नारी का अंतर्मन

रंजन कुमार प्रसाद रोहतास(बिहार) *************************************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… नारी जीवन की व्यथा हूँ, किसको आज सुनाऊँ मैं अंतर्मन से दुःखी हूँ, कैसे आज बताऊँ मैं। हाय रे,मेरी जीवनी, आज कष्टों से घिरी हूँ जिन्हें विषय का ज्ञान नहीं, आज उसी से घिरी हूँ। जिस मानव को जन्म दिया, आज उसी से छली हूँ … Read more

नारी की श्रद्धा

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** नारी तुम केवल एक श्रद्धा हो, नारायण है परछाई तेरी दुर्गा बन असुरों का संहार किया, कल्याणी बन सुर को तार दिया। नारी है देश प्रेम की गौरव-गाथा, नारी है विश्व-विधाता,ज्ञान पताका। नारी के बल का तौल नहीं,सतीत्व है पहचान, त्रिदेव झूले पलने,बनकर बाल भगवान। नारी ममता की मूरत,करूणा का सागर, … Read more

घर की शोभा नारी

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़र देवास (मध्यप्रदेश) ******************************************************************************* ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… मैंने अकेले रहते हुए, घर में हर सुख सुविधा जुटाई। लेकिन- वो ख़ुशी कभी न पाई , जो माँ,बहिन,बेटी,बहू,भाभी के रहने से होती है। सच पूछो तो घर कितना ही बड़ा हो, पर घर की शोभा नारी ही होती है। आलीशान महल बनाया, सुख-सुविधा … Read more

महिला सशक्तिकरण

हेमलता पालीवाल ‘हेमा’ उदयपुर (राजस्थान ) *************************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… नारी को मत बाँधो जंजीरों से, रीत-रिवाज की प्राचीन बंदिशों से। खोलो अब तो सारे बँधन पुराने, लेने दो श्वाँस अब उसे खुली हवाओ में। अपनी आजादी का दायरा जानती है, मर्यादा का आवरण वह पहचानती है। संस्कृति व संस्कारों की ओढ़,ओढ़नी, वह … Read more

नारी काली है

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… एक नारी दूसरी नारी को समझेगी, तब सम्मान की बगिया खिलेगी। खुशी से निभाओ अपना हर फर्ज, आँसू का सूत समेत चुकाना कर्ज। मानती हूँ हर रिश्ता है तुम्हारी जान, पर मत भूलना,प्यार से बड़ा है मान। बेशक आएगा तुम्हारे ख्वाब में एक नवाब, पर … Read more

घर से सड़क तक दौड़ता मन

डॉ.हेमलता तिवारी भोपाल(मध्य प्रदेश) ********************************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… घर से सड़क तक दौड़ता मन बेचैन मन उद्वेलित,आशंकित सशंकित भटक रहा इधर-उधर, कभी खिड़की कभी दरवाजे,और कभी सड़क तक दौड़ता मन…। अब तक न आया जीवनसाथी, अब तक न आयी जीवन जननी और अब तक न आयी इकलौती बहन घर से सड़क तक दौड़ता … Read more

मुझे जिंदा रहने दो…

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… कुछ अनकही कहने दो, सपनों को बुनने दो… मेरी आवाज़ को जिंदा रहने दो। बहुत उठाए जिम्मेदारियों के बोझ, साँझ-सवेरे हर रोज़… पर कुछ हकों को जिंदा रहने दो। थक के गहरी नींद आ गई, कभी चिंताओं से नींद उड़ गई… पर खुली आँखों का सपना … Read more

नारी

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… अबला-अबला-अबला है इस देश की नारी, भारतीय संस्कृति के झूले पर टंगी रहती है बेचारी। एक माँ के रूप में इसकी ममता है न्यारी, रक्षा बंधन के कारण वह है सबकी प्यारी॥ दादी के रूप में सुनाती है वह अच्छी-अच्छी कहानी, भाभी के रूप … Read more

नारी वरदान हो तुम

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… नारी तुम श्रद्धा हो, सुकोमल नवकिसलय कुसुमित मनोरम मधुरिमा, ममता वात्सल्य पारावार जीवनाधार जगदम्ब हो तुम। जननी हो करुणार्द्र, स्नेहामृतांचल पसारे सन्तति आलिंगन उद्यत सतत्, माता अवलंब हो तुम। सुखदा,कल्याणी,भव्या, कान्ता सुखदा अर्द्धांगिणी हो तुम। आत्मजा,कुमारी,कन्या, हर्षिणी,शान्तिदायिनी अम्ब,भगिनी,वधू रम्या, अध्यापिका,नेत्री,शक्ति,भद्रा देवासुर मनुज सम्पूजिता, … Read more

पहचान

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… आज-कल मैं कुछ मुस्कुरा के चलती हूँ। झुका के नहीं, सिर उठा के चलती हूँ। अहं से नहीं…, अहम से। मैं मुस्कुरा के चलती हूँ, क्योंकि अब मेरी अपनी, अहम पहचान है…। अब भी मैं, अपने पिता की बेटी तो हूँ, पर … Read more