सितमगर भी वहीं रहता है

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** क्यूँ मेरे दिल में एक दर्द-सा रहता है, लगे ऐसे कुछ तो चुभा-सा रहता हैl नश्तर वालों से सुधरे ताल्लुकात मेरे, ये तो किसी अपने का काम लगता है। नफरत भरके दिल में मुस्कराते हैं वो, सलाम का उनका ये अंदाज रहता हैl खेलते हैं जो आवाम की हसरतों से, … Read more

शहीद जवानों को नमन

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. हमारे वीर शहीद जवानों तुम्हें है नमन, रक्षार्थ देश हेतु तुम्हारा हुआ पुण्य गमनl रखेगा याद तुम्हें युगों तक हमारा वतन, हमारे वीर शहीद जवानों तुम्हें है नमन। थे तुम वीरता के सच्चे रूप, लगे रहे निरंतर देश सेवा मेंl रात हो या … Read more

कारगिल का युद्ध

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. विजय दिवस मनाए,तिरंगा लहराए, तिरंगा फहराए,तिरंगा लहराएl आजादी के गीत गाए,जश्न मनाए, तिरंगा लहराए,तिरंगा फहराएl कारगिल युद्ध भूमि बड़ी महान, शहीदों के लहू से हुआ श्रृंगारl भारत की सेना ने किया कमाल, पाक का हुआ था बुरा हालl मिग २७,२९ की पड़ी पाक पर बौछार, परमाणु … Read more

सैनिकों को नमन

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. कितनी माताओं का पालना है टूटा, संगनी की मेहंदी का रंग है छूटाl आज भी कहती हैं कारगिल की सीमा, मिट्टी में बह रहा है सैनिक का खून धीमा-धीमाl हस्तियों को मेरे देश में रहने से लगता है डर, मेरे जवान कैसे मेरे देश पर … Read more

भूले ही कब…..

डॉ.सोना सिंह  इंदौर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************* किसे और कैसे नमन करूं ? यह सवाल हर साल साल दर साल कौंधता है मन में। कौन थे और आखिर कौन है वो ? जो खाकी हरी वर्दी में निकलते हैं घर से, फिर कभी न लौटने की संभावना के साथ। लंबे दस्तावेजों पर लिख देते हैं वो, अपना नाम … Read more

कमजोर नहीं भारत की बेटियाँ

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* कोमल हैं,कमजोर नहीं भारत की ये बेटियाँ, नहीं आज से,हैं युगों से भारत का सम्मान बेटियाँ। कभी अपाला कभी गार्गी बन,संभाली भारत की पतवार बेटियाँ, बन सीता,अनुसूईया रखती घर की लाज बेटियाँ। माँ,बहन पत्नी रूप है पुरूष का आधार बेटियाँ, बन शक्ति रूप पुरुष की,लक्ष्मी,गौरी,सरस्वती हैं ये बेटियाँ। … Read more

संचय

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** संवादहीनता बढ़ रही है, बिखर रहे मानवीय मूल्य, करना होगा क्षमताओं का संचय, अनमोल है मानव मूल्य मुझे मानव ही रहने दो, जो मानवता के गुण से परिपूर्ण हो, देह है क्षणभंगुर व्यापकता को अपनाओ, याद रहेंगे सबके स्मरण में यही मानवीय गुण, संचय करो अपने अंदर मानवीय मूल्यों को, … Read more

पैगाम आएगा…!

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* पैगाम आएगा जिस रोज़ मेरे चले जाने का, होगी कुछ-कुछ अलसाई-सी सुबह चारों ओर। कहीं ईमेल,व्हाट्सएप और ट्वीटर तो कहीं ट्रिंग-ट्रिंग बजा-बजा, पहुँच रहा होगा मेरे न रहने का संदेश। तनी चादर के किसी छोर से, आहिस्ता से अँगड़ाई भरे हाथों से, रिसीव होंगे फोन कॉल। उड़ जाएगी नींद … Read more

दुःखी किसान

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** इस भयंकर वर्षा ने पकी फसल को सुला दिया, उस गरीब किसान को इसने मार के रुला दिया। जो अपना कर्म समझ के पी रहा चोटों का दर्द, आज उस अन्नदाता को ईश्वर ने भी भुला दिया॥ वर्षा के कितने रुप,कभी अमृत तो कभी जहर, लेकर आई यह विनाशी अंधकार,मचाया है … Read more

भारत माँ

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* मैं भारत हूँ ,हाँ मैं भारत हूँ, तुम सबकी भाग्य विधाता हूँl देखो… पूरे जगत में अपनी विशालता की कहानी बतलाई है, त्याग है देखी,ममता देखी शौर्य का अदभुत दृश्य, दुनिया को दिखलाया है। दुनिया के दिल को जीता है बस फिर अपने ही घर में हार गईं, बैठ अंधेरी … Read more