बनाओ सबको अपना मीत

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* जीवन है सबका संगीत, बनाओ सबको अपना मीत। बचपन कितना सुंदर होता, कल्मष कभी न मन में बोता। हर क्रीड़ा लगती है मानो, बन रहा कोई नया संगीत॥ जीवन है… जीवन को परमार्थ लगाओ, नैराश्य न मन में कभी लाओ। ईश चरण में ध्यान लगाकर, गाओ जीवन में मधुरिम गीत॥ … Read more

‘रणदेव’ को ‘विविधता में एकता राष्ट्रीय सम्मान’ १७ नवम्बर को

राजसमंद(राजस्थान)। मुंशी प्रेमचंद सम्मान से सम्मानित युवा कलमकार रणजीत सिंह चारण ‘रणदेव’ को १७ नवम्बर को जयपुर में एन. आर.बी. फाण्डेशन संस्था द्वारा आयोजित अंतराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन-२०१९ में ‘विविधता में एकता राष्ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। राजसमंद जिले के मुण्डकोसियाँ निवासी श्री चारण को इस सम्मान की सूचना संस्था की निदेशक डॉ. निशा माथुर … Read more

शब्द सृजन के लिए एनसीआर की २० कवयित्रियाँ सम्मानित

दिल्ली। ‘पेड़ों की छांव तले रचना पाठ’ की ६०वीं साहित्यिक गोष्ठी के अवसर पर ‘पर्यावरण व शब्द सृजन सम्मान-२०१९’ के लिये एनसीआर की २० कवयित्रियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान काव्य गोष्ठी भी हुई, जिसमें सुंदर रचनाएँ प्रस्तुत की गई। इस समारोह में ‘पेड़ों की छांव तले’ फाउंडेशन द्वारा स्थानीय पार्षद नीलम भारद्वाज को … Read more

लड़ते रहे शान्ति की लड़ाई

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- देदी हमें आजादी वो गुजरात का था लाल, लाठी-लंगोटी वाले ने ये कर दिया कमाल। खायी थी कितनी लाठियाँ और जेल भी गये, अरमान दिल के फिर भी मिटने नहीं दिये। किया असहयोग आंदोलन,नमक बना दिया, अंग्रेजों भारत छोड़ दो ये नारा सही दिया। हर काम में अंग्रेजों के … Read more

सुधारना होगा हमें अपनी व्यवस्था को

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** दिया जिन्होंने छोड़, अपने लोगों को तभी लड़खड़ाई हमारे देश की व्यवस्थाl मुझे लग रहा है कि, कहीं लुप्त न हो जाये हमारे देश की वो प्यारी संस्कृति, तभी पढ़े-लिखे लोग जा रहे विदेशों को। पढ़े-लिखे लोग बेच रहे हैं, देश में लाटरी के टिकेट। अनपढ़ लोग पढ़ा रहे हैं, बच्चों … Read more

दशहरा

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ रावण राज कब से कब तक, पुतले जलें। हँसा रावण अपनों की वृद्धि से, इस बार भी। विजयपर्व कब किस-किसका, रावण हँसे। वन में राम घर में कोहराम, कैसा उत्सव। मन का जले अगर रावण तो, हो दशहरा। पुतले जले हैं हँसते रावण, घर हमारे। गुण वृद्धि हम कर सकें … Read more

दोस्ती चेहरे की मीठी मुस्कान होती है

राजकुमार जैन ‘राजन’ आकोला (राजस्थान) ****************************************************** मनुष्य का जीवन संघर्षों से भरा पड़ा है। कदम-कदम पर अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए किसी मित्र,सहयोगी की आवश्यकता होती है। कहा जाता है कि दोस्ती शब्द ‘दो+हस्ती’ से बना है। अर्थात जब दो हस्ती,दो शक्ति मिलती है तब मित्रता होती है। दोस्ती होने का सीधा अभिप्रायः है कि … Read more

कोई जवाब दो

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** कहता नहीं हूँ मैं कभी दिल की किताब दो, लेकिन ख़तों का आज तो कोई जवाब दो। मैंने तुझे आँखों की है पुतली में रख लिया, मर्जी तेरी काँटा दो या चाहे गुलाब दो॥ परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं … Read more

चंद्रघंटा

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* चंद्रघंटा देवी माता सौम्य शांत रूप भाता अलौकिक स्वरूप है श्रद्धा से मनाइए॥ सिंह की सवारी करे हाथों में शस्त्रास्त्र धारे सिर अर्द्धचंद्र घंट स्वरूप निहारिए॥ स्वर्णिम रूप है प्यारा सारी दुनिया से न्यारा वरदान देती है माँ ज्योत को जलाइए॥ भक्तों को निर्भय करे दुष्टों का संहार करे करे … Read more

स्वच्छ भारत

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** भारत अपना स्वच्छ हो,करो सभी सहयोग। महके गुलशन देश यह,जन-गण रहे निरोग॥ बापू का सपना यही,पूरा करना आज। मिलकर कदम बढ़ा चलो,बने स्वच्छ यह राज॥ साफ-सफाई हाथ में,आओ लियो उठाय। सुन्दर भारत वर्ष अब,स्वर्ग यहाँ बन जाय॥ करो प्रतिज्ञा साथियों,मिलकर करना काम। भारत अपना स्वच्छ हो,ऐसा दो पैगाम॥ … Read more