शाहबाज़ शरीफ की परेशानियां

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** हमेशा की तरह पाकिस्तान की इमरान सरकार ५ साल के पहले ही उलट गई। इस बार उसे पाकिस्तान की फौज ने नहीं, अदालत ने उलटाया है। यदि फौज उसे उलटा देती तो भी अदालत उसे सही ठहरा देती, जैसे कि उसने पिछले तख्ता-पलट के वक्त ‘परिस्थिति की अनिवार्यता’ का सिद्धांत प्रतिपादित किया … Read more

आरक्षण:देशहित में समीक्षा जरूरी

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** देश में पिछले सत्तर साल से जातिगत आरक्षण लागू है, क्या इन सत्तर सालों में एक भी आरक्षित वर्ग का परिवार सामान्य बन पाया है या नहीं ? अगर नहीं तो फिर इस व्यवस्था को जारी रखने का क्या औचित्य है ? अगर विधायक, सांसद, मंत्री, अधिकारी बनने के बाद भी वह … Read more

योग-क्रांति है सुशासन क़ा आदर्श

ललित गर्गदिल्ली ************************************** दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल देश एवं दुनिया में मुफ्त की सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं। अब उन्होंने दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए नि:शुल्क योग कराने का निर्णय लिया है, क्योंकि आम आदमी का भागदौड़ की प्रदूषणभरी जिंदगी में शरीर, मन और आत्मा स्वस्थ नहीं है, ऐसे में योग … Read more

अक्षय तृतीया:सर्वसिद्ध मुहूर्त वाला दिन

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ‘अक्षय’ शब्द का मतलब है-जिसका क्षय या नाश न हो। मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुधर्मोत्तर पुराण, स्कन्दपुराण में इस तिथि का विशेष उल्लेख है। यह दिन अबूझ या सर्वसिद्ध या स्वयंसिद्ध मुहूर्त में माना गया है, इसलिए सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है। जो वस्तु आपके जीवन … Read more

चिंता है चिता समान

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** हर मनुष्य चिंताग्रस्त है, इसका आशय किसी भी बात को अधिक मात्रा में सोचना और उसके प्रति नकारात्मक भावों को अधिक स्थान देना है। चिंता के कारण बहुत हो सकते हैं, उससे आप तनाव, अवसाद से ग्रसित होकर अपना, परिवार का भविष्य दुखद बनाते हैं। मन अधिक चंचल होने से दिन-रात बाह्य संपर्क … Read more

गाँव का भूत

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* व्याकरण में काल ३ प्रकार के होते हैं,ऐसा बताया गया है-भूत काल, भविष्य काल और वर्तमान काल। और ज्ञानी लोग कहते हैं कि हमारी दुनिया भी पंच भूत की बनी हुई है, लेकिन न जाने क्यों ‘भूत’ शब्द आने से ही शरीर में एक सिहरन-सी दौड़ जाती है। अगर रात का … Read more

स्वदेशी, उद्यमिता और सहकारिता के भाव से ही स्वावलंबन

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** वर्तमान में आधुनिकता की चाल में भाग रहे भोगवादिता के पुजारियों की स्थिति अत्यंत दयनीय प्रतीक हो रही है। पाश्चात्य का व्यापक दुष्प्रभाव भारतीय संस्कृति को बाज़ारवादी प्रवृत्ति की और ढकेलता जा रहा है। एक तरफ़ गाँव शहरों में परिवर्तित हो रहे हैं, वहीं छोटे क़स्बे शहर और शहर महानगरों … Read more

चरित्र सबसे बड़ी शक्ति

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** मनुष्य के भीतर अनेक शक्तियाँ निहित है, उन सभी में सबसे सर्वोत्तम स्थान चरित्र का है। मनुष्य जिनसे अपने अन्दर अच्छे आचरण और गुणों का विकास करता है, वह शक्ति चरित्र ही है। इसलिए चरित्र के सम्बन्ध में किसी ने यह उल्लेखनीय बात कही है कि, जिनके चरित्र से शील का … Read more

सरकार की अच्छी पहल, पर कैसे होगी सफल ?

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** महात्मा गांधी का सपना… इस विषय पर कोई विवाद नहीं कि मातृभाषा माध्यम से शिक्षा और राष्ट्रभाषा को लेकर जितना महात्मा गांधी ने कहा, लिखा और सार्थक प्रयास किए उतने शायद किसी और ने नहीं किए, लेकिन यह भी सच है कि उनके नाम और उनके माध्यम से सत्ता पाने वाले … Read more

कश्मीर में लोकतंत्र की वापसी जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** पंचायती राज दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री ने जम्मू में ऐसी परियोजनाओं का शिलान्यास किया है, जिनसे जम्मू-कश्मीर की जनता को बड़ी राहत मिलेगी। २० हजार करोड़ रु. सरकार लगाएगी और ३८ हजार करोड़ रु. का निवेश पिछले २ साल में हो चुका है। प्रधानमंत्री के साथ दुबई और अबू धाबी के … Read more