मंगल मूरत शुभ देव गणेश

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** जै जै जै गणपति गणनायक, शुभ कर्मों के देव विनायक! जै जै जै गणपति गणनायक!! मातृभक्ति की शक्ति प्रथम पूज्यते देव गज़ानन, जै जै जै गणपति गणनायक! शुभ कर्मों के देव विनायक, जै जै जै गणपति गण नायक!! महादेव शिव शंकर के सत्य प्रकाश, महाकाल रूद्राअँश भय भव,भंजक बाधा … Read more

हमीं ने देर कर दी इजहार में…

चतुरसिंह सी.एस .’कृष्णा’ भरतपुर (राजस्थान) ******************************************************** रात-भर जागता रहा उसके फोन के इंतजार में। शायद हमीं ने देर कर दी उससे इजहार में। सोचता हूँ तो आज भी दिल दहल जाता है, पता नहीं क्या कमी थी हमारे किरदार में। जरा संभल कर रहें,इत्मिनान बरतें, चोर-उचक्कों का दबदबा है सरकार में। बेशक मर गये पर ज़मीर … Read more

राष्ट्र प्रेम

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- देशप्रेम एक गुरूमंत्र है,सबको यही सिखाना है, कर पुरुषार्थ देश को अपने उन्नत हमें बनाना हैl हर घर पर लहराए तिरंगा,जन गण मन का गान हो, वंदेमातरम् गूँजे,ऐसा हिन्दुस्तान बनाना हैl राष्ट्रप्रेम जिस हृदय नहीं,हृदय नहीं वो पत्थर है, देशभक्ति का दीपक हमको हर दिल में जलाना हैl सारा … Read more

थोड़ा-सा मुस्कुराइये…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ तनाव भरी है यह जिंदगी, थोड़ा-सा मुस्कुराइयेl सुरम्य प्रकृति की गोद में, थोड़ा-सा भ्रमण कर आइयेl बिखरी बिखरी-सी है जिंदगी, मेरे हमसफ़रl मिले फुरसत तो, कोई मीठा-मीठा संगीत गुनगुनाइयेll परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म तिथि ५ मई १९६९ और जन्म स्थान-ऋषभदेव है। वर्तमान … Read more

खेल भावना हो सही

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** खेल भावना हो सही,तभी मिलेगा मान। रौशन होगा नाम फिर,दुनिया हो हैरानll खेलो देश विदेश में,लहरे परचम आज। रहे सभी सदभावना,करें सभी फिर नाजll अपने लिए नहीं वरन,खेल देश सम्मान। गर्व करो तुम देशहित,खुद का होगा मानll कपट-द्वेष मन में नहीं,सबमें प्रेम समाय। यही खेल की भावना,जिससे सब … Read more

घर की रौनक बच्चे

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** बच्चे मन के होते सच्चे, सुन्दर कृति ईश्वर की सौन्दर्यमय उनकी लीलाएं, मन मोहते,लोगों का। चहक-चहक कर फुदकने लगते, घर-आँगन में खुशियाँ बिखेरते मन भी उनके निर्मल होते, हृदय से सरस भाव झलकते। माता-पिता की आँखों का तारा, उनसे है जग में उजियारा नींद न आये तब माँ से, सुनने लगते … Read more

हम सब योग अपनाएं

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष……………. आओ भारत की संस्कृति का गौरव गान करें। ऋषि-मुनियों की इस परम्परा का बखान करें। योग को पूरी दुनिया ने अब अपना ही लिया, आज योग को मिलकर सारा हिन्दुस्तान करे। स्वस्थ बनने के लिए हम सब योग अपनाएं। योग से रोग मिटा कर खुद को स्वस्थ … Read more

रेलगाड़ी के गार्ड का डिब्बा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** रेलगाड़ी के अंत में वो,मैं गार्ड का डिब्बा हूँ, किसी ओर की मंजिल को,मैं उससे बंधा हूँ। छूट गये निशानों को देखना ही मेरी फितरत, क्या हो रहा है आगे,यह देखने को अंधा हूँ। खींच ले रहे हैं शायद,ये आगे वाले ही मुझे, या उनके साथ,खुद घिसटता हुआ बंदा हूँ। … Read more

करें योग व्यायाम

कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’ इन्दौर मध्यप्रदेश) ********************************************* अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष……………. तन-मन और जीवन को आओ थोड़ा सरस बनाएं, करें योग व्यायाम ध्यान और जीवन को सरल बनाएं हम। जग में फैल रही कटुता पर योग ध्यान का लेप लगाएं, वाणी में भरकर मिठास नव जागृति का दीप जलाएं। कुंभ दंभ का फोड़ धरा पर होंठों … Read more

प्रतीक्षा

रेखा बोरा लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ************************************************************* अपनी अनन्त यादों… तुम्हारे असंख्य वादों के साथ जी रही थी मैं। मन कहता रहा.. तुम आओगे…जरूर आओगे, एक दिन! जाते हुए कहा था तुमने… मिलते रहेंगे हम आगे भी, तुम्हारे वादे पर यकीन कर मैं आने वाले उस कल की करती रही… प्रतीक्षा। तुम्हारी औपचारिक बातों को… समझ … Read more