हो गया समझदार गणतंत्र
अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************************** सफल नहीं होगा यहाँ,अब कोई षडयंत्र। धीरे-धीरे हो गया,समझदार गणतंत्र॥ जिनके दिल में है नहीं,ज़र्रा भर भी प्यार। नफरत से जुड़ते सदा,उनके देखो तार॥ देश भक्ति का फूंकता,सबमें अदभुत मंत्र। इकहत्तर का हो गया,अपना ये गणतंत्र॥ साठ महीने तक मिला,जिसको सतत अभाव। उसको अब फुसला रहे,देख करीब … Read more