मेंढकों का तलाक भी हो गया,अब तो थमो मेघराज…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** हाय ये आसमानी आफत! मध्य प्रदेश सहित देश के पश्चिमी हिस्से में मानसून ने जिस अड़ियलपन के साथ डेरा डाल रखा है,उसने बारिश की सारी रोमांटिकता को ही बेस्वाद कर दिया है। दो माह पहले जिस कारे बदरा को रिझाने प्रदेश की राजधानी के महादेव मंदिर में मेंढकों का ब्याह हुआ … Read more

जहर बांटते हैं…

डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी सिवनी(मध्यप्रदेश) ****************************************************** दबा पान मुख में बगल देखते हैं, सदा थूकने की जगह झांकते हैं। कभी भी कहीं भी पचक कर चलें वो, बड़ी शान से फिर सड़क नापते हैं। इधर भी नजर है,उधर की खबर भी, शहर ये हमारी डगर जानते हैं। बहे लार मुँह से अधर लाल करते, बना लार कैंसर … Read more

लोकतंत्र भी बीमार हो गया

डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी सिवनी(मध्यप्रदेश) ****************************************************** आज लोकतंत्र भी बीमार हो गया यहाँ। देशद्रोह रक्तचाप यार हो गया यहाँll वोट मंत्र भेदभाव की धुनी रमा रहे। जात-पात संक्रमण बुखार हो गया यहाँll वैद्य नब्ज देख रक्त में कमी बता रहे। देशप्रेम खून में विकार हो गया यहाँll तोड़-फोड़-जोड़-तोड़ अब उन्हें सुहा रहा। राजनीति में समझ निखार हो … Read more

कलियुग की महाभारत

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. सुनो मित्र! कृष्ण हमारे, घोर कलियुग आ गया… द्वापर युग ने फिर एक बार, कलियुग में जनम लिया। देवकी ने दिया कंस को जन्म, पद्मावती ने कृष्ण को पा लिया… मथुरा वृंदावन में तब्दील है, द्वारिका में अनर्गल गिर गया कुंती के सौ पुत्र बने कुटिल, पाकर … Read more

हँसी-ठिठोली कर लें आओ

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** दुनिया के कुछ लोग हमेशा, रहते हैं मुरझाए। हँसी-ठिठोली कर लें आओ, हर कोई मुस्काए॥ बीवी जिसकी कद्दू जैसी, वह ककड़ी का भ्राता। चलना पड़ता साथ कभी तो, पति केवल शरमाता॥ पति मोटा होने की खातिर, खाता रोज दवाई। बीवी दुबराने को मिलों, नाप रही लंबाई॥ अक्सर मुझको दिख … Read more

सावन और बुआजी का आना

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** सावन और बुआजी हर साल आते हैं। सावन के आते ही बच्‍चे खुश हो जाते हैं। सावन की बारिश में नहाने का मजा,पानी में कूद कर लाला जी की धोती को गंदा करने का आनंद और लाला जी का हमारे पीछे-पीछे दौड़ना। मास्‍टरजी साइकल से आते हैं। उनकी पीठ … Read more

चड्डी का ग्लोबल होना

अरुण अर्णव खरे  भोपाल (मध्यप्रदेश) *********************************************************************** पूरे देश में इस समय शायद मैं सबसे ज्यादा खुशी का अनुभव कर रहा हूँ,जबसे मैंने पढ़ा है कि,चड्डीशब्द को ऑक्सफ़ोर्ड ने अपनी डिक्शनरी में शामिल कर लिया है मेरी खुशी का पारावार नहीं है। अब मुझे चड्डी बोलने में शर्म नहीं आएगी। मैं सबके सामने,ब्राण्डेड शो-रूम में,बड़े-बड़े माल … Read more

लोकतंत्र में गिरने-गिराने की परम्परा

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** जैसे पीने-पिलाने वालों के मजे होते हैं,वैसे ही राजनीति में गिरने-गिराने के मजे होते हैं। राजनीति में गिराने वाला और गिरने वाला दोनों ही महान माने जाते हैं। राजनीति में आदमी गिरने से पहले पुरजोर कोशिश करता है कि वो किसी को गिरा दे और गिरे नहीं,राजनीति में तो एक-दूसरे … Read more

‘बारिश-ए-दौरा’

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** ट्रेन का-बारिश का देर से आना और किसान का रोना कोई नई बात नहीं है। बारिश,किसान,कीचड़,जाम,सड़क का बह जाना, आदि-आदि नई बातें नहीं हैं। नई बात तो तब शुरू होती है,जब सरकार नई हो,मंत्री नया हो,मोहल्‍ला नया हो (कच्‍ची कालोनी), रहने वाले नये हों तो समस्‍याएं भी नई … Read more

वास्तु का नया फ़ण्डा

अरुण अर्णव खरे  भोपाल (मध्यप्रदेश) *********************************************************************** पहले लोग जब घर बनाते थे,या खरीदते थे तो उनकी प्राथमिकता होती थी घर में समुचित रोशनी हो,खुला-खुला हो,हवादार हो। बाद में वास्तु के अनुसार घर बनाने और खरीदने की होड़ होने लगी,पर हमारे मित्र पण्डित नरोत्तम देव शर्मा आजकल एक नई समस्या से जूझ रहे हैं,जो उनको वास्तु … Read more