बेटी दो कुल का मान होती है

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’  इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ************************************************************** परी जैसी सलोनी-सी बड़ी नादान होती है, चले आँगन में जब बेटी वो घर की शान होती है। विधाता की अलौकिक शक्ति का वरदान है बेटी, जनम लेती है जिस घर में वहाँ मेहमान होती है॥ कभी गुड़िया से गुड्डा की जो ख़ुद शादी रचाती थी, कभी जो … Read more

मन मेरा भी नहीं,मन तेरा भी नहीं

गोलू सिंह रोहतास(बिहार) ************************************************************** मन मेरा भी नहीं,मन तेरा भी नहीं, अब तो बस दोनों ओर से बहानों के तीर चलते हैंl आज भी कभी तन्हाइयों में सुगबुगाहट होती है, दिलों से होकर यादों के पीर चलते हैंl कल संग थे,बहुत खुश थे, आज अकेले हैं,होकर गंभीर चलते हैंl चलो,सीख लिया बहुत कुछ,हम सबने छोड़ … Read more

परिचर्चा में साहित्यकार आरती ‘प्रियदर्शिनी’ सम्मानित

गोरखपुर(उत्तर प्रदेश)l पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा मनाए जा रहे ‘राजभाषा पखवाड़ा समारोह २०१९’ के अंतर्गत विशेष हिंदी कार्यशाला,स्वास्थ्य परिचर्चा एवं कवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती का आयोजन निर्माण संगठन कार्यालय के सभाकक्ष में किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कमलाशिनी तिवारी (राजभाषा अधिकारी ,निर्माण) ने किया। अखिलेश कुमार सिंह (मुख्य अभियंता निर्माण,पश्चिम) ने स्वागत संबोधन … Read more

स्वरोजगार तुमको ढूंढना है

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** ऐसा रोजगार नहीं चाहिए, जिसमें राजनीति की बू आती है। घूसखोर जिसमें पैसा लेते हैं, और डिग्रीयां देखी नहीं जाती हैं। पैसों की शान-शौकत से वह, रोजगार तो हासिल कर लेते हैं। समाज में दिशा नहीं दे पाते वह, समाज में बदनाम हो जाते हैं। गरीब घर के हैं … Read more

मेरे लिए जीना है तुझे

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** काँटों में रहकर गुलाब की तरह मुस्कुराना है तुझे…, आसमां में रहकर सूरज की तरह चमचमाना है तुझे…l सुरों में रहकर सरगम की तरह गुनगुनाना है तुझे…, रंगों में रहकर रंगोली की तरह जगमगाना है तुझे…l अंधेरे को चीरकर दीपक की तरह झिलमिलाना है तुझे…, मुश्किलें जीतकर विजेता की … Read more

जिंदगी

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* हमसे है जिंदगी, जिंदगी से हम नहीं। मिली है तो ये किसी, दुआ से कम नहीं। कभी ख्वाब दिखाती, ये मगरूर जिंदगी। कभी रुख पे घटा बन के, लहराती जिंदगी। कभी शामों-सहर बैठकर, रोयी ये जिंदगी। कहीं चोट कर गई, दिल पे ये जिंदगी। फिर भी उम्मीद की लौ, … Read more

रामराज्य समरस वतन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** कौशलेय प्रिय जानकी,रघुनन्दन सुखधाम। करें लोक कल्याण नित,शरणागत श्रीराम॥ कमलनयन मन दाशरथि,सीतायन आलोक। जगत रोग छल पाप प्रभु,करो मुक्त हर शोक॥ सकल विश्व संताप को,भय दारुण आतंक। हरो नाथ रघुवर प्रभो,प्रमुदित जग बिन रंक॥ नैतिकता अनुलेप से,मानवता अभिषेक। प्रगति प्रीति सच पथ प्रभो,राष्ट्र रहे नित एक॥ रामराज्य समरस … Read more

मुझसा नहीं मिलेगा

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** यादों को मेरी तुम गये क्यूँ भूल साथिया, तेरे कदम का था नहीं मैं धूल साथिया, ले के चिराग ढूँढना सारे जहान में- मुझसा नहीं मिलेगा तुझे फूल साथिया। परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म स्थान ग्राम महेशपुर,कुशीनगर(उत्तर प्रदेश)है। … Read more

न्यायकर्ता

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** न्याय,अन्याय के खिलाफ होता है, अगर अन्याय अपराध हो तो अपराध का दंड होता है। और अपराध का दंड नहीं हो तो, अन्याय की पुनरावृत्ति होती है। जो भी पंच और न्यायकर्ता, अपना कर्तव्य पालन करता और ईश्वर रूप धारण कर निष्पक्ष न्याय करता है। वो पंच परमेश्वर का आकार बन, … Read more

नया समाज

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** जब जब नव विचार आता है। तभी समाज अभय गाता है ॥ नव जीवन उमंग जब भरते। नए विचार समाज विरचते॥ भाव विचार यथा मन चलते। परिवर्तन के लिए मचलते॥ आती गति विकास की मन में। वही निखरती परिवर्तन में॥ अच्छा सोचे भला विचारें। भली सोच समुदाय निखारें॥ जनहित भाव … Read more