सपनों का भारत हो साकार

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** दशहरे की आपको बहुत-बहुत बधाई, दशहरे की आपको बहुत बहुत बधाई मिठास आए जीवन में जैसे हो मिठाई, मिले साथ औरों का जैसे सगा भाई। दशहरे की आपको बहुत बहुत बधाई… हुआ है पदार्पण हमारी माता भवानी का, करें त्याग काम क्रोध लोभ कर्कश वाणी का करें आत्मसाथ … Read more

विदा करते वक्त अम्मा भी रोई थी…

गोलू सिंह रोहतास(बिहार) ************************************************************** जब लांघी थी घर की चौखट, मेरे घर की दहलीज़ भी रोई थी चुपके-चुपके झांकता था जहां से, उस दीवाल की खिड़की भी रोई थी जब चला था घर से शहर की ओर, मुझे विदा करते वक्त मेरी अम्मा भी रोई थी। मेरी आँखें भी डबडबा गईं, पर किसी तरह संभाला … Read more

बनकर जीयो राष्ट्र का

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** मन पावन सत्काम से,मनभावन हितकाम। त्याग न्याय सत्पारखी,हरि राम सुखधाम॥ रिश्ते-नाते स्वार्थ के,भौतिक मायाजाल। परहित मुख मुस्कान दो,अलबेला है काल॥ बनकर जीओ राष्ट्र का,सहभागी निर्माण। मातु-पिता सेवन करो,कर निर्बल कल्याण॥ सदाचार यायावरित,बनो रथी सच धीर। मातृभूमि सम्मान नित,कर सपूत बन वीर॥ शान्ति प्रीति पैगाम दो,पर जम़ीर हो चोट। … Read more

‘माटी’ बने अखिल भारतीय काव्य संसद के संरक्षक

पंडरिया(छत्तीसगढ़)।  साहित्य सृजन को ध्येय मानकर एवं इसे जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों के कवियों द्वारा मिलकर एक राष्ट्रीय संस्था के गठन विषय पर बैठक की गई। सुदूर निवासित कवियों से आनलाईन विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राष्ट्रीय बैठक आहूत हुई, जिसमें छत्तीसगढ़, उत्तराखंड,राजस्थान,मध्यप्रदेश,महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल,उत्तरप्रदेश,गुजरात और बिहार के साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। … Read more

शक्ति की महिमा

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** शक्ति की महिमा है अपार, सृष्टि का आधार है शक्ति ब्रहमाण्ड का प्रकाश है शक्ति, सूर्य की लालिमा है शक्तिl चन्द्रमा की शीतल छाया है शक्ति, तारों की छाँव है शक्ति प्रकृति की बहार है शक्ति, नदियों की धारा है शक्तिl सागर की लहर है शक्ति, परम प्रकाश का अमिट खजाना … Read more

चंदेलों की बेटी वीरांगना दुर्गावती रही वीरता का प्रतीक

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** दुर्गाष्टमी के शुभ अवसर पर ५ अक्टूबर १५२४ को चंदेल वंश में बांदा, कालांजार(उत्तर प्रदेश) में जन्मी वीरांगना दुर्गावती का विवाह गढ़ मंडला राजा संग्राम शाह के सबसे बड़े पुत्र दलपत शाह से हुआ था। विवाह के कुछ साल बाद ही दलपत शाह चल बसे। पुत्र वीरनारायण की अल्प आयु के … Read more

उफ्! ‘खुले में शौच से मुक्ति’ अभियान का जानलेवा मोड़…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** देश को खुले में शौच से मुक्त कराने का एक अच्छा अभियान ऐसा हिंसक मोड़ ले लेगा,शायद ही किसी ने सोचा हो। मध्यप्रदेश में इसी वजह से ३ लोग जानें गवां चुके हैं तो अब मनुष्य के साथ पशुओं के(खुले में)शौच को लेकर भी हिंसा शुरू हो गई है। शायद यही … Read more

गाँधी अब भी ज़िन्दा हैं

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** एक अच्छा विचार हैं गाँधी। सत अहिंसा का सार है गाँधी। उनके दम से हरा भरा भारत, इस चमन की बहार है गाँधी। बद सियासत के पार जा देखो, मुल्क भर का वक़ार हैं गाँधी। नफ़रतों के महल गिराने को, आज भी बे क़रार हैं गाँधी। युद्ध … Read more

नया बरगद,बूढ़े बाबा

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** “इसे ही ‘समय का फेर’ कहते हैं। आज मैं बेसहारा हूँ,लाचार हूँ,पर भगवन भक्ति से मुख नहीं मोड़ा है। यही कारण है कि मैं अपने वर्तमान को देख पा रहा हूँ। यहाँ बैठे-बैठे अपने साथ-साथ अतिथि भगवनों का भी पेट भर जाता है। समय-समय पर भक्ति-भजन और भंडारे का आयोजन … Read more

ऐसा मुझे वर दे

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हँसता हुआ मनभावन चेहरा। तू जग पाला तू ही सहारा। दुखियों के दुःख हरने वाली तू, अम्बे माँ…अम्बे माँ, ग़ौरी माँ…गौरी माँ। पहले मेरे दिल का तू अरमान सुन ले, काम क्रोध लोभ मोह,हटा दो सब झमेले। हे कालरात्रि…हे कालरात्रि,सिद्धीदात्री…सिद्धीदात्री, कर दे खुशहाल दुनिया। हँसता हुआ… आज़ मेरी रग-रग … Read more