कृष्ण
वन्दना पुणताम्बेकर इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************* जन्माष्टमी विशेष………. कृष्ण एक तुम ही थे, जिसने राधा के दर्द को समझा। राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाये, पर सीता की पीर को ना समझ पाये। मीरा की पीर भी किसी ने ना जानी, वह भी तो थी,कृष्ण की दीवानी। लक्ष्मण को भाया भाई का साथ, ऊर्वशी की तड़प उन्होंने कहाँ … Read more