जीवन-मृत्यु

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- जीवन-मृत्यु खेल निराला विधि का सारा देखा भाला, राज मृत्यु का जाना किसने ! मनुज हो रहा है मतवाला। विधना जो जीवन देता है अच्छे कर्मों से मिलता है, मृत्यु सत्य है जीवन मिथ्या ये सबसे पहले लिखता है। तन है इक माटी का ढेला दो दिन आया दो … Read more

`हिंदी दिवस` पर डॉ. अवध सम्मानित

होजोई। असम हिंदी साहित्य सभा और सर्व हिंदुस्तानी परिषद कछाड़ ने संयुक्त रूप से १४ सितम्बर को हिंदी दिवस मनाया। इस भव्य समारोह में कई गणमान्य कवियों के साथ मेघालय से आमन्त्रित साहित्यकार डॉ. अवधेश कुमार अवध को अंगवस्त्र व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। विदित हो कि,हिंदीभाषा डॉट कॉम (www.hindibhashaa.com) से सक्रिय रुप से … Read more

अब तो संवैधानिक रुप से सिंहासन पर बैठाओ

मनोरमा जैन ‘पाखी’ भिंड(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* हिंदी जानती है उसे सतत् बहते रहना है, बहते-बहते ही उसे यहाँ अक्षुण्ण रहना हैl मर जाते हैं लोग वो जो जड़ से टूटे हों, कर निज भाषा सम्मान जिंदा रहना है…ll १४ सितम्बर,हिन्दी दिवस के लिए उसके सम्मान के लिए समर्पित तारीख। भारतेंदु हरिश्चंद्र ने भी कहा है कि … Read more

हमारी जान है हिंदी

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** (रचना शिल्प:१२२ १२२२ १२२२ १२२२) हमारी शान है हिंदी,हमारी जान है हिंदी। हमारे देश की यारों,सदा पहचान है हिंदी। जिसे दिनकर,रहीमा,सूर,ने सिर पर सदा रक्खा, वहीं तुलसी,कभी मीरा,कभी रसखान है हिंदी। हजारों नाम हैं जिनने किया है होम जीवन को, हमें बच्चन,कबीरा,मैथिली,पर मान है हिंदी। नहीं तुम जानते हरिऔध … Read more

सरल सुगम है अपनी भाषा

तेरस कैवर्त्य ‘आँसू’ सोनाडुला(छत्तीसगढ़) ************************************************ अति सुन्दर मन लगे सुहानी। बोल लिखे इस लिपि में ज्ञानी॥ बहुत वर्ण स्वर हिन्दी माला। हिन्द देश अरमान निराला॥ सरल सुगम है अपनी भाषा। फिर क्यों अन्य करें अभिलाषाll दुल्हन जैसी खूब सजे है। अलंकार रस छंद बजे हैं॥ कवि लेखक साहित्य रचाते। मन को खोल विचार दिखाते॥ हिन्दी … Read more

चलो बाढ़ का मजा लें

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** देश में इन दिनों चहुंओर मानसूनी बारिश खूब बरस रही है। सालों बाद जरूरत के मुताबिक ऐसी बारिश देखने को मिली। हाँ,बरखा से जन व जमीन को सुविधा और दुविधा साथ-साथ हो रही है। आलम कहीं सूखे से राहत तो कहीं बाढ़ की आफत,तो कहीं फसल की खुशामद तीनोें हद की … Read more

बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का मोदी संकल्प

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दूसरी पारी के सौ दिन पूरे होने के बाद अब प्रकृति-पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण-मुक्ति के लिये सक्रिय हैं। कुशल राजनीतिज्ञ की तरह वे जुझारू किसान एवं पर्यावरणविद की भांति धरती पर मंडरा रहे खतरों के लिये जागरूक हुए हैं। बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने एवं पर्यावरण की … Read more

कोई साथ नहीं देता है

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** मुसीबत में कोई किसी का साथ नहीं देता है, हालात होते हैं जब खराब,कोई मदद का हाथ नहीं देता है। खुशी बांटने हर कोई चला आता है, गमों में मुस्कुराहट जो लाएं,ऐसा कोई साथ नहीं मिलता है। तन्हा ही कट जाता है सफ़र जिंदगी का, जिंदगीभर जो साथ रहे, … Read more

इन्सानियत भुला रहे अपने भी…

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** कैसे होते हैं अपने, में तुम्हें बताता हूँ। इस जालिम दुनिया का, हाल सुनाता हूँ। बड़ा दर्द होता है तब, जब अपना ही अपनों को खा जाता है, और पता भी नहीं चल पाता है॥ हकीकत यदि जानें तो, बहुत ही शातिर होते हैं। अपनी बातों से अपनों को, ही निपटा … Read more

रा. उ.मा.वि. रातड़िया में ‘हिन्दी दिवस’ मनाया

रातड़िया-अंता(राजस्थान)। हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में रा.उ.मा.वि. रातड़िया में ‘हिन्दी दिवस’ समारोह व बाल सभा मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने कविताएं सुना कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस समारोह में मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक रामस्वरूप मीना और विशिष्ट अतिथि आंग्ल भाषा के वरिष्ठ शिक्षक व राष्ट्रीय कवि पवन गौतम बमूलिया … Read more