फौलादी इरादे

रेनू सिंघल लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ******************************************************************** वो सरहद की माटी को माथे से लगाते हैं, न दिन को चैन,नींदें न रातों को वो पाते हैं। वतन से इश्क़ वो करते इरादे उनके फौलादी, लहू से सींच कर तिरंगे की शान बढ़ाते हैं॥ परिचय-रेनू सिंघल का निवास लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में है। १९६९ में ९ फरवरी … Read more

मापदण्ड

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** चलो लिखो!!! भूख और फुटपाथ, नंगी देह और अंधाधुंध सामान से पटा बाजार, कूड़े के ढेर में बोतलें ढूँढते हाथ, बड़ी-बड़ी इमारतों में शिक्षा का रहवास, और वहीं कबाड़ी के यहाँ फटी किताब, उलटते-पलटते मापदंड से बाहर, फिर-फिर उल्टे बेंत पूरा दृश्य रंगमंच की शोभा लजा रहा है, … Read more

काश हम चिड़िया होते

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** काश हम चिड़िया होते, आसमान में हम रहते। शोरगुल से दूर रहते, मन हमारे शांत होते। काश हम चिड़िया होते, भीड़ पर नहीं चलते। काम से हम चले जाते , घर भी जल्दी आ जाते। काश हम चिड़िया होते, पेड़ों पर हम चढ़ जाते। फलों को तोड़कर खा जाते, … Read more

श्रावण की मस्ती

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** श्रावण का आना,वनों का बहकाना, घटाओं का शोर,मयूर का नृत्य दामिनी की चमक,अम्बर का दिवस, बूंदों की रिमझिम,नक्षत्र का संगीत चातक की प्रीत संग नक्षत्र की है बूँदl भोले की जयकार,सावन की है पहचान, कावड़ियों की चली बारात,गंगा का स्नान पुण्य बड़ा महान,सजी-धजी कावड़, चली भोले के द्वार। मयूर का नृत्य,कोयल … Read more

आँधियों के वार से

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** सागर को कभी झलकता देखा नहीं है डूबी है किश्तियाँ उसमें खुद के भार से, इश्क़ में अपने जज्बातों को रोके रखना… जीता नहीं है कोई,खुद अपने से हार के। गम और खुशी का तो ये शाश्वत रिश्ता है प्यार इन दो बुनियाद पर ही तो टिकता है, आँखें मिलाकर … Read more

इमरान पर भरोसा…? भारत अपनी सुरक्षा पर पूरी सावधानी रखे

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कमाल कर दिया। उन्होंने अमेरिका में अपने आतंकवादियों के बारे में ऐसी बात कह दी, जो आज तक किसी भी पाकिस्तानी नेता ने कहने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने अमेरिका के एक ‘शांति संस्थान’ में भाषण देते हुए कह दिया कि पाकिस्तान में ३० … Read more

ये दुआ है मेरी

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** आबाद रहे दुनिया तेरी ये दुआ है मेरी, यूँ हो रब की रहमत मिलें सदा चमन की कलियाँ, न हो काँटो की सहर ये दुआ है मेरी। तेरे जीवन रूपी सियाही के अल्फ़ाज़छीन तुझसे, खुशियों की सौंप दूँ सौगात मैं तुझे, खुदा की इतनी रहे मेहर ये दुआ है … Read more

हिंदी:डीएमके सांसद वायको की संकीर्ण मानसिकता

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आसमान की तरफ थूकने से थूक खुद के मुँह पर आता है। सूर्य को कितना भी कोसो,उसको कोई फर्क नहीं पड़ता। हिंदी राजभाषा है,पर कुछ विघ्नसंतोषियों के कारण वह राष्ट्रभाषा नहीं बन पा रही है। इससे हिंदी की कोई प्रतिष्ठा नहीं गिरी,और न गिरेगी। आज भी दक्षिण भारत में हिंदी फिल्मों … Read more

‘जलेस’ के मासिक रचनापाठ में सुनाई बेहतर रचनाएँ

इन्दौर(मध्यप्रदेश)। जनवादी लेखक संघ के मासिक रचनापाठ के पीढ़ी दर पीढ़ी में कवियित्री ज्योति देशमुख और नवोदित कथाकार नीहारिका देशमुख ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। नीहारिका ने अपनी कहानियों-परिवर्तन तथा इक्कीस नहीं बाइस का पाठ किया। ज्योति ने खेल के मैदान से विलुप्त लड़कियाँ एवं कठिन समय आदि कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम में … Read more

सावन…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ मनभावन- मस्ती भरा मौसम, यह सावन। सावन आया- मिट्टी की सौंधी-सौंधी, महक लाया। कली मुस्काई- काली-काली घटायें, नभ में छाई। थोड़ा झूम लें- हरी-भरी धरती, थोड़ा चूम लें। आज बस्ती में- बच्चों की टोली नाच, रही मस्ती में। परिचय–निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म … Read more