हम हैं बस प्यार के..
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** क्या खूब सलीके इज़हार के प्यार के,बेकरारी के तराने, क्या कशिश अनसुलझे अहसास के, क्या समर्पण स्वयं का प्यार के निकुंज में नासमझी कहूँ ख़ुद की,या सौ बहाने, आरजू,आशिकी या दिलकशी, या अविरल भक्ति की रसधार में, हूँ समाए बहुरूप दिल के ताज़ मेंl चाहत चमन की गुलिस्तां … Read more