कश्मीर अब विशेष नहीं

कनक दांगी ‘बृजलता’ गंजबासौदा(मध्य प्रदेश)  ********************************************************* अब नहीं रहा कश्मीर विशेष, अनुच्छेद ३७० व ३५-ए नहीं अब शेष। पिछली सरकारों ने जिसे गले की हड्डी की तरह लटकाये रखा, मोदी सरकार ने उसे मामूली फाँस की भांति उखाड़ दिया। यह एक सुखद समाचार है, कश्मीर आज से अखंड भारत का राज्य है। आज की तारीख … Read more

सुनूंगा जरूर

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** तुम मुझे आवाज दोगे तो, मैं अनसुनी नहीं करुंगा सुनूंगा जरूर। तुम आओगे मेरे घर, तो मैं नहीं कहलवाऊँगा बच्चे से कि घर पर नहीं हूँ मैं, बल्कि मिलूंगा तुमसे जरूर। तुम लगाओगे मोबाइल मुझे, तो बंद नहीं करुंगा मोबाइल बात करुंगा जरुर। यह भी नहीं होने दूंगा कि’ मैं … Read more

ऐ वतन…

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** ऐ वतन अब हर साँस पर लिख दिया तेरा नाम है, तेरी हिफाजत और रक्षा करना हमारा सर्वप्रथम काम है। घोर अंधकार छाया था ब्रिटिश ने भी हुकुम चलाया था, जो दृढ़ खड़ी हुई युद्ध में और न हार उसने मानी वह वीरांगना कहलाई ‘झाँसी की रानी।` निशीथ का खौफ मिटाकर … Read more

पुलकित-कम्पित चातक गाये

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** पुलकित-कम्पित चातक गाये, गुंजित बादल विपुला छायेl उमड़-घुमड़ कर अंबर घेरा, श्यामल गर्वित रूप घनेराl अम्बुद घोर हुआ अंधेरा, दमक दामिनी डाला डेराl गगरी प्रेम सुधा भर लाये, गुंजित बादल विपुला छायेll चिर संचित चित चंचल छाया, मन मंगल मनहर मति मायाl सुखद पवन गति जलकण काया, … Read more

सर्वव्यापक हूँ,चाहे जो करा लो

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* छोड़ विद्यालय हर जगह नज़र मैं आता हूँ, अध्यापक हूँ,सर्वव्यापक हूँ जनगणना से मतगणना तक, भवन से ले के पशुगणना तक चाहे जो काम करा लो। गली-गली भटक रहा हूँ, बच्चे,बूढ़े,पशु गिन रहा हूँ; क्या पढ़ा था भूल गया हूँ, धर्म क्या!कर्म भी भूल गया हूँ। इस ऑफिस … Read more

तेरा ज़िक्र

श्रीकांत मनोहरलाल जोशी ‘घुंघरू’ मुम्बई (महाराष्ट्र) *************************************************************************** तेरा ज़िक्र एक बार निकला, तेरे बारे में बातें हज़ार हुईl आँखों का मिलना था या एक मुलाकात थी वो, उस रात खयालों की बरसात हुईl बातों-बातों में बातें निकलती गयी, कब सूरज डूबा,कब रात हुईl उस दिन जो मुड़ के देखा था तुमने, उसी दिन से मुहब्बत की … Read more

कर लो धरा पर हरियाली

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सावन आया खेतों में हरियाली लाया, सुंदर ये नजारे खुशियों की बहारें। पेड़ों का सौंदर्य सूर्य की लाली, कर लो नेक कार्य धरा पर कर लो हरियाली। बारिश की बूंदें पानी की धार, हरियाली की मौसम जिंदगी है मजेदार। किसानों का चेहरा खिला राहगीर है परेशान, लोगों की सोच-अलग … Read more

तीन सौ सत्तर…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कश्मीर तंत्र- तीन सौ सत्तर से हुआ स्वतंत्रl एक प्रधान- जम्मू-कश्मीर में हो एक विधानl कश्मीर क्यारी- देखो आज फिर से खिलखिलाईl सबसे न्यारा- जम्मू-कश्मीर में हो तिरंगा प्याराl उठी तरंग- हर हिंदुस्तानी में जगी उमंगl परिचय–निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म तिथि ५ … Read more

कितना शरीफ है यह दुष्कर्मी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** सर्वोच्च न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उन्नाव में हुए बलात्कार के मामले में जिस फुर्ती से कार्रवाई की है,उसने देश के सीने में लगे घाव पर थोड़ा मरहम जरुर लगाया है। उप्र के विधायक कुलदीप सेंगर पर आरोप है कि २०१७ में कम उम्र की एक लड़की के साथ उसने जो … Read more

चले आओ

डॉ.नीलम कौर उदयपुर (राजस्थान) *************************************************** चले आओ के बाधाएँ ३७० की हट गई, वादी-ए-गुल की फिजां महक में अपनेपन की, खुशबुएं घुल गईं। चले आओ के बहनों को देने तोहफा रक्षा-बंधन का, विस्थापितों के भी उजड़े आशियां सजा फिर, उनको वहाँ बसाने को। चले आओ के अब आशा का, संचार नस-नस में बहने लगा है, … Read more