भारत का ललाट है कश्मीर

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* भारतवर्ष के ललाट पर निवास करने वाला काश्मीर वैसे ही शोभा को प्राप्त करता है, जैसे भगवती-सरस्वती की दोनों भू-लताओं के मध्य केसर की बिंदिया शोभा देती है। संस्कृत का शब्द है कश्मीर जिसका अर्थ है बिन्दी। सरस्वती का स्तोत्र मन्त्र है- “मुखे ते ताम्बूलं नयनयुगले कज्जलकला ललाटे काश्मीरं विलसति गले … Read more

संविधान के आँगन में गंदगी की बुहार

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** सुबह का भूला शाम घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते, पछताना उन्हें ही पडता है जो समय-धार संग नहीं बहते। गलती अगर हुई तो समय रहते सुधार लेने में ही है हमझदारी, ये उस कर्ज का है चुकारा जो रही पूर्वजों की हमारे सर उधारी। उस समय वो जरूरी … Read more

तुलसी

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** तुलसी,तुलसी क्यों भये ? थी रत्नावलि-सी नार, रत्ना जैसी विदुषी ने नैना दियो उघारl सर्प पकड़ चढ़ आये जब रत्ना जी के द्वार, बोली धिक-धिक नाथ कियो हाड़-माँस से प्यारl करो प्रेम गर राम से हो जाओ भव पार, तुलसी ने उस दिन से ही मोड़ ली जीवन धारl … Read more

बाढ़ में अटके प्राण

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* बाढ़ से निकलने के बाद मेरे प्राण का आधा हिस्सा ही बचा है मेरी देह में, आधा अटका हुआ है बाढ़ में। मेरेे भाई,बहन,मित्र और बहुत-से सगे सम्बन्धी फँसे हैं, अब भी उस भयावह बाढ़ में। सुरक्षाबलों से आग्रह है “मुझे ले चलो फिर वहीं, जहाँ से खींच के लाये … Read more

सावन कितना पावन

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** ये महीना वर्ष का कितना पावन है, कहते इसी को हम सब सावन है। हरियाली यहां झूम के खिलखिलाती है, बूंदें ओस के मोती जैसी झिलमिलाती हैं। धरा ओढ़ रही अब हरियाली की चादर, कर रहीं सब बहारें सावन का आदर। अम्बर से बरस रही है मेघों की फुहार, गा रहीं … Read more

तलाक…तलाक…तलाक…

गुलाबचंद एन.पटेल गांधीनगर(गुजरात) ************************************************************************ रवि शंकर ने मारा है कानून का कंकर, तीन तलाक पेश किया संसद के अंदरl सभापति ने बिल भेजा राज्यसभा से राष्ट्रपति, कानून बन जाएगा डरेंगे सभी बानो के पतिl तलाक को दिया गया था तोड़-मरोड़, बिल से ख़ुश हो गई महिला नौ करोड़l सुशील हैं देश के प्रधानमंत्री मोदी, तलाक … Read more

राह दिखाता है

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ मुझे राह दिखलाने वाले मेरे मन। कभी राह खुद तुम, यूँ ही न भटकना। मुझे राह… मोहब्बत में जीते, मोहब्बत से रहते। मोहब्बत हम सब, जन से हैं करते। स्नेह-प्यार की दुनिया, हम हैं बसाते। मुझे राह… न भेद हम करते, जाति और धर्म में। न भेद करते, ऊंच और नीच … Read more

कश्मीर कली अब मुक्त हुई

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** कश्मीर कली अब मुक्त हुई,मनवांछित निज-वर चुनने को, निज तोड़ गुलामी की कारा,उन्मुक्त गगन में उड़ने को। केसर की क्यारी गुलबर्गा,डल झील शिवालय शोभित हैं- दाहिर कश्यप कैकय कुलवंश भविष्य स्वप्न फिर बुनने को॥ परिचय-अवधेश कुमार विक्रम शाह का साहित्यिक नाम ‘अवध’ है। आपका स्थाई पता मैढ़ी,चन्दौली(उत्तर प्रदेश) है, परंतु कार्यक्षेत्र की … Read more

मित्र जौहरी

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** मित्र! शब्द को जब भी सुनता हूँ मैं, अक्सर कई मुस्कराती तस्वीरें सरसरी से मानस पटल पर एक-एक कर उभर जाती हैं, किसे अपना करीब कहूँ या सिर्फ नाम का न जाने कितने ही सवाल पैदा कर जाती हैं। बचपन से लेकर आज तक, कदम से कदम मिलें कईं और छूटे … Read more

कौड़ियों में भुनाए बैठे

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** यूँ ही तो नही नजरें झुकाए हुए बैठे हैं, यूँ ही तो नहीं शरमाये डरे हुए बैठे हैं। गुजरी आप पे या गुजार दी किसी पे, यूँ ही तो नहीं घबराये हुए से बैठे हैं। कुछ मिलने से ज्यादा है खोने का डर, खाली तिजोरी पे ताला लगाये बैठे हैं। … Read more