चोट

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** गौर से देखने पर, दिखाई देने लगती हैं अंधेरे अकेले में, उमचकर बाहर आ गिरती हैं चोटें। सिहर उठती हैं ऐसे, जैसे छूने भर से…। और कुछ चोटें, समय की छाती पर बहती है नदी बन कर, कुछ पर्दे के पीछे छिपी रहती हैं, अपनी नियति पहचानते हुए … Read more

शिक्षक की महिमा..

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** वे ऐसा काम करते हैं सभी गुणगान करते हैं, हमें अमरित पिला कर खुद जो अमरित पान करते हैं, कि उनके पाँव अक्सर शब्द मेरे चूमते रहते- बहुत ही पूज्य गुरुवर हैं कि विद्या दान करते हैं। अशिक्षा का जो होता है वो घेरा चीर देते हैं, वे तेरा … Read more

सूर्य आराधना

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** श्रद्धा आराधन वंदन, नमन भावों से सृष्टि को, सूरज की भक्ति की शक्ति का युग सारा। तमस मिटाते युग का जीवन में उजियारा लाते, सबको भाते अवनी अंबर का अभिमान, उत्साह उमंग उल्लास ओज तेज, दिनकर दिवाकर को प्रणाम॥ अस्ताचल, उगता चल चलता चल हँसता चल। भुवन भास्कर, आशा … Read more

जुबां को तलवार कर दिया…

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली भोपाल(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** पहले तो खुद के इश्क में बीमार कर दिया। अपनी जुबां को बाद में तलवार कर दिया। ऐसी लगाई लत कि तलबगार हो गये, फिर बोल कड़वे दिल को छार-छार कर दिया। ये दोस्ती भी रब की इनायत समझ लें हम, करते हैं छल-फ़रेब अब व्यापार कर दिया। मानिन्द अपने … Read more

उपकार

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** उपकार आपका कैसे भूलें, ईश्वर आपका है आभार। मानव जीवन दिया मुझे, कर सकूँ किसी पर उपकार॥ उपकार आपका कैसे भूलें, माता आपका है आभार। ममता का आँचल दिया, दिए आपने सही संस्कार॥ उपकार आपका कैसे भूलें, पिता आपका है आभार। सीख दिया जीवटता का, नमन आपको है साभार॥ उपकार … Read more

तू कहीं नहीं जाना

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** ऐ मेरी जाने ग़ज़ल,तू कहीं नहीं जाना, तेरे होने से ही सुकूं का है आना-जाना। मेरी तन्हाई सताती बहुत ही मुझको, तेरे जाते ही इसका रहता है आना-जाना। इतना मशगूल मुझे रखती है शिद्दत तेरी, वक्त का भी नहीं पता चलता है आना-जाना। तेरी शिरकत ने ‘चहल’ को … Read more

साहसी नारी

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- शादी से पहले ये मौसम सोचो कितना प्यारा था, प्यार बहुत ही था दोनों में जिसका नहीं किनारा था। आज सोचने बैठी हूँ तो आँखें ही भर आती हैं, शादी से पहले की यादें मुझको बहुत सताती है। बीत गया वो वक्त सुहाना साथ कभी जो बीता था, प्यार … Read more

तुम्हारी छतरी

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ ये तुम्हारी दी छतरी, खोली तो… दिल में यादों के, सागर उमड़ गये मन में तरंगें उठने लगी। ये तुम्हारी छतरी, मुझे याद दिलाती है तुम्हारी… माना कि, रंगहीन और पुरानी हो चुकी है तुम्हारी दी छतरी… कहीं मटमैली, तो कहीं जंग लगी मगर, आज भी यादें रंगीन हैं, … Read more

जल जीवन

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** जल जीवन, कल का ये आधार- बचाएं सब। नदिया पेड़, सबको बचाना है- भविष्य बनें। जीवन जीते, नहीं तो अब हारेंगे- बिना नीर के। सूखा पड़ेगा, हम मर जाएंगे- कैसे जिएंगे। परिचय–मोहित जागेटिया का जन्म ६ अक्तूबर १९९१ में ,सिदडियास में हुआ हैl वर्तमान में आपका बसेरा गांव सिडियास (जिला भीलवाड़ा, … Read more

सावन

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* सावन आया झूम कर, रिमझिम करती बारिश आयी। आओ ! सखी झूला झूलें, बागों में हरियाली छायी॥ हँसी-ठिठोली करती सखियां, झूला झूलें मधुर गीतों संग। पंछियों की कलरव के बीच, इंद्रधनुष में छाए सतरंगी रंग॥ बहुत सुहाना मौसम है, चारों ओर हरीतिमा लाली। झूला झूले,क्रीड़ा करे , हँस-हँस कर बजाये ताली॥ … Read more