चंद्रयान
गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* कहता था कवि कभी प्रेयसी से- “चाँद पर घर बनाऊँगा”, इसरो ने किया वादा,सपना मैं सजाऊँगा। आज अभिनंदन हर जन कर रहा, छोड़ दिया चंद्रयान-२,घर वहीं बनाऊँगा। दुनिया पग में काँटे लाख बिछाए, लाख करे बदनाम,संघर्ष कर लड़ जाऊँगा। नहीं चाहिए साथ किसी का,न किसी का नाम, अपने … Read more