जीवट वाले दलित महानायक थे रामविलास पासवान

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************* बिहार की राजनीति में चमत्कार घटित करने वाले भारतीय दलित राजनीति के शीर्ष नेता एवं केन्द्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान का निधन भारतीय राजनीति की एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी की वर्ष २००० में स्थापना की एवं संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से उनका राजनीतिक सफर शुरु हुआ। वे अकेले … Read more

राजनीति के ‘सदा मंत्री’ रहे पासवान

तारकेश कुमार ओझाखड़गपुर(प. बंगाल ) ****************************************************** भारतीय राजनीति में रामविलास पासवान का उदय किसी चमत्कार की तरह हुआ। १९८०-९० के दशक के दौरान स्व. विश्वनाथ प्रताप सिंह की प्रचंड लहर में हाजीपुर सीट से वे रिकॉर्ड मतों से जीते और केन्द्र में मंत्री बन गएl यानि जिस पीढ़ी के युवा एक अददरेलवे की नौकरी में … Read more

जाति-धर्म के मोहरे ही राजनीति

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* राजनीति केवल राजनीति है और जब तक जाति व धर्म राजनीति के मोहरे बनते रहेंगे,तब तक राजनेता जाति व धर्म का लाभ लेते रहेंगे। उन्हें प्रयोग करते रहेंगे और उन्हीं का शोषण करते रहेंगे,जब तक कि जाति व धर्म के अनुयायी जागरूक एवं आत्मनिर्भर नहीं हो जाते।सर्वविदित है … Read more

बिहारःसत्ता ब्रह्म,गठबंधन मिथ्या

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************************* बिहार के चुनाव के बाद किसकी सरकार बनेगी,कहा नहीं जा सकता। यदि २ प्रमुख गठबंधन सही-सलामत रहते तो उनमें से किसी एक की सरकार बन सकती थी। एक तो नीतीश कुमार का और दूसरा लालूप्रसाद का,लेकिन बिहार में अब ४ गठबंधन बन गए हैं। नीतीश कुमार के गठबंधन में जदयू और भाजपा … Read more

हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा वकील महात्मा गाँधी

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************************** गाँधी जी ने हिन्दी के आन्दोलन को आजादी के आन्दोलन से जोड़ दिया था। उनका ख्याल था कि,देश जब आजाद होगा तो उसकी एक राष्ट्रभाषा होगी और वह राष्ट्रभाषा हिन्दुस्तानी होगी,क्योंकि वह इस देश की सबसे ज्यादा लोगों द्वारा बोली और समझी जाने वाली भाषा है। वह अत्यंत सरल है,और उसमें … Read more

शुभकामनाएं अकाली दल,राष्ट्रवाद थामे रहिए

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)*********************************************** कृषि कानून-२०२० के चलते शिरोमणि अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठजोड़ का साथ छोड़ दिया है। लोकतंत्र में हर दल को अधिकार है कि वह अपनी नीतियों व इच्छा के अनुसार किसी भी दल या गठजोड़ का साथ दे सकता या विरोध कर सकता है। अकाली दल … Read more

रामलीला मंच से नएपन से जोड़ना होगा नयी पीढ़ी को

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)********************************************** आज विद्युत संचार साधनों का युग है। घर बैठे विश्व दर्शन,दूर देशों से बातचीत और मनोरंजन के साधनों की श्रीवृद्धि ने मंचीय रामलीला, नौटंकी और नाटकों के महत्व को कम कर दिया है। आज की तीव्र गति से भागती हुई जीवन-शैली में रोजी रोटी के संघर्ष परस्पर दूर होते रिश्ते,मनुष्य- मनुष्य में विकसित … Read more

हिंदी के समर्थन में प्रचंड जनसंख्या खड़ी करने के अंतर्राष्ट्रीय लाभ क्या ?

लीना मेहेंदले********************************** हिंदी पखवाड़े में एक प्रश्न बार-बार उठता है कि,क्या हिंदी कोई मौलिक भाषा है ? कितनी प्राचीन या कितनी नूतन है ? चूँकि इससे अधिक प्राचीन भाषाएं हैं,तो उनकी तुलनामें हिंदी की महत्ता कम हो जाती है,इत्यादि। साथ ही यह प्रश्न उठता है कि मैथिली को हिंदी से अलग करके एक प्रमुख भारतीय … Read more

गांधी दर्शन:भौतिक के साथ नैतिक स्वच्छता भी जरूरी…

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ********************************************************** गांधी दर्शन की सबसे बड़ी खूबी और ताकत यह है कि,वैचारिक द्वंद् के बावजूद उसमें समन्वय का कोई न कोई प्रेरक और सर्वमान्य बिंदु न केवल खोजा जा सकता है,बल्कि व्यापक अमल भी किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रखर राष्ट्रवादी होने के साथ-साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी अपना प्रेरणा … Read more

मानवता का मानःएक चिन्तनीय विषय

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ***************************************************** मानवता का मान एक चिन्तनीय विषय हैl आज समाज देश या वैश्विक पटल लोभ, ईर्ष्या,द्वेष,झूठ,ठगी,लूट,भ्रष्टाचार,विस्तारवाद आदि राक्षसी दुष्कर्मों के दल-दल में फँसता जा रहा है। अपने स्वार्थों की सिद्धि के लिए आज मनुष्य किसी भी निकृष्ट कर्म को करने के लिए तैयार है। चाहे परिवार में आजीवन अपनी संतान … Read more