हे त्रिपुरारी

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* हे गौरी पतये महादेव त्रिनेत्रधारी देवन के देव जग पालनकर्ता। हे शंभू कैलाश विराजत गौरा माँ संग हे अमर नाथ हे त्रिलोकी नरेश। हे देव गिरिजा प्राणनाथ बाबा चंदेश्वर हे नागा धिराज प्रभु किरातेश्वर। हे भोले महेश त्रिपुरारी संकट हारी रुंड माला धारी हे अवढ़र दानी। हे हठ योगेश सर्पधारी … Read more

ख़ता मेरी बताते

डॉ.अमर ‘पंकज’ दिल्ली ******************************************************************************* कभी सोचा न था हर पल मेरी अब जान जाएगी, तुम्हारी याद जीवन भर मुझे हरदम सतायेगी। ख़ता मेरी बताते इस कदर तुम दूर मत जाते, मेरी धड़कन की हर सरगम किसे अब क्या सुनाएगी। तुम्हारे प्यार पर कितना भरोसा था मुझे हमदम, भरोसा तोड़ के कैसे भरोसा फिर दिलाएगी। सहर … Read more

तू ही भगवान है

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** कहीं खो न जाए, तेरी हसरतों में तेरे संग चलते-चलते, मचलते। जमाने की यादों में हमीं न पाऊँ तेरे कारवाँ को, सजाते बनाते। हमें गुमाँ है, तू ही मेरी जान है तुझसे ही मेरे, जिंदगी के अरमाँ अंदाज है, कहीं दम ना निकले तेरी धड़कनों से। तू ही आदमी … Read more

नया सबेरा

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** कश्मीर से कन्याकुमारी, बन गई एक फुलवारी। एक हो गए अब नर-नारी, गूंजेगी खुशियों की किलकारी। जो रखेंगे नापाक इरादे, मिट जायेगी उनकी मक्कारी। कश्मीर की बात हो गई न्यारी, होगी चहुँओर मुस्कान प्यारी। न तेरा है,न मेरा है ये तो, हिंदुस्तान का नया सबेरा हैll परिचय –अनिल कसेर का … Read more

वो अब बहुत गुमान में है

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** नदी अब बहुत गुमान में है, कि वो आजकल उफ़ान में हैl ग़रीब तो आज भी फुटपाथ पर सोते हैं, अमीरजादे तो अंदर अपने मकान में हैंl जमीं से तो उनका रिश्ता ही टूट गया है, अब तो उनका सारा ध्यान आसमान में हैl रंग बदलने की फितरत अब गिरगिट … Read more

कश्मीर में तिरंगा

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** अखंड भारत का सपना पूरा हो गया,नहीं हुआ कोई दंगा, घाटी में जय हिंद हो गई,अब लहराएगा हर कोई तिरंगा। भारत के सेवक संघों ने,अब मचा दिया है दंगा, आतंक की जड़ कश्मीर में भी,फहरा दिया है तिरंगा। खत्म हुई दोहरी नागरिकता,बहेगी सुख की गंगा, इंसानियत बिकती थी जहाँ,अब लहराया … Read more

केसर वाली घाटी

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* केसर वाली घाटी अब तक जो रक्तरंजित हुई थी, धारा तीन सौ सत्तर जो सत्तर साल से लगी हुई थी। इसके साए में कुछ कुपुत्र जीवन का लुफ्त उठाते थे, आतंकी अत्याचार प्रयोग कर भोली जनता को डराते थे। पाँच अगस्त दो हजार उन्नीस को एक नया अवतार हुआ, परम् … Read more

कश्मीर की घाटी

डॉ.साधना तोमर बागपत(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** कश्मीर की घाटी में,फिर से खुशहाली छायी है, फूल-फूल है खिला हुआ,अब कली-कली मुस्कायी है। आतंकी साये में पलती, खून से लथपथ माटी थी। शत्रु की चालों में ढलती, मानो उनकी थाती थी। अब दुश्मन की खैर नहीं,उसने तो मुँह की खायी है। कश्मीर की… सत्तर वर्षों की कैद से, … Read more

भड़ास बेंच

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) *********************************************** बच्चे स्कूल से आ चुके थे,उन्हें खिला-पिला कर तैयार कर नीचे खेलने के लिए भेज दिया पल्लवी ने। ४ बज चुके थे,इस समय तक पल्लवी थोड़ी अलसाई हुई हो जाती थी,इसलिए उसने अपने लिए एक कप चाय बनाई और बालकनी में आकर खड़ी हो गई। दूर-दूर तक फैली हुई हरियाली को … Read more

संविधान के आँगन में गंदगी की बुहार

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** सुबह का भूला शाम घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते, पछताना उन्हें ही पडता है जो समय-धार संग नहीं बहते। गलती अगर हुई तो समय रहते सुधार लेने में ही है हमझदारी, ये उस कर्ज का है चुकारा जो रही पूर्वजों की हमारे सर उधारी। उस समय वो जरूरी … Read more