अभिनंदन

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* मेरे देश का वीर सिपाही, मेरे माथे का चंदन। ‘अभिनंदन’ का अभिनंदन, है शत-शत बार नमन। आने से महका गुलशन, झूम उठा गगन। अभिनंदन का है अभिनंदन, शत-शत बार नमन। है भारत का शेर, दहाड़ कर आया है। जुल्मों सितम के आगे, नहीं शीश झुकाया है। धन्य-धन्य हे वीर कहे, … Read more

बचपन

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** बचपन तो बचपन ही था, बचपन को जाना था कब। जब रखा कदम जवानी में, बचपन को समझा है अब॥ बचपन को समझा है अब, बचपन तो बचपन ही…॥ थे खाते-पीते मौज मनाते, हम कितने रहते थे मस्त। खेलते रहते नहीं रुकते थे, हो जाते थे चाहे पस्त॥ हो जाते … Read more

पिता

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* (रचना शिल्प:विधान-१२२२ १२२२ १२२२ १२२२) सजीवन प्राण देता है,सहारा गेह का होते। कहें कैसे विधाता है,पिताजी कम नहीं होते। मिले बल ताप ऊर्जा भी,सृजन पोषण सभी करता। नहीं बातें दिवाकर की, पिता भी कम नहीं तपता। मिले चहुँओर से रक्षा,करे हिम ताप से छाया। नहीं आकाश की बातें,पिताजी में यहीं माया। … Read more

धीरे-धीरे ही सही..

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** धीरे-धीरे ही सही पर चलते तो रहिये, करके कुछ पाना अगर हो,कुछ न कुछ करते तो रहिये। हार न मनो तुम गम से,करो सामना दुश्मनों से, खुश अगर हैं ज़िंदगी से,कम-से-कम हँसते तो रहिये। धीरे-धीरे ही सही पर चलते तो रहिये… दुनियादारी के समर में खूब दौड़ा कीजिये, सिर … Read more

बड़े दम का ‘पट्ठा’

सुनील चौरे ‘उपमन्यु’  खंडवा(मध्यप्रदेश) ************************************************ ‘पट्ठा’ याने प्रत्येक काम में दक्ष, जी हाँ,जो हास-परिहास,चतुराई से अपना काम निकलवा ले या फिर अपना काम करवा ले,मेरे ख्याल से उसी का नाम पट्ठा होता है। मुझे याद है,बामन्दा जी दामनदा जी की तारीफ़ कर रहे थे। कह रहे थे-“सभी दूर प्रसिद्ध हो चुका है मेरा पट्ठा।” यानि … Read more

नारी अब अबला नहीं

संतोष भावरकर ‘नीर’  गाडरवारा(मध्यप्रदेश) *********************************************************** नारी मर्यादा की मूरत है, करुणामई जिसकी सूरत है बहिन का अनमोल प्यार है, पत्नी के रूप में संसार है। नारी को न समझो, तुम अब कोमल जो हर समस्या का, पल में करती है हल। हर क्षेत्र में है वो आगे, दुश्मन भी उससे डर के भागे कभी दुर्गा … Read more

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी अर्चना पाठक ‘निरंतर’ जी  का १०र्च को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम से आप उनको शुभकामनाएं दे सकते हैं…..

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी राशि सिंह जी  का १० मार्च को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम से आप उनको शुभकामनाएं दे सकते हैं…..

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी उषा कनक पाठक जी  का १० मार्च को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम से आप उनको शुभकामनाएं दे सकते हैं…..

अभिनंदन करते तुमको

विजयलक्ष्मी जांगिड़ ‘विजया’  जयपुर(राजस्थान) ***************************************************************** अभिनन्दन करते तुमको, चक्रव्यूह में खड़े अकेले। हम वन्दन करते तुमको, अभिमन्यु से लड़े अकेले। भेद रावण की कलुषित लंका, हनुमान तुम जय,अकेले। अंगद से,जा भिड़े अडिग, काल सम्मुख रहे,अकेले। हिला नहीं पाया दुश्मन, देश हित तन-मन जीवन। धन्य तुम,माँ की आशा को, पिता के तेज को धर आए। शत्रु … Read more