स्वच्छ भारत,स्वस्थ भारत

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** निर्मल मानसपटल हो,स्वच्छ शील सुविचार। निर्मलता हो कर्म में,स्वस्थ राष्ट्र आधारll स्वच्छ रखें रनिवास को,स्वच्छ रखो परिवेश। स्वच्छ रखें भू संपदा,है बापू संदेशll अपने घर की गंदगी,फेंकें राह न नीर। नियत जगह निस्तार के,रखें स्वस्थ शरीरll रखें शूचिता ध्यान सब,मत केवल उपदेश। स्वच्छ हेतु है स्वस्थता,हो निरोग जन … Read more

पुष्प

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** हे पुष्प! सौंदर्य तुम्हारा है अतुलित। सुंदरता के संग सुगंध है मधुरितll पंखुड़ियों के रंग बहुत सुंदर होते। लाल गुलाबी श्वेत वर्ण के दल होतेll काँटों से मिलकर सौंदर्य बिखेर रहे। मित्र भाव से पौधे को सहेज रहेll काँटों में ले जन्म और पालन कंटक। फिर खिलकर सौंदर्य-गंध फैलाये जगll … Read more

बेवक्त में सहारा नहीं मिलता

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली भोपाल(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** हर गली में शिवाला नहीं मिलता। रौब वाला दुशाला नहीं मिलता। खोजने से उजाला नहीं मिलता। भूख मे हो निवाला नहीं मिलता। यूँ ठिकाने बहुत मिल गये होंगे, बेवक्त में सहारा नहीं मिलता। भीड़ के बीच हों हम हजारों के, डूबते को किनारा नहीं मिलता। दम भरें हम सभी हैं … Read more

दूसरी माँ की दूसरी बेटी

रितिका सेंगर  इंदौर (मध्यप्रदेश) ****************************************************** आज माँ का श्राद्ध है,इसलिए मीनू अपने मायके आई हुई है,और सुमन ,मीनू की भाभी,पण्डित जी को श्राद्ध सामग्री देते जा रही है। सामग्री लेते हुए पण्डित जी ने कहा,-“भोजन में सब माँ की पसंद की चीजें ही बनाई है नl” । रुंधे मन से मीनू बोली,-“पण्डित जी,माँ ने कभी … Read more

करके मेहनत नाम बना जाऊँगा

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** घर से निकल के मैं शहर आया जी, जमाने के लिए कुछ कर जाऊँगा। देख-देख सीख-सीख भर जाऊँगा, कुछ करके ही वापस मैं घर जाऊँगा। बाप जी ने मुझे सब-कुछ दे दिया, मैं भी खुद पर मान करा जाऊंगाl घर का है नाम बड़ा मेरे, मैं खुद का भी … Read more

किससे पूछूँ ?

देवेन्द्र कुमार राय भोजपुर (बिहार)  ************************************************************* कौन तय करेगा लक्ष्य हमारे ? मैं,राजनीति हिन्दू,मुसलमान देश या धर्म, किससे पूछकर दीया जलाऊँ ? किससे पूछकर दीप जलाऊँ, कौन करुँ मैं कर्म यहाँ मैं जिऊँ, किसके सहारे। दीपक के पूनम पर आमावस का विचार, अपने ही घर में अपनों से गया हार, अपनी चौखट पर ही बने … Read more

भारत का किरीट

क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** उठ भारत! हो जाग्रत,और किरीट सम्हाल अपना, जो झुका सदियों से,उठा सम्मान से भाल अपना। जो हुआ विगत उसकी परत को मन से त्याग दे, गौरव की वीणा में विजय का पुन: तू अब राग दे। झककोर अपने-आपको,जगा अपने संचित बल को, द्युति ले आँखों में,और हृदय खंड में ला अनल … Read more

छाले पड़े पाँव में

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** रोटी की तलाश हेतु जाम में फँसे हैं आज, कभी दिन कटते थे पीपल की छाँव में। गंदगी शहर की ये झेलते हैं रात-दिन, ताज़ी खूब ताज़ी हवा मिलती थी गाँव में। किन्तु सुविधाओं का है बहुत अकाल वहाँ, यहाँ-वहाँ भागने से छाले पड़े पाँव में। एक पाँव गाँव,एक … Read more

पर्यावरण की ओढ़नी

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** पेड़ों का है कहना, ना तुम हमें काटना धूप-छाँव का बिस्तर देते, राहगीर की पीड़ा हर लेते फल-फूल का है भंडार, वर्षा में सहायक होते। संजीवनी बन देते प्राण, तादाद बढ़े हमारी करो यह उपकार, पेड़ लगाओ सब बच्चे- बूढ़े और जवान। गंगा माँ स्वर्ग की देवी, भगीरथ का तपोबल महान … Read more

शत-शत नमन

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** शत-शत नमन है धरा की धूल को, जन्म दिया जिसने बलराम से फूल को। फूल जो मातृभूमि की भेंट चढ़ गया, देख दुश्मन को वो आगे बढ़ गया। बिना रूके बिना डरे लड़ता ही गया, सीना ताने बहादुरी से बढ़ता ही गया। आतंकियों से लड़ते-लड़ते कुर्बान हो गया, माँ का लाड़ला … Read more