कारवां मिल गया
एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’ गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** जिन्दगी की किश्ती को जमाने की किस्मत, मिल गई मौजों के तूफ़ां, उम्मीदों की धारा में उम्मीदों के साहिल, को किनारा कारवां मिल गयाl हसरत की हैसियत, दरिया पहाड़ों से निकल तमाम मुक़ामों-राहों से गुजर, समन्दर की शान नजारों का नजारा, हस्ती का सहारा बन गईl जिन्दगी तो पानी … Read more