पर्यावरण की ओढ़नी
सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** पेड़ों का है कहना, ना तुम हमें काटना धूप-छाँव का बिस्तर देते, राहगीर की पीड़ा हर लेते फल-फूल का है भंडार, वर्षा में सहायक होते। संजीवनी बन देते प्राण, तादाद बढ़े हमारी करो यह उपकार, पेड़ लगाओ सब बच्चे- बूढ़े और जवान। गंगा माँ स्वर्ग की देवी, भगीरथ का तपोबल महान … Read more