छुईमुई बनता समाज

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)*********************************************** उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंदिर में नमाज पढ़ऩे के जुर्म में फैसल खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। फैसल और साथियों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद साहिब का कार्टून प्रकाशित करने की घटना के बाद इतना विवाद भड़का कि,यूरोप के बाकी हिस्से भी जिहादी … Read more

हिन्दी वालों की हिन्दी वालों से हिन्दी के लिए लड़ाई

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************************** पूजनीय बड़े पिता जी और माता जी,आप लोग मुझे माफ कर देना। मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया…मैं जा रहा हूँ। मैं जिन्दगी से परेशान हो गया हूँ। आप लोग मुझे माफ करना। राजीव के सुसाइड नोट का यह एक अंश है। ११ सितंबर २०२० को यूपीपीसीएससी का रिजल्ट आया। … Read more

सवाल अवश्य करना चाहिए कि,अपराध क्यों ?

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ***************************************************** आजकल हमारे चारों ओर का वातावरण अपराधमय हो गया है। वर्तमान समय में किसी भी दिन के समाचारों पर ध्यान दिया जाए तो अपराधिक समाचार ही अधिक देखने व सुनने को मिल रहा है। विश्वास,सत्य,निष्ठा,कर्तव्य व परोपकार जैसे शब्द अब बोलचाल एवं सजावट की वस्तु प्रतीत होने लगें हैं। सत्यनिष्ठ … Read more

‘कोरोना’ का द्वन्द्व-ईश्वर या विज्ञान

डॉ. वरुण कुमारदिल्ली****************************** यह ‘तालाबंदी’ काफी लंबी खींची गई है और उसके बाद धीरे-धीरे खोलने (अनलॉक) की कोशिशें चल रही हैं। जब यह शुरू हुई थी तो नई स्थिति और नई चुनौती ने कई तरह से मनुष्य को उद्धेलित किया था-भय,बेबसी,गुस्सा,संवेदना,भविष्य में क्या होगा इसकी आशंकाएं आदि। इसने नए सिरे से एक वैचारिक प्रश्न को … Read more

परिष्कृत जीवन शैली ही अध्यात्म

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** आध्यात्म के विषय में लोगों के बीच काफी भ्रामक धारणा बनी हुई हैl वास्तव में अध्यात्म स्वयं को पहचानने की एक विधा है,परिष्कृत जीवन-शैली है और स्वयं के विकारों का शमन है,जो कहीं पर भी हो सकता हैl इसके लिए एकान्तवास‌,वनवास अथवा हिमालय की ‌तलहटी जरूरी नहीं हैl जीवन के किसी भी … Read more

बंधुत्व ही हिंदुत्व

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** हर विजयदशमी को याने दशहरे के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया नागपुर में विशेष व्याख्यान देते हैं,क्योंकि इस दिन संघ का जन्म-दिवस मनाया जाता है। इस बार संघ-प्रमुख मोहन भागवत से मैं इस बात से प्रभावित हुआ कि उनकी भाषा याने हिंदी इतनी शुद्ध और सारगर्भित थी कि,दिल्ली में तो ऐसी … Read more

पहले प्रति-माँ की सेवा जरुरी

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ****************************************************** नवरात्रि लगते ही सब भक्त माँ अम्बे की प्रतिमा के नव रूपों का अलग-अलग दिन विधि-विधान से अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा-पाठ और माँ को मिठाई,फल का भोग लगाते हैं,पर उस प्रति-माँ का क्या ? जो आज अपने ही घर में बेबस और लाचार पड़ी है। आज भी कई … Read more

जनता के घावों पर नमक महंगे होते चुनाव

ललित गर्गदिल्ली ****************************************************** चुनाव जनतंत्र की जीवनी शक्ति है। यह राष्ट्रीय चरित्र का प्रतिबिम्ब होता है। जनतंत्र के स्वस्थ मूल्यों को बनाए रखने के लिए चुनाव की स्वस्थता, पारदर्शिता और उसकी शुद्धि अनिवार्य है। चुनाव की प्रक्रिया गलत होने पर लोकतंत्र की जड़ें खोखली होती चली जाती हैं। चुनाव प्रक्रिया महंगी एवं धन के वर्चस्व … Read more

संतुलन-संयम से ही जीवन सुखद

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)********************************************* आजकल मानसिक संतुलन न होने के कारण लोग छोटी-छोटी बातों में बहुत बड़ी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं,अब लोगों में सहनशीलता का अभाव होने से हत्या-आत्महत्या करना आम बात होती जा रही है। गत दिनों एक घटना सामने आई,जिसमें एक युवा ने प्रेम विवाह ३ माह पूर्व किया और अपने परिवार से … Read more

इंदिरा गाँधी:मौत की असली वजह अब भी रहस्य

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)********************************************* पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान रखने वाली भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी समय से पहले इस दुनिया को अलविदा कह गई। इस ३१ अक्टूबर को इंदिरा गाँधी की हत्या को ३६ साल हो जाएंगे। ३६ सालों से इनकी हत्या और उसके बाद हुए सिख-विरोधी दंगों की छाया गाहे-बगाहे चुनावों … Read more