुट्टी के नाम से ही, खुश हो जाती है। स्कूल की छुट्टी से, कैसे खुश हो जाते बच्चे किस … Read more

अनुबंधों के सम्बन्धो में

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* अनुबंधों के सम्बन्धों में,जाने कहाँ सम्बंध खो गये, अपने,अपने नहीं रहे अब,जाने क्यों प्रतिबन्ध हो गये। सुख-दु:ख था जीवन में फिर भी,सुखमय सबको लगता था, आज अहं-विवाद ग्रस्त हो,परस्पर स्वतः कटु कन्द हो गये॥ प्रेम भाव था सम्बन्धों में,औपचारिकता ही अब पनप रही, मिलन की टीस सदा उठती थी,वो भाव … Read more

कठपुतलियां

प्रीति शर्मा `असीम` नालागढ़(हिमाचल प्रदेश) ********************************************************************** कठपुतलियां हैं, जीवन के रंगमंच की। जुड़ी हैं जिन धागों से, जो सभी के धागों को नचाता है। किसी को, वो कठपुतली वाला नजर नहीं आता है। ढील देता है सबको, अपने-अपने किरदार में परखता है हर इंसान को, अपने दिए हुए संस्कार सेl देखता रहता है सबको , … Read more

समर्पण

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* त्याग समर्पण कीजिए,मातृभूमि हित मान। देश बचे माँ भारती,भली शहादत शान॥ करें समर्पण देशहित,निज के गर्व गुमान। देश आन अरु शान है,हो इसका सम्मान॥ मानव हूँ मानव बनूँ,मानवता सद्ज्ञान! जीना मरना देश हित,यह अभिलाषा मान॥ अधिकारों की दौड़ में,रहे भान कर्तव्य। मेरा देश महान है,सफल तभी मन्तव्य॥ संसद व संविधान का,करो … Read more

मैं हिंद की बेटी…हिंदी हूँ

प्रीति शर्मा `असीम` नालागढ़(हिमाचल प्रदेश) ********************************************************************** भारत के, उज्जवल माथे की। मैं ओजस्वी…बिंदी हूँ, मैं हिंद की बेटी…हिंदी हूँl संस्कृत,पाली, प्राकृत,अपभ्रंश की, पीढ़ी-दर-पीढ़ी…सहेली हूँ। मैं जन-जन के , मन को छूने की। एक सुरीली…सन्धि हूँ। मैं मातृभाषा…हिंदी हूँ। मैं देवभाषा, संस्कृत का आवाहन। राष्ट्रमान…हिंदी हूँ, मैं हिंद की बेटी…हिंदी हूँ। पहचान हूँ हर, हिन्दोस्तानी की…मैं। … Read more

सुसंस्कार ही दहेज

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* घनश्यामदास जी कभी शहर के प्रसिद्ध सेठ होते थे,पर समय के फेर ने सब कुछ ढेर कर दिया। उनका सारा व्यापार डूब चुका था। स्थिति यह हो गई कि,घर बेचकर अब किराए पर रहने लगे। उनके इकलौते पुत्र रमेशचंद्र की शादी हुई,घर में बहू जो आई,निश्चय ही लक्ष्मी आ … Read more

यह कैसा है परिवर्तन

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* यह कैसा है परिवर्तन, यह कैसा जग का नर्तन जहाँ नित नारी मिटती, होता नित नारी मर्दन। कब तक शोर मचायेंगे, क्रूरता कैसे मिटायेंगे कैसे धैर्य धरेंगे जन, दूर होगा कब वहशीपन कब तक होगा ये क्रंदन। कैसी सन्तति उभर रही है, मर्यादा का पतन कर रही है माता-पिता निश्चित … Read more