तुम किस्मत आजमाना,मैं संघर्ष करुँगा

दीपेश पालीवाल ‘गूगल’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************** लाख आए चाहे तूफान कोई जीवन में अब मैं नहीं रुकूँगा, चुनौतियाँ हजार मिलें चाहें मुझे मैं सब स्वीकार करूँगा। तुम किस्मत आजमाना,मैं संघर्ष करूँगा…॥ तुम चाहे जेक-चेक हजार लगाना, या चाहे किसी मंत्री से बात करवाना। अबके मैं बिल्कुल नहीं रुकूंगा, तुम किस्मत आजमाना,मैं संघर्ष करूँगा…॥ डर के … Read more

पोरस

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* जो जीता वही सिकन्दर इस मिथ्या को कब तक तुम गाओगे, पोरस की विजयगीत को इतिहास के पन्नों में कब तक यूँ छिपाओगे। सिन्धु नदी और झेलम ने फिर पोरस को पुकारा है, उन इतिहासकारों की चाटुकारिकता को देखो कितना धिक्कारा है। मुद्राराक्षस के पन्नों को कभी तुम टटोल लो, … Read more

मतलबी राग

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** किसका गीत सुनाऊँ,सब मतलबी राग हैं, भीतर से दगाबाज़ बाहर फिर भी सजाये साज हैं। आदमी संभलता तब,जब वक्त की लगती ठोकर है, जो करता बातें सच्ची,सच्ची राह बताता ये दुनिया उसे समझती जोकर है। ये ज़माना किसी का नहीं,न ही इस पे हक़ किसी का, यहाँ कुछ भी … Read more

अपने

मानकदास मानिकपुरी ‘ मानक छत्तीसगढ़िया’  महासमुंद(छत्तीसगढ़)  *********************************************************************** निज भाषा,निज धर्म को समझो, गुरु भी यही सिखाते हैं। गैरों के आचरण भी कभी-कभी, खुद को नीचा दिखाते हैंll जो अपने को छोड़,गैरों के हो जाते हैं, ना ओ गैरों के होते है ना अपने रह पाते हैं। कटता है जीवन कष्ट और तिरस्कार में, न इधर … Read more

जीवन

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* धीरे-धीरे गुजर रहा था जीवन, फूलों-सा महक रहा था जीवन हँसता-खिलखिलाता-सा था जीवन, जितना था उसी में था खुश जीवनl अपने में मिसरी-सा घुला था जीवन, स्वच्छन्द और छोटी उड़ानों वाला था जीवन, निर्भीक और उत्साहित था जीवन संगीतमय लग रहा था ये जीवनl भक्ति आराधना में भी था … Read more

मतदान करें

गरिमा पंत लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** आओ मतदान करें, फिर से बदलाव करें। लोकतंत्र की हो रही है शादी, हम सब बन जाएं बाराती। वोट हमें डालना है जरुरी, कोई शिकायत न रहे अधूरी। हम सबको जगाना है, मतदान सबको कराना है। अब तो जग जाओ तुम सब, केवल वोट पर चर्चा न करें। हवा बदलाव की … Read more

एक और अनेक

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** आओ भाई हम सब भाई, माला आज बनायेंगे। मालाओं को पहन गले में, एक रूप बन जायेगें हम मातृभाषा अपनाएंगे। फूल हमारे खुशबू वाले, बागों की सुन्दरता वाले। इसी भांति सुन्दर-सुन्दर से, हम कर्त्तव्य दिखाएगें हम राष्ट्रभाषा अपनाएंगे। सुई-धागे हाथ जुटाकर, अपने-अपने फूल सजाकर नीलेपीले सभी गूंथ कर, मन की … Read more

मुझे मत रोको,मत टोको,मुझे आने दो…

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** माँ! मुझे मत रोको,मत टोको, मुझे आने दो। माँ! मैं तुम्हारा ही प्रतिबिंब हूँ, तुम्हारे आदर्शों का ही रूप हूँ। मुझे अपनी भावनाओं को उबारना है, तुम्हारे गुणों को निखारना है एक आदर्श महिला बनकर, जग को सशक्तता का संदेश देना है। माँ! मुझे मत रोको,मत टोको, मुझे आने दोll … Read more

तेरा ही अंश हूँ

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** माँ मैं तेरा ही अंश हूँ, मुझे इस दुनिया में अब आने दो माँl कुछ नहीं चाहिए, बस प्यार तेरा चाहिए मुझे अपने आँचल में, अब छिपा लो माँl मैं सहमी-सी तेरी, नन्हीं कली मेरा कसूर क्या है माँ ? मेरी साँसों को बचा लो माँl मैं बोझ नहीं हूँ … Read more

ऐसी क्या गलती की…

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ दिये तो बहुत थे पर, जल कुछ और रहा था। अंधरे में रोशनी, वो ही कर रहा था। अब कैसे पता करें हम ? जिक्र जब भी उनका, करते अपने दिल में। याद कुछ और ही, दिला देता ये दिल। अब क्या कहोगे इसे, तुम कुछ तो बता दो। बात जो … Read more