सच्चा साहित्यकार वही, जो डरे बिना राष्ट्र निर्माण में योगदान दे
राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** साहित्यकार देश के निर्माण में सबसे अधिक सहायक होता है। उसके कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। उसकी कलम बहुत कुछ कर सकती है। वह चाहे तो देश को उन्नति के शिखर पर पहुंचा दे और चाहे तो पतन के गर्त में गिरा दे। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में तो साहित्यकार को अपना … Read more