हिंदी की बिंदी का मजाक
डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** हिंदी की बिंदी… हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की मांग १९२० से चल रही है, जिसकी शुरुआत महात्मा गाँधी द्वारा की गई थी, जो सौ वर्ष बाद भी झूला झूल रही है। हिंदी बोलने वालों की संख्या वास्तव में बढ़ गई है, हाँ पर हममें से कितनों के बच्चे हिंदी माध्यम से पढ़ रहे … Read more