पावस

दुर्गेश राव ‘विहंगम’  इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************** तरु की डालियाँ झूम उठी, मचल रहे हैं पल्लव सर-सर चलती समीरl मन में उठे उमंग, चलो झूम उठें वर्षा के संगl हर बूंद में हीरे-सा नीर, दादुर बोले टर-टर चम-चम चमके दामिनीl काला मेघ आया चारों ओर वसुधा पर छाया, कल-कल बहती नदिया, खेले संग नीर के मछलियाँl भास्कर … Read more

हम तो शिक्षक हैं जी

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** सदा जलाते ज्ञान का दीप पाये उजाला जो आये समीप, हम समाज के रक्षक हैं जी हम तो एक शिक्षक हैं जी। सम भाव सम दर्शी हम हैं हितकारी और मर्मस्पर्शी हम हैं, हम संस्कार के रक्षक हैं जी हम तो एक शिक्षक हैं जी। शिक्षक वही जो नाम कमाते … Read more

नारी की महानता

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** तूने जग में बिछाया एहसान है, तेरी अपनी कहानी तेरी शान है। तूने साथ दिया,नर को मान दिया, खुद तो गम ही सहे,फिर भी प्रेम दिया। तेरी दु:ख की कहानी भी महान है, तेरी अपनी कहानी तेरी शान है॥ चाहे फूल न मिले,फिर भी काँटे सहे, दिल में गम हो … Read more

लोकतंत्र भी बीमार हो गया

डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी सिवनी(मध्यप्रदेश) ****************************************************** आज लोकतंत्र भी बीमार हो गया यहाँ। देशद्रोह रक्तचाप यार हो गया यहाँll वोट मंत्र भेदभाव की धुनी रमा रहे। जात-पात संक्रमण बुखार हो गया यहाँll वैद्य नब्ज देख रक्त में कमी बता रहे। देशप्रेम खून में विकार हो गया यहाँll तोड़-फोड़-जोड़-तोड़ अब उन्हें सुहा रहा। राजनीति में समझ निखार हो … Read more

दे दो गणेश जी को चंदा

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** दे दो गणेशजी को चंदा,हाँ हमें गणपति बिठाने, गणपति बिठाने,गणपति बिठाने दे दो गणेशजी को चंदा… सौ-सौ रुपैया की मूरत ले आये, ढोल-नगाड़े से गणपति बिठाये। पंडा को देने है दक्षिणा, हाँ हमें गणपति बिठाने। दे दो गणेशजी को चंदा… दूर्वा सिन्दूर बप्पा तुम्हें चढ़ाये, ककड़ी केला के भोग लगाए। मोदक … Read more

भड़ास

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* “सरिता! इस बार कुसुम २ विषय में फेल हो गयी है।” रागिनी खुशी से चहकते हुए बोली। “हाँ! किंतु,इतना खुश क्यों हो ?” सरिता की बात में जैसे उस खुशी का विरोध था। “अरे,भूल गयी क्या तुम ? पिछली बार-बार जब तुम्हारे नम्बर कम आए थे,वो किस तरह से हाॅस्टल … Read more

बरसात

तृप्ति तोमर `तृष्णा` भोपाल (मध्यप्रदेश) ********************************************************************* बरसात प्रकृति का हसीन एहसास, जैसे दुनिया के खुशी के पल हों पास। पायल की झनकार-सा रोचक-सा संगीत, जैसे इस सुहाने मौसम में मिला हो मनमीत। रंग-बिरंगी फिजाओं से घिरा हो चमन, अपनी अठखेलियों से मनमुग्ध है गगन। रिमझिम बूदों से धरती ने दुल्हन-सा रूप सजाया, जैसे हर ओर खुशियों … Read more

मशहूर हूँ खुद की लाचारी से..

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* मैं कृषि हूँ,कृषि प्रधान देश का देश की रीढ़ की हड्डी हूँ, देश की रक्त धाराओं में बहता हुआ प्रसिद्ध हूँ। देखो ना… मशहूर हूँ मैं दुनिया में खुद की लाचारी से, भुखमरी,अकाल,अशिक्षा की बीमारी से। माना तृप्त करता हूँ मैं सबको, फिर क्यूँ खुद ही भूखा रह जाता हूँ… … Read more

बिछड़े हुए लोगों से

आर.पी. तिवारी स्वदेश बांदा (उत्तर प्रदेश) ********************************************************************** बिछड़े हुए लोगों से, गुरेजा न हुआ कर। बीते हुए लम्हों को, कुछ याद किया करll जो भूल गए तुझको, आगाजे-सफर में। भूल से ही उनसे, मिलने की दुआ करll बिछड़े हुए लोगों से, गुरेजा न हुआ कर… ऐ दोस्त तुझे दुश्मन, की पहचान कहां है। महफिले-यारा में, … Read more

बढ़ना ही होगा

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** कहाँ भागते हो नज़र यूँ बचाकर समय की तुला पर तो चढ़ना ही होगा, लगे हों जो हर ओर शीशे ही शीशे हकीकत को अपने भी पढ़ना ही होगा। बहुत मढ़ चुके हो गुनाहों को अपने जमाने के सर पे कलाबाजियों से- ज़माना नया है नयी हैं मशीनें नये मानकों … Read more