पत्थर दिल

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** अब जा के, मेरे मन को आया,करार जब मैंने, अपने दिल को पत्थर पाया। है बहुत फिक्रमंद,और चाहने वाले,मेरे न जाने क्यूँ, मेरे दिल मे अभिमान आया,जो अपने दिल को पत्थर पाया। हो जाती है, मुहब्बत एक बेजुबाँ से फिर क्यों मैंने हँसी में, किसी का दिल दुखाया। अभिमान,गुरुर और बेतुकी … Read more

भारतीय संस्कृति न्यारी

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** इंसान का इंसान से है, क्या अब भाई चारा। बता दो लोगों यहां पर, पूछ रहे हैं हर जन। इंसान का इंसान… कितनी सादगी और स्नेह प्यार से, हिल-मिल कर रहते आए। नहीं रखा कोई भी बैर-भाव हमने अपने दिलों में, क्योंकि,खाया है अन्न हम सबने भारत माँ का, फिर क्यों … Read more

मुलाकात हो जाती है

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** तुम्हें याद करते-करते कब दिन रात हो जाती, कभी ख्वाबों में रह कर तुमसे कुछ बात हो जाती। हमारे दिल की ये ही आरजू रही आज तुमसे- दिल से दिल की बात हो तो मुलाकात हो जातीll परिचय–मोहित जागेटिया का जन्म ६ अक्तूबर १९९१ में ,सिदडियास में हुआ हैl वर्तमान में … Read more

गाँव की सैर

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** एक बार हम चले करने गाँव की सैर, आपस में सब मिल रहे नहीं किसी से बैरl हरियाली-हरियाली दिखती चहुँ ओर, गाड़ी मोटर की नहीं आता कोई शोरl घर की छत से दिखते हैं अदभुत नजारे, पास बुलाती हैं हमको बाँहें फैला बहारेंl सब-कुछ अच्छा है वहाँ हुआ बहुत विकास, … Read more

तेरी पायल की झनकार

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हो गया दिवाना,देखा जबसे तुमको, ना रहा ठिकाना,भूल गया खुद को। करती मेरा दिल बेकरार, तेरी पायल की झनकार। चाँद-सा चेहरा तेरा, आँखों से दिल में उतर गया। सोने न देती मुझे, दिल धड़काती है यार सदा। होंठों की लाली,कानों की बाली, आँखों का काजल,करता है घायल। पागल करती … Read more

चाँद

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  ऐ चाँद, तुझे देख, मुझे लगता है यूँ, दुनियादारी के, रंग सभी, तुझमें है भरे, कितना है मतलबी, तू देख अरे…l सूरज का, ले प्रकाश, प्रथमा-द्वितीया को, विनीत भाव से, सूरज के संग, खड़ा रहता है, और सूरज की, सहायता से, सहानुभूति से, जब तेरी, प्रगति होती … Read more

उम्मीद

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* जबसे हमने होश संभाला है, उम्मीदों को ही पाला है शाम को पापा आएंगें, खेल-खिलौने लाएंगे। पूरा दिन इसी इंतजार में निकाला है, हमने उम्मीदों को ही पाला है…॥ उम्मीद थी पिता को बहुत, बेटा नाम कमाएगा मेहनत कर इस दुनिया में, कुछ तो कर दिखलाएगा। किन्तु बेगारी … Read more

कब तक गिनते जाएंगे

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ हम सैनिकों के शव यूँ ही कब तक गिनते जाएंगे, आतंक और आतंकियों को कब सबक सिखलायेंगे। देश कह रहा बहुत हो गया,अब बचा है धैर्य नहीं- ये इनके आकाओं की छाती पर भी तिरंगा फहरायेंगे॥ परिचय–शशांक मिश्र का साहित्यिक उपनाम-भारती हैl २६ जून १९७३ में मुरछा(शाहजहांपुर,उप्र)में जन्में हैंl वर्तमान … Read more

ख्वाब

आशुतोष कुमार झा’आशुतोष’  पटना(बिहार) **************************************************************************** झूठे ख्वाबों को कोस रहा, अपने मंसूबों को रोक रहा। देखता रोज ही ख्वाब वो, अकेला कर रहा राज वो। अंधेरे का है मालिक वो, उजाले का देखता ख्वाब वो। बचपन से करता आया संघर्ष वो, आज भी कर रहा संघर्ष वो। बूझते दीपक की लौ की भाँति बुझ रहा, … Read more

मृत्यु भोज ऐसा कराना बेटा…

विजयलक्ष्मी जांगिड़ ‘विजया’  जयपुर(राजस्थान) ***************************************************************** हाँ बेटा, मेरी मृत्यु पर तुम भी एक मृत्यु भोज कराना। सड़क पर कचरे से, भूख मिटाती गइया है न, उसे भरपेट हरा चारा खिलाना, फिर जीभर शीतल जल पिलाना, और देखो! सड़क पर जो आवारा से घूमते श्वान दिखे, तो उन्हें भरपेट भोजन करानाl हाँ,एक काम जरूर करना, सबसे … Read more