मौन अभी रहना होगा
वन्दना शर्मा’वृन्दा’ अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** मचल रहे तूफान कई, पर मौन अभी रहना होगा। सुनकर सबकी बात नुकीली, मुस्कान अधर गहना होगा। अथक,अडिग,अबाध गति से, प्रवाह हीन बहना होगा। मचने दे नीरव प्रलय को, विकल निशा जगना होगा। अभी नहीं ऋतु अनुकूल, हाथ पर सरसों नहीं उगा करती। सुअवसर आने दे ‘वृन्दा’, काँपेगा अम्बर-धरती। तब … Read more