आत्मजा

विजयलक्ष्मी विभा  इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश) ********************************************************* ‘आत्मजा’ खंडकाव्य अध्याय-१२ दिन होते ही सेतु बनाती, जीवन में आगे जाने के रात सुखद सपनों में खोती, अंशुमान को अपनाने के। अलग-अलग थे दोनों ही पथ, दिन के और रात के अपने दिन में थे कुछ कार्य प्रयोगिक, और रात में ऊँचे सपने। कैसे जोड़ें इन दोनों को, बहुत सोचती … Read more

एक सैनिक..जाना जरूरी था..

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** आओ यारों,एक अफसाना सुनाऊँ एक विचित्र हयात का, एक घंटी जो उस दिन फोन पर बजी ले गई अपने साथ, जहाँ मेरी बेहद ज़्यादा एहतियाज थी। “जाना पड़ेगा माँ मुझे आया है मेरा बुलावा, एक और माई है तेरे जैसी जिसने अपने पास है बुलाया।” अपनों से दूर आकर इस मिट्टी … Read more

भारत हुआ एक

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ लगा था दाग माथे पर, उसे आज मानो धो दिया। और हिंदुस्तान को सही में, आज़ाद करा दिया॥ बोकर गए थे जो बीज, अंग्रेज हिंदुस्तान में। उस फसल को आज, उखाड़ फेंका हिन्दुतान ने। कितने बेटों के बलिदान को, आज मिला होगा सुकून हिंदुस्तान में। इसलिए तो कन्याकुमारी से कश्मीर तक, … Read more

वक़्त की ठोकर

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** वक़्त की ठोकर का शिकार हुए हैं, तबीयत ठीक है जिनकी अब वो बीमार हुए हैं। चट्टानों से मजबूत हौंसले थे जिनके, वक़्त की मार से अब वो बेकार हुए हैं। हमारे बीच अब तो दोस्ती जैसा कुछ नहीं बचा, कुछ एहसानफरामोश और खुदगर्ज हमारे यार हुए हैं। इंसान यहां … Read more

देश की शान ‘चौकीदार’

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* पलक न झपकूँ में पलछिन वतन के वास्ते जागूँ रात और दिन झींगुर,मच्छर करते भिन-भिन, भिन-भिन का संगीत प्रिय है,गाने का अंदाज प्रिय है कुत्ता है वफादार साथी,सो न जाऊँ मैं कहीं भौंक-भौंक कर जगाते हैं। नींद नहीं आँखों में,रात बिताऊँ तारे गिन-गिन चोरों की में वाट लगाऊँ,हवालात … Read more

देश के खातिर लुटाए जो जवानी

पवन गौतम ‘बमूलिया’ बाराँ (राजस्थान) ************************************************************************** देश के खातिर लुटाए जो जवानी, वो जवानी है लिखती कहानी। जो बिछा दे खुद को वतन पर…, खून की है अमर वह रवानी। रवानी रवानी रवानी…… खून की है अमर वो रवानी। देश के खातिर लुटाए जो जवानी, वो जवानी है लिखती कहानी॥ जिंदगी चार दिन का झमेला, … Read more

प्यारा भारत देश हमारा

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** प्यारा भारत देश हमारा, नित-नित उसका,गुणगान करें देश के पूत हैं हम सब, राष्ट्र-विकास का भाव भरें। साहस धर वीरता से, देशद्रोहियों का संहार करें कदम-कदम पर साथ चलते, देश के लिए तन-मन वार करें। दहकते शोलों की आग बन, चमकते शौर्य का, प्रकाश बन दुश्मनों को पराजित करने, हर पथ … Read more

तुम्हारी तरह

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** ऐसा तो नहीं तुम करना चाहते थे, मुझे फोन मगर नहीं किया फिर, ये सोचकर कि मैंने क्यों नहींं किया तुम्हें फोन ? ऐसा तो नहीं तुम आना चाहते थे, मुझसे मिलने मगर नहीं आये फिर, ये सोचकर कि मैं क्यों नहीं आया, तुमसे मिलने ? ऐसा तो नहीं तुम … Read more

काश!ऐसा होता

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** गमों से चूर दिल के लिए, कहीं से थोड़ी खुशी भी मांग लाता। मुरझाए फूलों से जिंदगी के लिए, कहीं से थोड़ी खुशबू भी मांग लाता। सूखे यौवन के लिए, उड़ते पत्तों की हरियाली लाता। अपने विराने को सजाने के लिए, कहीं से बाहर भी मांग लाता। बेचैन आँखों … Read more

ऊपर से रब देखता

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** आज़ादी का अपहरण,करे जहाँ सरकार। तर्क बगावत का वहाँ,पाता है आधार॥ ज़र के भूखे भेड़िए,चन्द ज़मीर फरोश। पै दर पै दिखला रहे,फिर से अपना जोश॥ अगर चाहिए ज्ञान तो,सुख का कर दे त्याग। विद्या मिलती है उसे,जिसके दिल में आग॥ इधर-उधर की बात कर,मचा रहे हैं शोर। … Read more