तुलसी
रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** तुलसी,तुलसी क्यों भये ? थी रत्नावलि-सी नार, रत्ना जैसी विदुषी ने नैना दियो उघारl सर्प पकड़ चढ़ आये जब रत्ना जी के द्वार, बोली धिक-धिक नाथ कियो हाड़-माँस से प्यारl करो प्रेम गर राम से हो जाओ भव पार, तुलसी ने उस दिन से ही मोड़ ली जीवन धारl … Read more