हार मत मान
मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************** आत्म समर्पण हार को, करो न ये पाप… दृढ़ संकल्प लिए चलो, होगा जीत मिलाप। असफलता से हार कर, जो न कभी घबराए… आ जाती उस पुरुष के, पास सफलता धाए। भूतकाल की भूल से, ग्रहण करो उपदेश… आने वाली जीत का, समझो नव संदेश। असफल हुए तो क्या हुआ … Read more
फूल तो फूल हैं
अजय जैन ‘विकल्प’ इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** फूल तो फूल हैं,महकेगें ही साँझ या सवेरे, नहीं होते हैं,शायद ये इन्सानों की तरह। कट गए हों कभी वक्त के हाथों पर जिनके, उड़ भी नहीं सकते वो मेहमानों की तरह। इश्क है-अश्क है,हार,नहीं सकते भुला, नजरें फिराना मुश्किल है,अनजानों की तरह। कहते हैं खुदा बसता है,छोटी-छोटी-सी जानों में, … Read more
कश्मीर में नई पहल का मौका
डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** कश्मीर में प्रतिबंध लगे पूरा डेढ़ महीना हो गया है। सरकार कहती है कि कश्मीर के हालात ठीक-ठाक हैं। कोई पत्थरबाजी नहीं है। कोई लाठी या गोलीबार नहीं है। न लोग मर रहे हैं और न घायल हो रहे हैं। मरीज़ों के इलाज के लिए अस्पताल खुले हुए हैं। हजारों … Read more
बरखा तुम कब जाओगी ?
दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** गणपति आखिर विदा हो गए, बरखा तुम कब जाओगी ? अब तो हद-पार अति हो गई, कब तक हमें सताओगी। मानसून में रिमझिम-रिमझिम, हमको प्यारी लगती हो। आषाढ़ी कृषक की,सावन में, बहन हमारी लगती हो। तुम्हें मनाने-तुम्हें बुलाने, जाने कितने जतन किए। देर से ही तुम आई … Read more
अमूल्य
सुशांत सुप्रिय ग़ाज़ियाबाद (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** पैर छूते ही माँ ने दिया है आशीष, जैसे आकाश ने दे दिया है क़ीमती इन्द्रधनुष, जैसे पेड़ों ने दे दिए हैं पके हुए फल, जैसे गृहिणी ने अनाज से भर दी है भिक्षु की ख़ाली झोली, जैसे चैन की नींद ने दे दी है थके मज़दूर को राहत l … Read more
अमित शाह का `हिंदी प्रेम` कितना कारगर
डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** -मुद्दा सरकार की इच्छाशक्ति का………. भारत देश में सात वार और नौ त्यौहार होते हैंl त्यौहार,पर्व,उत्सव में अर्थ होता है,उस दिन उसके महत्व को समझें और कुछ शिक्षा ग्रहण करेंl वैसे आजकल त्यौहार मनाना एक औपचारिकता बन चुकी हैl धार्मिक त्यौहार एक तरह की रस्मअदायगी,राष्ट्रीय पर्व पिकनिक मनाने का जरिया और … Read more
प्रकृति
तृप्ति तोमर `तृष्णा` भोपाल (मध्यप्रदेश) ********************************************************************* कई रूप,कई मौसम,सराबोर है प्रकृति, अनेक रंग-बिरंगी,लिए आकर्षक आकृति। झरने,नदियों,पहाड़ों से मिलकर बना अस्तित्व, महकती हवाएं,खुली फिजाओं से सजा व्यक्तित्व। मनमोहक रुप,सुंदर सलोनी काया, मानो सौंदर्य की देवी की प्रतिछाया। हरी-हरी घास मनमुग्ध कर देने वाली नन्हीं कली, लगता है ऐसे,जैसे पृथ्वी को आँचल में लिए हरियाली। पृथ्वी तल से … Read more
`कुदरत` से मोदी के दीर्घायु होने की दुआ और `माया` की मंशा…
अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ६९वें जन्मदिन पर चौतरफा बधाइयों की बौछार में एक बधाई जरा भीड़ से हटकर थी,और वह थी बहन मायावती की बधाई। उन्होंने पीएम मोदी की लंबी उम्र की दुआ ‘कुदरत’ से की,न कि ‘ईश्वर’ से। इसके लिए वो भक्त द्वारा ट्रोल(लक्ष्य करके अच्छा या बुरा साबित करना)भी … Read more
कागज से रिश्ता
पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** कैसा रिश्ता है कागज का, हमारे दिल से सारी अनुभूतियों को सारे जज्बातों को अपने दिल में, अथाह जगह दे देता है। तभी तो हम अपनी, भावनाओं को उसके सीने में उतार देते हैं वो उफ़ नहीं करता हैं। समेट लेता है अपने साये में, कितना गहरा रिश्ता है कागज का … Read more