मौन अभी रहना होगा

वन्दना शर्मा’वृन्दा’ अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** मचल रहे तूफान कई, पर मौन अभी रहना होगा। सुनकर सबकी बात नुकीली, मुस्कान अधर गहना होगा। अथक,अडिग,अबाध गति से, प्रवाह हीन बहना होगा। मचने दे नीरव प्रलय को, विकल निशा जगना होगा। अभी नहीं ऋतु अनुकूल, हाथ पर सरसों नहीं उगा करती। सुअवसर आने दे ‘वृन्दा’, काँपेगा अम्बर-धरती। तब … Read more

आजाद वतन

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** गाँधी जयंती विशेष………… कोटि-कोटि जन्मभूमि से, यह भारत देश न्यारा है। देश सदा स्वतन्त्र रहेगा, अब यह प्रण हमारा है॥ प्यारे-प्यारे फूल खिले हैं, हिन्दू मुस्लिम गले मिले हैं। एक धागे में गुँथे हुए, रंग-बिरंगे फूल मिले हैं॥ अनेक रंगों से सजे हुए, महामानव समुद्र हमारा है। देश … Read more

दृष्टि

ओमप्रकाश क्षत्रिय प्रकाश नीमच(मध्यप्रदेश) ************************************************ महात्मा गाँधी जयंती विशेष……… महात्मागांधी की मूर्ति के हाथ की लाठी टूटते ही मुँह पर अंगुली रखे हुए पहले बंदर ने अंगुली हटा कर दूसरे बंदर से कहा,-”अरे भाई ! सुन,अपने कान से अंगुली हटा दे।” उसका इशारा समझ कर दूसरे बंदर ने कान से अंगुली हटा कर कहा,-”भाई मैं बुरा … Read more

गाँधी व शास्त्री…कहाँ गए

गरिमा पंत  लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** गाँधी व शास्त्री तुम कहाँ गए, आज आपकी जरुरत फिर भारत माँ को है। हर तरफ अराजकता का बोलबाला है, आतंकवाद का बोलबाला है। न शांति है-न चैन है माँ के आँचल में, भारत माँ ढूंढ रही अपने सपूतों को गाँधी व शास्त्री आप फिर आ जाओ भारत में। आज आपका … Read more

नवरात्रि

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ देवी ही देवी, कल्याण है करती मन हो सच्चा। ज्ञानी गुणी हैं, मूढ़ भी बन जाते माँ की कृपा। करो याद तो, निर्भय कर देती हरे गरीबी। सिद्धि दायिनी, शक्ति समन्वय माँ कल्याणी। तुम प्रसन्न, दु:ख-दर्द न रहें धनी विपन्न। देवी अम्बिके, त्रय लोकेश्वरि माँ हम भजते। रोग नाशक, आश्रय … Read more

ब्रह्मचारिणी

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* ब्रह्मचारिणी देवी माँ, नवदुर्गा रूप है माँ भक्तों को वर देती माँ, भक्ति हमे दीजिये॥ जप माला दाएं हाथ, कमंडल बाएं हाथ करती है घोर तप, दर्शन तो दीजिये॥ माँ दुर्गा का दूजा रूप, साधारण है स्वरूप लगता है तेज पुंज, शक्ति हमें दीजिये॥ करे जो ध्यान इनका, होता उद्धार … Read more

‘साहित्य` एक कदम शुद्धता की ओर

गोलू सिंह रोहतास(बिहार) ************************************************************** सजग,सचेत,सावधान हूँ मैं, हौंसला,हिम्मत,हिंदुस्तान हूँ मैंl आँचल,घूँघट,परिधान हूँ मैं, कुटिया,झोपड़ी,मकान हूँ मैंl घर,आँगन,बागान हूँ मैं, किलकारी,हँसी,मुस्कान हूँ मैंl धरा,पाताल,आसमान हूँ मैं, संध्या,रात्रि,विहान हूँ मैंl प्रेम,मित्रता,प्राण हूँ मैं, त्याग,तपस्या,ज्ञान हूँ मैंl चरित्र,संपत्ति,जुबान हूँ मैं, शुद्ध,साहित्य,सम्मान हूँ मैंl भेष,भाषा,पहचान हूँ मैं, विचार,भाव,आदान-प्रदान हूँ मैंl स्वतंत्र,स्वदेशी,स्वाभिमान हूँ मैं, हिंद,हिंदी,हिंदुस्तान हूँ मैंl मैं साहित्य हूँ, … Read more

सरकारी एवं निजी विद्यालयों में हिन्दी-माध्यम से ही पढ़ाई होने दी जाए

उ.प्र. के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को केन्द्रीय हिन्दी समिति के सदस्य प्रो. गोस्वामी ने लिखा पत्र,जताया दु:ख सेवा में, दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग, नवीन भवन,उत्तर प्रदेश सचिवालय, लखनऊ–226001 (उ.प्र.) माननीय महोदय, यह जान कर अत्यंत दु:ख हुआ कि,उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने प्रदेश के प्राथमिक … Read more

कोई सिला न मिला…

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** क्या कहूँ, ज़िंदगी को वफाओं का कोई सिला न मिला। बेवफा दुनिया में, बेवफाई का सिलसिला ही मिला। तमाम उम्र भटकता रहा,खुशियों की तलाश में, अदाओं से रुसवा मंदिरों मस्जिदों की, दर-दीवारों खुद को खोजता किसी दुआ की आस में। अरमानों के आसमान में उड़ता, चाहत-जज्बों में मगर मंजूर … Read more

मेरी सखी

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) *********************************************** बेटे की शादी की तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई थी। घर मेहमानों से भरा हुआ था। सिर्फ दो दिन बचे थे। आज हल्दी थी,कल महिला संगीत होगा,और परसों शादी..कि अचानक दरवाजे से मेरे पति की आवाज आई.. “अरे देखो कौन आया है..?” मैंने बाहर जाकर देखा तो रेखा खड़ी थी।रेखा मेरी … Read more