बदलते रिश्ते

डॉ.साधना तोमर बागपत(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** शालू ग्रीष्मकालीन अवकाश में एक महीने के लिए बच्चों के पास पूना आयी थी। बेटा,बहू और बेटी सब एकसाथ रहते थे। बेटी,बहू दोनों एक ही कम्पनी में इंजीनियर थी और बेटा अलग कम्पनी में। बेटा बहुत कम बोलता था,हर समय अपने काम में लगा रहता। उसे न घूमने का शौक … Read more

शुभकामनाओं में संभावनाएं

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** शुभकामना संदेश देखकर मन घबरा जाता है। शुभकामना का आना बिना बुलाये मेहमान की तरह खतरनाक हो गया है। शुभकामना दिखाई देती है,पहला प्रश्‍न उठता है-किसने भेजी,क्‍यों भेजी ? पिछले दिनों संबंध कैसे रहे,क्‍या इनसे कभी कोई काम करवाया या किसी काम के लिए,किसी को भेजा है,तमाम प्रश्‍न कौंध … Read more

वाह री सुंदरता

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** वाह री सुंदरता,वाह वाह री सुंदरता, देखे जो तुझको,ओ बेबस हो जाए दिलों-जां सब,तुम पर वह है वारता, वाह री सुंदरता,वाह वाह री सुंदरता। हे सुंदरता तेरा अब क्या कहना, बिन देखे तुझको अब ना रहना तुम्हें देख कर मन है बहकता, वाह री सुंदरता,वाह वाह सुंदरता। चलना भी तुम्हारा … Read more

प्यारी चिट्ठियाँ

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  आसमां पर बादलों की चित्रकारी चिट्ठियाँ। शाम,शब,शबनम,शज़र,गुल रब की प्यारी चिट्ठियाँ। ले के आतीं हैं कभी उम्मीद के सूरज गई, या कभी ढलती हुई शामों-सी हारी चिट्ठियाँ। रात में तारीक़ियाँ बढ़ने लगीं तो फिर यहां, चांद तारे शम’अ सी रोशन उतारी चिट्ठियाँ। दो घड़ी की ज़िंदगी का … Read more

रोजगार

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** रोजगार मिलता कहाँ,मारामारी आज। जनसंख्या विकराल है,अब क्या करे समाजll काम मिले कुछ और को,आधे हैं बेकार। गुंडागर्दी शौक है,करते अत्याचार ll शिक्षित अनपढ़ साथ में,मिलकर करते काज। सभी समस्या मूल से,हल हो जाती आज ll हर समाज को चाहिए,मिलकर कदम उठाय। अपना पैतृक कार्य को,करते चित्त लगाय … Read more

मुद्दत के बाद मुलाकात हो गई…

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* मुद्दत के बाद उनसे मुलाकात हो गईl जैसे सेहरा में फिर बरसात हो गई। यकीं दिलाया था उनको हमने बहुत, न जाने क्यों बात सब बेबात हो गई। पहुँचने वाले थे मंजिल पे हम अपनी, कि अचानक चलते-चलते रात हो गई। विश्वास जताया था जिसमें हमने बहुत, उनसे ही विश्वास … Read more

सास को माँ नहीं कह पाऊँगी

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* ऐसा नहीं सास मुझे प्यारी नहीं, वो मुझे न करतीं प्यार हो ऐसा भी नहीं… देती पूरा सम्मान हूँ,करती पूरा काम हूँ, पर वो भाव कहाँ से लाऊंगी,मैं सास को माँ नहीं कह पाऊँगी। थककर जब मैं आती हूँ,फिक्र वो जताती हैं, चाय बना,प्यार वो जताती है,लेकिन वो … Read more

दिल का खयाल रखना जरा

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** आपके साथ कब का कौन-सा रिश्ता है मेरा, आपसे बात करके ही दिल है लगता मेरा। मैं नहीं जानता क्या दिल तलाशता रहता, आप ही बताना मुझे दिल क्या है कहता मेरा। मैंने तो गुजारी उम्र अब तक दिल की सुन के, अब न जाने क्या-क्या बात दिल … Read more

दिल की धड़कन

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** कितना मैं समझाता हूँ, अपने इस दिल को। फिर भी ये दिल, धड़के बिना रुकता नहीं। अब तुम ही बताओ, करूँ तो क्या करूँ। जिससे दिल की धड़कन, देखकर किसी को न धड़केll कहते हैं जब नजरों का, नजरों से होता है मिलन। तो दिल जोर से धड़कता है, और एक … Read more

हिन्दी

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* मैं हिन्द देश की हिन्दी हूँ, मैं भारत भाल की बिंदी हूँ। मैं तुलसी दास की रामायण, मैं वेद-पुराण,गीता गायन मैं गीत,ग़ज़ल,रूबाई हूँ, मैं दोहा,छंद,रोला,चौपाई हूँ मैं जन-जन प्यारी हिंदी हूँll मैं हिन्द देश… मैं सूरदास की नैन बनी, मैं कान्हा मुरली बैन बनी मैं भोर बनी,मैं रैन बनी, मैं … Read more