चान्डाल चौकड़ी की पिकनिक

डॉ.आभा माथुर उन्नाव(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. टिंकू मेंढक,पिंकी गिलहरी,टफी कछुए और गोलू पिल्ले की टोली जंगल में चांडाल चौकड़ी के नाम से प्रसिद्ध थी। जमीन पर,पानी में और पेड़ों पर भी इनके उपद्रव का अंत न था। पेड़ के नीचे से निकलने वालों पर फल या फलों की गुठलियाँ गिराना,नदी के … Read more

उन बच्चों का जीवन भी तो जीवन है

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. जिनके हैं माँ-बाप नहीं,बस क्रंदन है, उन बच्चों का जीवन भी तो जीवन हैl भूखे प्यासे सड़कों पर दिख जाते हैं, रोटी कम,ठोकर ही ज्यादा खाते हैं मजदूरी करते रोजाना दिन-दिन भर, लेकिन खोटे सिक्के ही बस पाते हैंl ऊपर से मालिक का कितना … Read more

बादल मुझे बना दो राम

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. बादल मुझे बना दो राम, नभ की सैर करा दो राम। उमड़-घुमड़ कर नीलगगन की, छाती पर लहराता जाऊं गोद में भरकर बिजली को मैं, मन ही मन इतराता जाऊं दूर-दूर तक चलता जाऊं, कभी करूं न मैं विश्राम। बादल मुझे बना दो राम… हिमगिरी … Read more

बचपन

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. हँसी लड़कपन की हसीन, और वो मीठे-मीठे पल। याद है बचपन के दिन, वो गुजरे हुए सारे कलll न चेहरे पे थी चिंता कोई, न माथे पे थी कोई शिकन। हँसी-खुशी गुजरते थे, बचपन के हर दिन-हरपलll माँ की गोदी में होती, तब सारी … Read more

राष्ट्र एकता

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ***************************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. आओ नन्हें-मुन्ने बच्चों, आओ प्यारे-प्यारे बच्चों। हम मिलकर सब ये कहें, राष्ट्र में एका रहे। राष्ट्र में एका रहे, प्रेम की धारा बहे॥ धर्म जातियता बहुत, फिर भी यह भारत एक है। राष्ट्रभाषा एक है और, एकता सबकी रहे। एकता सबकी रहे, राष्ट्र में एका … Read more

भविष्य हो विश्व के तुम ही

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. ओ लाल,मेरे लाल,सारे जग के बाल-गोपाल, रखना,तुम ही,मानवता को सम्भाल। ओ लाल…॥ भविष्य हो विश्व के तुम ही,मानवता के रखवाले, मिटने कभी न देना-२,मानवता के ये नाले। सदा ही सिंचित रखना,मानवता की जड़ों को, मानवता से ही दैत्यिक मिटाना बीहड़ों को। ओ लाल,मेरे … Read more

नन्हा-सा एक बालक

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. नन्हा-सा एक बालक हूँ हाथ पकड़ कर चलता हूँ, पीछे कभी न मुड़ता हूँ आगे पथ पर चलता हूँ। बात-बात पर लड़ता हूँ फिर भी साथ में रहता हूँ, मिल-बांट कर खाता हूँ विद्यालय समय से जाता हूँ। औरों से मतभेद नहीं पिजरा हमें पसंद नहीं, … Read more

बाल दिवस हो खुशनुमा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. बाल दिवस पर आज हम,शुभाशीष दें बाल। निर्माणक जो देश के,सँवारें नौनिहाल॥ स्वस्थ रहें निज गात्र से,बने सतत मतिमान। पढ़ें लिखें विनयी बनें,हो सुपात्र इन्सान॥ सदाचार संस्कार पथ,यायावर नित लक्ष्य। सबल सफल धीरज बने, हो बच्चे संरक्ष्य॥ खेल कूद उन्मुक्त मन,निर्मल निच्छल भाव। … Read more

फिर से बच्चे बन जाएं

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. चलो चलते हैं बचपन के गाँव में, ममता की गोद में,पीपल की छांव में। फिर खेलें वो खेल,फिर चलाएं अपनी रेल, वो लुका-छुपी और पोशम्पा की जेल। वो कागज की नाव,कागज का जहाज, रंग-बिरंगी ये पतंगें,वो कागज के साज। आओ चलो फिर बच्चे … Read more

आज चलो बच्चा बन जाएं

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************ विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. बचपन की वो हँसी ठिठोली, मीठी और तुतलाती बोली परम्परागत खेल निराले, हँसी-खुशी मिलकर के खेलें फिर से वो ही पल दोहराएं। आज चलो बच्चा बन जाएं॥ चिंता-फिक्र नहीं थी कोई, केवल खाना खेलना होई कभी रूठना कभी मनाना, ना ही कोई पराया-अपना स्मृति में … Read more