गांधी बाबा को मत मानो,गांधी की अवश्य मानो

निर्मलकुमार पाटोदीइन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************************** अगले २० साल के लिए नई शिक्षा नीति प्रस्तुत हुई है। इसमें अनेक विशेषताएं हैं। एक बड़ी विशेषता कौशल के आधार पर विद्यार्थी को आत्मनिर्भर बनाने की है,विद्यार्थी का जीवन निर्माण करने की है। इसमें पाठ्यक्रम को कम रखते हुए अन्य गतिविधियों को महत्त्व दिया गया है। शिक्षा नीति कोरी दिमाग़ी और किताबी … Read more

कृषि-कानूनःकांग्रेस का शीर्षासन

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************************* संसद द्वारा पारित कृषि-कानूनों के बारे में कांग्रेस दल ने अपने-आपको एक मज़ाक बना लिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस शीर्षासन की मुद्रा में आ गई है,क्योंकि उसने अपने २०१९ के चुनाव घोषणा-पत्र में खेती और किसानों के बारे में जो कुछ वायदे किए थे, वह आज उनसे एकदम उल्टी बात कह … Read more

नवरात्रि में जसगीत का महत्व और छत्तीसगढ़

डॉ.जयभारती चन्द्राकर भारतीगरियाबंद (छत्तीसगढ़) ********************************************************* माता फूल गजरा,गूंथव हो मालिन के देहरी फूल गजरा…,भारतवर्ष में नवरात्रि पर्व को वर्ष में २ बार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और देवी की आराधना की जाती है। वर्ष में ४ नवरात्रियां होती है जिनमें २ नवरात्रि गुप्त अथवा सुप्त नवरात्रि कहलाती है और २ नवरात्रि जागृत नवरात्रि कहलाती … Read more

घर वही,जहाँ बुढ़ापा खिलखिलाए

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’बहादुरगढ़(हरियाणा)***************************************************** किसी ने सच ही कहा है कि जिस घर में बुजुर्ग सन्तुष्ट व प्रसन्नचित्त रहते हैं,वह घर धरती पर स्वर्ग के समान है,परन्तु आज आधुनिकता के परिप्रेक्ष्य में रिश्तों में उत्पन्न व्यवहारिकता,आपसी सामंजस्य व घटती सम्मान की भावना के कारण ऐसा स्वर्ग अब अपवाद का रूप लेता जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों … Read more

आदर्श जीवन की मिसाल गांधी और शास्त्री जी

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) *************************************************** गांधी जयंती विशेष………….. महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ऐसे दो महामानव जो भारत के भाग्य विधाता रहे,जिनकी विचारधारा एक-दूसरे की पूरक रही। जो देश के लिए जिए और देश के हित में ही काल के ग्रास बने। देश और समाज के प्रति दोनों की समर्पण भावना में किंचित मात्र भी संदेह … Read more

हिन्दी के विकास में गाँधी जी का योगदान

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************************** गांधी जयंती विशेष………….. अप्रतिहत स्वतंत्रतासेनानी,अतुलनीय देशभक्त,जन-जन के बापू राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्म दिवस २ अक्टूबर को पड़ता है। बापू हमारी परम्परा के ऐसे विरले चिंतक हैं,जो प्रकाश के साथ-साथ अंधकार को भी दूर तक देखते थे। हमारे चिंतन में जो सर्वोच्च था,वह महात्मा गाँधी के रूप में शरीर … Read more

महानायक का मौन-मुखर व्यक्तित्व

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ********************************************************** बोलने को तो सभी बोलते हैं। नदी,नाले,समंदर,झरने भी बोलते हैं। पशु-पक्षी भी बोलते हैं। महसूस करें तो विनाश के पूर्व और बाद का सन्नाटा भी बोलता है,किन्तु ये सब सिर्फ बोलते हैं या सिर्फ चुप रहते हैं। इंसान ही ऐसा है जो बोलकर भी चुप रह सकता है और चुप … Read more

पं. उपाध्याय का भाषा चिंतन

प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामीदिल्ली *********************************************************** पं. दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राजनीति में एक जाना-माना नाम है। उन्होंने अपना प्रारंभिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में शुरू किया था। बाद में संघ के संगठनकर्ता के रूप में काम करने लगे। १९५० में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर एक राजनीतिक दल भारतीय जनसंघ … Read more

जीवन-गाड़ी के दो पहिए ‘नर-नारी’

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************************** नर-नारी का अनन्याश्रित संबंध हैl दोनों जन्म से भले अलग ईकाई हैं,पर विवाह से जीवन में मिलकर वे एक ईकाई बन जाते हैंl एक-दूसरे के बिना वे अधूरे हैं। कोई लड़की,लड़के के साथ मिल जाती है,तभी वह नारी कहलाती है। शादी के बाद ही यह होता है पर,शादी के … Read more

चीन से हमारे रिश्तों की पड़ताल:विश्लेषणात्मक अध्ययन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) **************************************************** गलवन में हमारे २० बहादुर जवानों के बलिदान ने समूचे देश को गुस्से से भर दिया है। इस घटना से हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान को चोट पहुंची है। अब भारत,चीन के दुस्साहस का जवाब कैसे देता है,यह न केवल हमारे लिए महत्वपूर्ण होगा,बल्कि विश्व व्यवस्था पर भी अपना प्रभाव छोड़ेगा। मौजूदा … Read more