अखंड भारत की तस्वीर दिखाई

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** अखंड भारत की तस्वीर अब तुमने दिखाई, अब सम्पूर्ण भारत ने आज आजादी पाई। आज कश्मीर की घाटी में स्वर्णिम इतिहास बना, मोदी और शाह पर फिर सबका विश्वास बना। अब घाटी में भी तिरंगा रोज लहराएगा, आजादी का जश्न पूरा भारत मनाएगा। केसर की क्यारी में फिर से अब चमन … Read more

लिखे कुशलता के कई अध्याय

श्री संजीवक ********************************************************* शारद सुता विदा हुई,माँ शारद के लोक, धरती माँ स्तब्ध है,चाह न सकती रोक। सुषमा से सुषमा मिली,कमल खिला अनमोल, मानवता का पढ़ सकीं,थीं तुम ही भूगोल। गर पीड़ित की मदद कर,रचा नया इतिहास, सुषमा नारी शक्ति का,करा सकीं आभास। पा सुराज लेकर विदा,है स्वराज इतिहास, सब स्वराज हित ही जिएँ,निश-दिन किए … Read more

योग,केला और भाला…

जितेन्द्र वेद  इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************************* निशांत बार-बार सोच रहा था,पर उसे समझ नहीं आ रहा था कि एक केले से देश का कौन-सा बड़ा नुकसान हो गया कि बात को इतना तूल दिया रहा था। एक अदद केला कुछ समय के लिए भूख मिटा सकता है। खड़े रहने की क्षमता दे सकता…और..कुछ पल के लिए ही … Read more

कश्मीर का सुनहरा दिन है मेरे यार

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** पत्थरबाज अब भग जाएंगे, राष्ट्रद्रोही लोग अब मिट जाएंगे। अमन-शांति की यही है पुकार, सुधर जाओ कश्मीर के मेरे यार। धारा ३७० हटी,बंधन हट जाएंगे, हिंदुस्तान का कानून एक हो जाएगा। सुनहरे दिन का था इंतजार, खुशियां मना लो मेरे यार। स्वर्ग धरा को अब बनाएंगे, कश्मीर में तिरंगा … Read more

आत्मजा

विजयलक्ष्मी विभा  इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश) ********************************************************* ‘आत्मजा’ खंडकाव्य अध्याय -११ हुई प्रभाती सफल,सुना ज्यों, अंशु खुशी से लगा उछलने ऐसी जीवन संगिनि पाये, मन भीतर से लगा मचलने। भरने लगा उड़ानें ऊँची, ज्यों उसने हो जीती बाजी लगा उसे ज्यों हुई प्रभाती, उसके सँग विवाह को राजी। करने लगा प्रतीक्षा ऐसी, किस पल पहल करे वह आकर … Read more

धरती पर कश्मीर जन्नत

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** धरती पर कश्मीर था,जन्नत स्वर्ग समान। कुछ जालिम शैतान ने,बना दिया शमशानll चढ़ा दिया था नेहरू,कश्मीरी को ताड़। मोदी बोले चल उतर,हो भारत सँग ठाढ़ll झेला सत्तर साल तक,हमने नित आतंक। जालिम तो देता रहा,सदा डंक पे डंकll छुपे हुए जो देश में,भारत का गद्दार। मोदी जी कर दीजिए,उसका … Read more

बना रखो व्यवहार

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** रौशन- रौशन हो सारा जहाँ,रौशन हो परिवार। कर्म करो ऐसा सभी,अच्छा हो संस्कारll व्यवहार- बना रखो व्यवहार को,खुश होवे सब लोग। नाम नहीं बदनाम हो,ऐसा मत हो जोगll कण्ठ- वाणी निकले कण्ठ से,मीठी हो भरपूर। अमृत वचन समान हो,सुनने को मजबूरll आँसू- तड़पे जब मन प्रेम में,आँसू निकले … Read more

साथ-साथ…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कहने को लगता है हम सब साथ-साथ हैं, मगर बुरे वक्त में ही पता चलता है कौन किसके साथ हैl उगते सूर्य को, प्रणाम करना संसार की नियति है, ढलते हुए को नहीं मतलबपरस्त इंसान तब तक ही साथ होता है, जब तक उसका स्वार्थ अधूरा होता हैl … Read more

अपना नया भारत

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** आज नए भारत का निर्माण हुआ है, आज नये सूरज का नव भान हुआ है आज नई केसरिया पगड़ी सिर बांधे, नवभारत का आज सम्मान हुआ है। अब तक ये कश्मीर हमारा बंधा हुआ था, पैंतीस-ए के भ्रम में जो फंसा हुआ था तीन सौ सत्तर हटा के जो अब … Read more

शहादत की फसल

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* जाने कितनी शहादत ने बोए घाटी में बीज, सत्तर साल से खून से सींच पत्थर गए पसीज फिर से लाली आई है भारत माँ के चेहरे पर, फिर से लगी मणि ज्यों भारत दूल्हे के सेहरे पर। कितनी विधवाओं को मानो सिंदूर मिला है, पुत्रहीन माताओं की गोद शिशु … Read more