उत्सव

रेणु झा ‘रेणुका’ राँची(झारखंड) ******************************************************************* कहां मना पाती हूँ उत्सव उन सबके बिना, वो निकल पड़े अपनी राह मैं निहारती रहती डगर, जब भी वो आएंगे इधर सब मिलकर मनाएंगे उत्सव। अब तो घर सूना दिल भी सूना रहता है, हर आहट पर खटका सबके आने का, उत्सव तो अपनों की खुशियों से सजता है, … Read more

हरियाला सावन

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* हरित धरा हो सारी, तरुण गिरि श्रंगारी, मीत गीत शीत संग, झूमें पुरवाइया। तरु खग वन्य जीव, रट रहे पीव-पीव, तीज पर्व वृक्षों पर झूलती कुमारियाँ। आएँ मन भावन जो, भाए मन सावन वो, दूर होवे तब सब, मन से दुस्वारियाँ। खेत व फसल प्यारी, वृक्ष रोपि मेड़ क्यारी, नीर का … Read more

है कैसी बरसात

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ******************************************************************************—- मौसम है बहारों का, रिमझिम-सी फुहारों का तेरी-मेरी बातों का, प्यार भरी मुलाकातों का उभरते जज्बातों का…l मौसम है… छोड़ो सारे गिले-शिकवे, बरखा की बूंदों से मिलेl पत्ते-पत्ते डाली-डाली, कैसे झूम-झूम के मिलेl हाँ मौसम इनसे मिलने का हसरत भरी निगाहों का…। मौसम है… तेरी-मेरी कहानी हो, कुछ यादें पुरानी होl … Read more

आज स्वर्ग में भी क्या नजारा होगा..

संजय बाद्विक ********************************************************** जब सुषमा जी ने अटल जी को बताया होगा कि देश की बेटी उनके स्वप्नों को साकार करके उनके पास पहुँची है, भैया मैं वही सुषमा जिसको संसद में मंत्री का सम्मान दिया,राजनीति के गुरुवर बन कर देशधर्म का ज्ञान दिया। हाँ हाँ भैया वही,वही,जो हर दिन मिथक तोड़ती थी। हाँ जो … Read more

अनुपम व्यक्तित्व

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* इस धरा में पैदा हुए, हैं अनुपम व्यक्तित्व जो उन्हें सलाम करते हैं हम, अपनी छाप छोड़ गए जो। है जूनून जिनमें यहां, लक्ष्य भेद देते हैं वो इस धरा की माटी में, रोज पैदा होते हैं वो। करते हैं विश्वास खुद पे, ऐसा काम करते हैं वो अब्दुल … Read more

छँटेगी रात काली…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** छटेगी रात काली और फिर होगा सवेरा भी, हँसो लेकिन ज़माना एक दिन आयेगा मेरा भी। भले ग़म ने तुझे चारों तरफ से घेर रक्खा है, जरा सूरज निकलने दो छँटेगा ये अँधेरा भी। नहीं रावण सिकंदर कंस का घर-बार बच पाया, कहीं तुमको न ले डूबे सुनो अभिमान … Read more

कश्मीर से दुनिया में नाम किया

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** कश्मीर आजाद हुआ, खतम फसाद हुआ, कश्मीर को सभी मिल, राह नई दीजिएl मोदी जी ने काम किया, दुनिया में नाम किया, शाह का भी सभी लोग, धन्यवाद कीजिएl दोहरी खुशी है मिली, बाँछें हैं सभी की खिली, भर-भर खुशियों के, जाम सभी पीजिएl चहुँओर शांति कर, विकास की क्रांति … Read more

कुछ पाने के लिए..

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हारना भी जरूरी है,बाज़ी जीतने के लिए, खोना पड़ता है बहुत,कुछ पाने के लिए। मर-मर के कमाता है,लेकर जाएगा क्या, पहचान तो कुछ छोड़,जमाने के लिए। सीखना है चलना तो हवा में मत उड़, ठोकर भी जरूरी है,संभलने के लिए। उजाड़ना जिनकी फितरत,वो क्या जाने, वक्त बहुत लगता है,घर … Read more

‘सुषमा’ की आभा

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* हँसते-मुस्कुराते हुए ही स्वत: बंधन मुक्त किया स्वयं को, लगता मानो कहीं थी प्रतीक्षा अलौकिक में विलीन होने को। नहीं अनभिज्ञ अपने क्षणों से करती रही कर्म बिना विश्राम, दृढ़ मीठी भाषा निरन्तर प्रवाह आदर्श जीवन में कुछ देने को। सुषमा बिखेरती रही आभा छल-छल गंगा यमुना सरस्वती, … Read more

हटी तलाकी कालिमा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** पास हुआ तलाक बिल,खिले अधर मुस्कान। इस्लाम बहू बेटियाँ,कानूनी सम्मानll नामर्दी तलाक तीन,नारी दोहन अस्त्र। ध्वस्त आज अपराध बन,कानूनी बह्मास्त्र॥ नारी गृह सम्मान है,बेटी बहू व अम्ब। नहीं खिलौना मर्द की,जीवन का अवलम्ब॥ आज मुक्त नरवेदना,नारी हैं इस्लाम। इल्म यान उड़ व्योम में,प्रगति पंख अभिराम॥ तीन तलाक के … Read more