चुनाव चौपाल

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** आचार संहिता बनी तमाशा,चुनाव आयोग हुआ पंगु,  नेता भए राजा भोज,इलेक्शन कमिशन बना तेली गंगू।    सुप्रीम कोर्ट ने लगाई  फटकार,तब जागा आत्म बोध,  स्वतः संज्ञान के भूले में यूं हुआ जागृत कर्तव्य प्रबोध।    योगी माया पर चली चाबुक,लगी प्रचार पर रोक,  आजम-मेनका पर कसी नकेल,छाया खेमे में शोक।   … Read more

धरती बचाओ

हेमलता पालीवाल ‘हेमा’ उदयपुर (राजस्थान ) *************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… सिसक रही है धरती माँ, अश्रुधारा बहा रही है। भीगा-भीगा आँचल उसका, दर्द अपना छिपा रही है। उसके सीने में घाव गहरे, चुपचाप सहला रही है। अपनों ने दिए जख्म ऐसे, मरहम उन पर लगा रही है। सुबक रही है वो बेचारी, लोग … Read more

तो फिर इश्क़ करना नहीं जानते हो

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** अगर तुम मचलना नहीं जानते हो, तो फिर इश्क़ करना नहीं जानते हो। ये गिरकर संभलने की बातें हैं झूठी, कभी जान अटकी-कभी साँस टूटी। अगर दर्द सहना नहीं जानते हो, तो फिर इश्क़ करना नहीं जानते हो। सारे गमों को समेट साथ लेकर के चलना, कभी खुद से बिछड़ना … Read more

पृथ्वी

तृप्ति तोमर  भोपाल (मध्यप्रदेश) ********************************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… पृथ्वी है हमारी घर,जीवनदायिनी, है नारी की भाँति सर्वगुण सम्पन्न गृहिणी। उपजे इस पृथ्वी पर अनेक वीर, पृथ्वी को बचाने दुश्मन पर चलाये तीर। प्रकृति के अनेक रंग से सजी पृथ्वी, जीवन के हर साज से निखरती पृथ्वी। सात रंग के रंगों से सजा इसका … Read more

सोचो ज़रा..

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… सोचो ज़रा… अगर हम पेड़ होते, जग को ठंडी छांह देते फल,पत्ते,लकड़ी भी, कितने उपयोगी होते…l नन्हीं चिरैया अगर होते, मीठी बोली से जग मोह लेते फूल होते तो रंगों से अपने, सजाते कितने मन आँगन खुशबूओं से भर देते जीवनl सोचो अगर…होते पवन जन-जन को … Read more

धरा का प्रेम

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… धरा यही सिखाती है सबको गले लगाती है, पौधे-फूल उगाती है सबको खुशहाल बनाती है। धरा हमारी धड़कन है सुंदर रस का संगम है, मधुर मिलन का मिश्रण है हरियाली का दर्शन है। सच्ची सेवा करती है सारी पीड़ा हरती है, कभी नहीं इतराती है सब … Read more

तुम हो

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ जहां भी देखूं,हर जगह तुम हो, मेरे लबों की,हँसी तुम हो। मेरी हर साँस के महकने की,वजह तुम हो… मैं जो जी रही हूँ,मेरे जीने की वजह तुम हो…॥ मेरी हर नज़र में,बसे तुम हो, मेरी हर कलम पर,लिखे तुम हो। मेरे दिल के,धड़कने की वजह तुम हो… मैं … Read more

धरा तू महान है

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… है धरती माँ,तुझे प्रणाम, तू कितनी है महान। तेरे आँचल में पले जग सारा , हर प्राणी की तू है जान, तू बड़ी महान। सम भाव से सबको हांके चहुँऔर रखती हैं ध्यान, हर समस्या का समाधान , तू बड़ी हैं महान। कभी बहाती तीव्र … Read more

चलो धरा बचाएं

निशा गुप्ता  देहरादून (उत्तराखंड) ************************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… आम का पेड़ आज बहुत उदास लग रहा है, ना डाली झूम रही है ना पत्ता ही हिल रहा है। मेरे मन में उदासी इसकी शंका जता रही है, गर्मी बहुत है आज शायद पानी को तरस रहा है॥ चिड़िया भी खामोश-सी है,छाँव भी नहीं … Read more

सावन-सा त्यौहार

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… सूख रही है धरा, सूख रहा है पानी, आँखों काl धरती बनती, मरू ये कैसा रूप, जवानी काl सूखा तन, तपता बदन धूल-गुबार और, आंधी काl रसातल में जा पहुंचा, जल ये कैसा रूप दीवानी काl आओ सजा दें आँचल इस माँ का, करें बूंदों से … Read more