टेंशन

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** चहुंओर है टेंशन ही टेंशन, बच्चों को है परीक्षा का टेंशन बड़ों में भी है री-एडमिशन का टेंशन, नौकरीपेशा को है करकटौती का टेंशन व्यापारी को है जीएसटी की उलझन, चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…। किसानों को है पानी का टेंशन, अफसरों को है समय का टेंशन दलालों … Read more

आए माता के नवराते

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** आये माता के नवराते माता को मना लो। मंगलकरणी दुःखहारणी सिद्धिदात्री माँ, माँ दुआरे भक्त पुकारे कष्ट निवार्णी माँ। मुँह मांगी मुरादें पा लो, माता को मना लो। आये माता के नवराते॥ माँ शैलपुत्री ब्रम्हचारिणी, चंद्रघंटा कूष्माण्डा माता के गुण गा लो, आए नवराते माता को मना लो॥ माँ स्कंदमाता कात्यायनी, … Read more

`मत` डालने निश्चित जाना

श्रीकृष्ण शुक्ल मुरादाबाद(उत्तरप्रदेश)  ***************************************************************** मौसम आया फिर चुनाव का, फिर अपनी सरकार बनाना। लेकिन अवसर चूक न जाना, वोट डालने निश्चित जानाll प्रत्याशी लेकर आए हैं, लोक लुभावन ढेरों वादेl जनता भी है भोली-भाली, समझ न पाती कुटिल इरादे॥ पहले इनकी चाल परखना, तदुपरान्त अच्छे को चुननाl लेकिन आलस में मत पड़ना, वोट डालने निश्चित … Read more

नया साल आया है

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* माँ,आज तो नया साल आया है, पापा का दोस्त देखो खिलौने लाया है। जिनको तरसती थी निगाहें हमारी, अब फूली नहीं समाती मन की क्यारी, पापा का दोस्त नहीं,नया साल आया है॥ बरसात में भीग गई थी राजकुमार की किताब, रह गया था अधूरा पढ़ने का ख्वाब। देखो! डाकिया … Read more

सीने में अंगारे

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** अंगारे धधक रहे हैं सीने में, इन्हें शान्त न कर… कूद पड़े इस जंग में, हमें रोका न कर। लालच नहीं है सत्ता की, न्याय के साथ ये कहता हूँ… गीदड़ भालूओं की तरह, ना मैं वादा करता हूँ। उड़नखटोले में बैठकर, आसमान में उड़ते हो… झूठा सपना हमें दिखाकर, कुर्सी … Read more

इस शहर में

सोनू कुमार मिश्रा दरभंगा (बिहार) ************************************************************************* रैन में छाया घनघोर अंधेरा,प्रभात लेकर आया कुहासा, दर्द से तड़पते,करवटें बदलते,मन में लिए विकट निराशा छीन हो चुकी थी,दीन हो चुकी थी उसके जीवन की आशा, कहर को झेलते,सफर को देखते,थी चलने की प्रत्याशा। सड़क के किनारे,कराहते-चिल्लाते,तम की तमतमाहट में, सुधाकर,दिवाकर के द्वारा दी गई तपन की कड़वाहट … Read more

प्रेम की धारा

भानु शर्मा ‘रंज’ धौलपुर(राजस्थान) ***************************************************************** समंदर-सा हृदय समझकर जो तेरा, प्रेम की धारा बहा दी बडे़ चाव से छीन रहा है महक देखिये तो मधुप, खिलते हुए कोई प्रीत के गुलाब से। विश्वास का एक घर बनाया हमने, प्रेम की प्रतिमा को स्थापित करूँ शाप से जो अधूरा रह गया प्रेम, बहा के गंगा उसे … Read more

शहादत,राजनेताओं पर बड़ा उपकार

रोहित दाधीच कोटा(राजस्थान) ***************************************************** सैनिकों की शहादत इन राजनेताओं पर,बहुत बडा उपकार है। देशभक्ति को राजनीति से जोड़ रहे,राजनीति दलाली का बजार है। कभी नेताओं के पूत जाते क्यों नहीं,सीमाओं पर शहादत को, यह चुनावी मौसम में सैनिकों की देशभक्ति का हो रहा व्यापार है॥ राम नाम पर वोट माँगते रहे,अब राम जन्मभूमि पर मन्दिर … Read more

चुनाव

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** गालियाँ ही गालियाँ हैं,नेताओं के मुख पर। आ के देव भारत को,आप ही बचाईए॥ पायें नहीं तख्तो-ताज,भूल से न मिले राज। लीला कोई ऐसी प्रभु,आप ही रचाईए॥ जाति-धर्म से इतर,देश है होता ऊपर। आज धरा में उतर,आप ही बताईए॥ वोटरों में फेंक जाल,चलते कुटिल चाल। नटखट रूप धर,खुद समझाइए॥ फिर … Read more

नेता घूमे गाँव-गाँव

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** देखो आया है चुनाव,नेता घूमे गाँव-गाँव, न देखे वो धूप-छाँव,वोट की ही चाह में। होंठों पर है मुस्कान,खींचे सबका वो ध्यान, ले के वादे की दुकान,चलता है राह में। जो न सपने में देखा,वो मुहल्ला का भी लेखा, रखता है देखो नेता,अपनी निगाह में। जीतकर जो भी जाता,नित खीर-पूड़ी … Read more