माँ मिली कंकाल में

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… कितनी हलचल होती होगी, जब अंतस का समुन्द्र उछलता होगाl किनारों से चोट खाकर, गंगा बनकर बहती होगीl आँसू आँखों में आये न होते, दिल का दर्द यूँ गया न होताl आँसू की कीमत पूछो उनसे, जिनके सर माँ के साये न होतेl देख कर बेटे के … Read more

माँ न होती तब मैं क्या होती!

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ जितनी बिस्तर पर लेटी है उससे कहीं ज्यादा मेरे भीतर, डर को भाँप रहा है मन अनचाहे दु:ख से काँप रहा है, सोचती हूँ माँ न होती तब मैं क्या होती सशक्त स्वयं नहीं थी पर, मुझे सशक्तिकरण का पूरा पाठ पढ़ाया माँ … Read more

माँ

डॉ.नीलम कौर उदयपुर (राजस्थान) *************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… मंदिर में माँ का पूजन, घर में माँ मजबूरी है। नौ मास की पीड़ा सहती, फिर भी बेटों की हठी है। पत्थर की मूरत पर नाक रगड़ती, माँ बनने की असीम आकांक्षित,पर सासू माँ घर पर भारी है। जिन आँखों का तारा था, जीवन का राजदुलारा … Read more

माँ का आँचल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ के आँचल में सिमटी सारी सल्तनत,सुकून भरी जिंदगी, मान अपनी सुरक्षा का सुदृढ़ कवच न केवल एससास,वरन विश्वास अपने वजूद का इस लोक में, अपनी सबलता और स्वाभिमान को ममता और वात्सल्य की शीतल छाँव में कर सुरक्षित,निश्चिन्त निरापद,निर्भीक, परम शान्ति की अनुभूति … Read more

मजदूर कौन नहीं…

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** मजदूर कौन नहीं… मैं आप और वो, जो लड़े कठिनाइयों से, न घबराएं बुराइयों से जो घटाये परेशानियों को, और भूल जाये नादानियों कोl मजदूर कौन नहीं… मैं आप और वो, कोई करे कर्म नाम कमाने को कोई करे काम भूख मिटाने को, कोई बनवाता है महल दिखाने को कोई … Read more

माँ की महिमा

गरिमा पंत  लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ कितनी महान होती है, उसके चरणों में जन्नत होती है। माँ की महिमा का क्या करूं वर्णन, वह तो सारे ब्रह्मांड की माँ होती है। देवता भी जिन्हें पूछते नहीं थकते, ऐसी माँ हम सबकी पहचान होती है। वह भूखा रहकर हम सबको खिलाती है, यह … Read more

तुझ जैसी इक माँ…

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ, मुझमें भी तो जिन्दा है तुझ जैसी ही इक माँ। हाँ माँ, मुझमें भी तो जिन्दा है तुझ जैसी ही इक माँ। माना, माना परिधान बदल दिया है,साड़ी की जगह अब जीन्स ने ली है, क्या परिधान मात्र से मेरा वजूद खतरों में बतलायेंगे। देखो, … Read more

मदर्स-डे

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़र देवास (मध्यप्रदेश) ******************************************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… वाह रे नए युग देखे जो तेरे परिवर्तन, दिनों-दिन। तूने माता-पिता के लिए भी निर्धारित कर दिए दो दिन। मदर्स-डे,फ़ादर्स-डे, अरे माता-पिता तो वो चन्दन हैं। उनके लिये तो हर दिन, हर पल वन्दन है। उनकी सेवा में ही छिपा परमेश्वर का प्यार है। उनकी … Read more

माँ का किरदार…

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) *************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… जब उसने कभी माँ का किरदार निभाया होगा, साड़ी में चेहरे पर ममता का भाव तो आया होगाl एक संवेदनहीन बुत से वह कैसे दिल लगाएगी, यह ख्याल उसके मन में हजार बार आया भी होगा ? सोचती होगी क्या खूब करिश्मा है यह भी … Read more

माँ गरीब नहीं होती

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ की लोरी से बढ़कर दुनिया में गाना नहीं होता, नापे माँ के दिल की गहराई कोई पैमाना नहीं होताl जब आलीशान महलों में बेताबियां बढ़ जाती हैं, माँ की गोद-सा कोई जहां में आशियाना नहीं होताll कुरूप से कुरूप बच्चा माँ को खूबसूरत होता … Read more