बेटी दो कुल का मान होती है
डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’ इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ************************************************************** परी जैसी सलोनी-सी बड़ी नादान होती है, चले आँगन में जब बेटी वो घर की शान होती है। विधाता की अलौकिक शक्ति का वरदान है बेटी, जनम लेती है जिस घर में वहाँ मेहमान होती है॥ कभी गुड़िया से गुड्डा की जो ख़ुद शादी रचाती थी, कभी जो … Read more